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Roorkee News: विकास कार्यों में धांधली और कब्जे का आरोप
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तहसील दिवस पर नारसन विकासखंड के झबीरन जट्ट के ग्रामीणों ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट को शिकायतपत्र सौंपकर गांव में सरकारी बजट के दुरुपयोग और अतिक्रमण की उच्च स्तरीय जांच करने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में विकास कार्यों के नाम पर धांधली हुई है और सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे किए जा रहे हैं।
ग्रामीणों ने प्रार्थना पत्र में ग्राम प्रधान पर आरोप लगाया कि गांव में सरकारी बजट का सही उपयोग नहीं हुआ है और बजट की बंदरबांट की गई है। प्रधान की मिलीभगत से सम्मन कटोरी तालाब और बंजर भूमि पर अवैध निर्माण किया जा रहा है। साथ ही तालाब के रास्ते पर अतिक्रमण कर अवैध रूप से मोबाइल टावर लगाने का भी आरोप है।
ग्रामीणों का आरोप है कि मनरेगा के अंतर्गत पात्र लोगों के बजाय अपात्र लोगों को वित्तीय सहायता दिलाने का काम किया गया है। गांव के सरकारी स्कूल की भूमि पर बिना भूमि प्रबंधक समिति की अनुमति के अवैध निर्माण कराया गया है। आरोप है कि प्रधान ने अपने निजी स्वार्थ के लिए और अपने संबंधियों के घरों के सामने व्यक्तिगत रूप से सड़क का निर्माण कराया है।
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ग्रामीणों का कहना है कि यह उनकी पहली शिकायत नहीं है। इससे पूर्व भी वे 20 मार्च, सात अप्रैल और 5 मई 2026 को तहसील दिवस में शिकायत दर्ज करा चुके हैं लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
सभी निर्माण कार्य नियमानुसार कराए गए हैं। ग्रामीणों की ओर से लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। पूर्व में 22 मार्च 2026 को हुई जांच में यह साबित हो चुका है। उसके बाद भी अगर अधिकारियों की ओर से दोबारा जांच कराई गई तो मैं जांच में पूरा सहयोग करूंगी। -सारिका, ग्राम प्रधान, झबीरण जट्ट, विकासखंड नारसन
ग्रामीणों ने प्रार्थना पत्र में ग्राम प्रधान पर आरोप लगाया कि गांव में सरकारी बजट का सही उपयोग नहीं हुआ है और बजट की बंदरबांट की गई है। प्रधान की मिलीभगत से सम्मन कटोरी तालाब और बंजर भूमि पर अवैध निर्माण किया जा रहा है। साथ ही तालाब के रास्ते पर अतिक्रमण कर अवैध रूप से मोबाइल टावर लगाने का भी आरोप है।
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ग्रामीणों का आरोप है कि मनरेगा के अंतर्गत पात्र लोगों के बजाय अपात्र लोगों को वित्तीय सहायता दिलाने का काम किया गया है। गांव के सरकारी स्कूल की भूमि पर बिना भूमि प्रबंधक समिति की अनुमति के अवैध निर्माण कराया गया है। आरोप है कि प्रधान ने अपने निजी स्वार्थ के लिए और अपने संबंधियों के घरों के सामने व्यक्तिगत रूप से सड़क का निर्माण कराया है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह उनकी पहली शिकायत नहीं है। इससे पूर्व भी वे 20 मार्च, सात अप्रैल और 5 मई 2026 को तहसील दिवस में शिकायत दर्ज करा चुके हैं लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
सभी निर्माण कार्य नियमानुसार कराए गए हैं। ग्रामीणों की ओर से लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। पूर्व में 22 मार्च 2026 को हुई जांच में यह साबित हो चुका है। उसके बाद भी अगर अधिकारियों की ओर से दोबारा जांच कराई गई तो मैं जांच में पूरा सहयोग करूंगी। -सारिका, ग्राम प्रधान, झबीरण जट्ट, विकासखंड नारसन