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Rishikesh News: ठेका हटे बिना नहीं उठेंगे, ग्रामीणों का अनिश्चितकालीन धरना जारी
संवाद न्यूज एजेंसी, ऋषिकेश
Updated Wed, 17 Jun 2026 01:53 AM IST
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लक्ष्मणझूला-नीलकंठ मोटर मार्ग पर स्थित गरुड़चट्टी में चल रहे अंग्रेजी शराब के ठेके को हटाने की मांग को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल के कार्यकर्ताओं और पटना गांव के ग्रामीणों का धरना मंगलवार को भी जारी रहा। आंदोलनकारियों ने साफ कहा कि ठेका हटे बिना हम यहां से नहीं उठेंगे।
गरुड़चट्टी ठेका परिसर में धरने पर बैठे यूकेडी केंद्रीय कार्यकारी आईटी प्रकोष्ठ अध्यक्ष संजय सिलस्वाल और ग्राम पंचायत पटना की प्रधान सपना भंडारी ने प्रशासन पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यमकेश्वर तहसील प्रशासन ने नीलकंठ मोटर मार्ग पर करीब 20 साल से स्वरोजगार कर रहे स्थानीय लोगों के अस्थायी निर्माण अतिक्रमण बताकर तोड़ दिए, पर गरुड़चट्टी में गंगा की तलहटी पर चल रहा शराब ठेका वैध कैसे है।
संजय सिलस्वाल ने दावा किया कि जिस भूमि पर ठेका खड़ा है, वह भी अतिक्रमित है। पौड़ी प्रशासन के दस्तावेजों में खाता संख्या और खतौनी संख्या ही गलत दर्ज हैं। यूकेडी केंद्रीय संयुक्त सचिव सुदेश भट्ट ने कहा कि प्रशासन ने ठेका रत्तापानी के नाम पर आवंटित किया है, जबकि हकीकत में वह गरुड़चट्टी में गंगा के किनारे संचालित हो रहा है।
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उन्होंने मांग की कि जब तक दस्तावेजों की गहन जांच न हो जाए, ठेके में शराब की बिक्री पर तुरंत रोक लगाई जाए। यूकेडी के वरिष्ठ नेता दिनेश मास्टर ने कहा कि यह तीर्थ क्षेत्र है। नीलकंठ यात्रा मार्ग पर शराब की दुकान धार्मिक भावनाओं और पर्यावरण दोनों के लिए घातक है। ठेका हटे बिना हम यहां से नहीं उठेंगे। इस मौके पर यूकेडी जिला संगठन मंत्री यमकेश्वर राहुल रावत, जिला पंचायत भादसी प्रतिनिधि उपेंद्र पयाल, प्रवीण रतूड़ी, मुकेश नेगी, शीतल नेगी, कमला देवी, सोहन सिंह भंडारी आदि मौजूद रहे।
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नगर पंचायत भी भेज चुकी है नोटिस
नगर पंचायत स्वर्गाश्रम-जौंक के वार्ड नंबर एक सभासद प्रतिनिधि विकास भंडारी ने बताया कि गरुड़चट्टी निकाय सीमा के अंतर्गत आती है। ठेका संचालक ने यहां दुकान खोलने के लिए नगर पंचायत से कोई एनओसी नहीं ली है। नियम उल्लंघन पर निकाय प्रशासन ठेका संचालक को कई बार नोटिस भेज चुका है, लेकिन अब तक ठेका बंद नहीं हुआ।
गरुड़चट्टी ठेका परिसर में धरने पर बैठे यूकेडी केंद्रीय कार्यकारी आईटी प्रकोष्ठ अध्यक्ष संजय सिलस्वाल और ग्राम पंचायत पटना की प्रधान सपना भंडारी ने प्रशासन पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यमकेश्वर तहसील प्रशासन ने नीलकंठ मोटर मार्ग पर करीब 20 साल से स्वरोजगार कर रहे स्थानीय लोगों के अस्थायी निर्माण अतिक्रमण बताकर तोड़ दिए, पर गरुड़चट्टी में गंगा की तलहटी पर चल रहा शराब ठेका वैध कैसे है।
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संजय सिलस्वाल ने दावा किया कि जिस भूमि पर ठेका खड़ा है, वह भी अतिक्रमित है। पौड़ी प्रशासन के दस्तावेजों में खाता संख्या और खतौनी संख्या ही गलत दर्ज हैं। यूकेडी केंद्रीय संयुक्त सचिव सुदेश भट्ट ने कहा कि प्रशासन ने ठेका रत्तापानी के नाम पर आवंटित किया है, जबकि हकीकत में वह गरुड़चट्टी में गंगा के किनारे संचालित हो रहा है।
उन्होंने मांग की कि जब तक दस्तावेजों की गहन जांच न हो जाए, ठेके में शराब की बिक्री पर तुरंत रोक लगाई जाए। यूकेडी के वरिष्ठ नेता दिनेश मास्टर ने कहा कि यह तीर्थ क्षेत्र है। नीलकंठ यात्रा मार्ग पर शराब की दुकान धार्मिक भावनाओं और पर्यावरण दोनों के लिए घातक है। ठेका हटे बिना हम यहां से नहीं उठेंगे। इस मौके पर यूकेडी जिला संगठन मंत्री यमकेश्वर राहुल रावत, जिला पंचायत भादसी प्रतिनिधि उपेंद्र पयाल, प्रवीण रतूड़ी, मुकेश नेगी, शीतल नेगी, कमला देवी, सोहन सिंह भंडारी आदि मौजूद रहे।
नगर पंचायत भी भेज चुकी है नोटिस
नगर पंचायत स्वर्गाश्रम-जौंक के वार्ड नंबर एक सभासद प्रतिनिधि विकास भंडारी ने बताया कि गरुड़चट्टी निकाय सीमा के अंतर्गत आती है। ठेका संचालक ने यहां दुकान खोलने के लिए नगर पंचायत से कोई एनओसी नहीं ली है। नियम उल्लंघन पर निकाय प्रशासन ठेका संचालक को कई बार नोटिस भेज चुका है, लेकिन अब तक ठेका बंद नहीं हुआ।