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Roorkee News: मानसून की पहली बारिश ने खोली जलनिकासी व्यवस्था की पोल

Wed, 01 Jul 2026 06:40 PM IST
देहरादून ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रुड़की
संवाद न्यूज एजेंसी, रुड़की Updated Wed, 01 Jul 2026 06:40 PM IST
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The first monsoon rains have exposed the flaws in the drainage system
मानसून की पहली बारिश: शहर से देहात तक जलभराव ने खोली पोल
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रुड़की। मानसून की पहली बारिश ने ही शहर से देहात तक दावों और अव्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। बारिश ने गर्मी से तो राहत दी लेकिन जलभराव ने लोगाें के सामने भारी मुसीबत खड़ी कर दी।
शहर के सलेमपुर राजपुतान में लेबर चौक रोड पूरी तरह पानी में जलमग्न हो गई, इसके अलावा अन्य मार्ग भी पानी से लबालब हो गए। यही नहीं कई गलियों पूर्ण रूप से पानी भर जाने के कारण लोग घरों में कैद हो गए। इस समस्या पर पार्षद प्रतिनिधि मुकेश सैनी, पार्षद पंकज सतीजा, चारू चंद्र, सूरज नेगी आदि ने नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल को ज्ञापन सौंपा। वहीं एक दिन पहले सोनू कश्यप और अन्य लोगों ने भी मेयर और नगर आयुक्त से मिलकर सड़क निर्माण और जल निकासी की मांग की थी। इसके अलावा कृष्णानगर के विभिन्न इलाकों में भारी जलभराव हुआ। इसके चलते लोगों को डर सताने लगा है कि पहली बारिश में यह हाल है तो आगे और भी बुरे हालात सहने पड़ेंगे।
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लक्सर में नाले-नालियों की बेहतर सफाई के दावे नहीं आए काम
लक्सर। मानसून की पहली बारिश ने एक बार फिर नगर में जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। नगर के मुख्य मार्ग सहित निचले इलाकों में कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी रही। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। नगर पालिका प्रशासन की ओर से बरसात से पहले नाले - नालियों की सफाई कराकर जलनिकासी व्यवस्था के बेहतर होने के दावे किए गए थे लेकिन बुधवार को मानसून की पहल बारिश में ही नगर में कई स्थानों पर जलभराव की समस्या से लोगों को परेशान होना पड़ा। नगर में रेल ओवर ब्रिज के दोनों ओर बनी सड़क के अलावा ब्लाॅक मुख्यालय के समीप, लक्सर गांव, लोको कालोनी सहित निचले स्थानों पर कई जगह जलभराव की स्थिति बनी रही। इससे राहगीरों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह के समय हुई सामान्य बारिश में ही कई जगहों पर निकासी नालियां जलमग्न नजर आईं। स्थानीय निवासी प्रवीण, राकेश, अक्षय, कृष्णा ने बताया कि जलभराव से परेशानी का सामना करना पड़ा। बरसात के दौरान जलभराव की समस्या न हो इसके लिए पालिका प्रशासन को अभी से ठोस कदम उठाने होंगे।
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मगलौर: पहली ही बारिश ने खोली प्रशासन की पोल

मंगलौर। जुलाई की मूसलाधार बारिश ने शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में जलभराव की गंभीर समस्या खड़ी कर दी। शहर के मोहल्ला टोली और पठानपुरा की मुख्य सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं, जिससे लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि नगर पालिका द्वारा लाखों रुपये की लागत से खरीदे गए पंपिंग सेट पहली ही बारिश में नदारद रहे और पिछले एक सप्ताह से बंद पड़ी मोटरों को भी चालू नहीं कराया गया। वहीं, जल निकासी के लिए पाइपलाइन बिछाने का प्रस्ताव अब भी फाइलों में लंबित है। उधर, नारसन खुर्द गांव में समय पर नालों की सफाई न होने से गलियां और रास्ते जलमग्न हो गए। नाले चोक होने के कारण गंदा पानी घरों तक पहुंच गया, जिससे आवागमन बाधित होने के साथ बीमारियां फैलने का खतरा भी बढ़ गया। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात से पहले कई बार शिकायत के बावजूद अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। स्थानीय निवासी भूपेंद्र सिंह और चौधरी कुलबीर सिंह ने आरोप लगाया कि हर साल यही स्थिति बनती है, लेकिन प्रशासन स्थायी समाधान के बजाय केवल खानापूर्ति करता है।
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कोट -
मानसून की पहली बारिश अधिक होने के कारण जलभराव की समस्या आई है। हमने संबंधित कर्मचारियों को निर्देश दे दिए हैं कि वे मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लें और तुरंत जल निकासी सुनिश्चित करें। जो पंपिंग सेट खराब हैं या जो मोटर बंद हैं, उन्हें आज शाम तक सुचारू करवा दिया जाएगा। पाइप लाइन का प्रस्ताव उच्च अधिकारियों के पास विचाराधीन है, जल्द ही उस पर काम शुरू होगा।
-- उत्तम सिंह नेगी, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद मंगलौर।

मैं लगातार जल निकासी की समस्या को लेकर पालिका प्रशासन को पत्र लिख रही हूं। पठानपुरा और टोली मोहल्ले की स्थिति अत्यंत दयनीय है।समाधान नहीं हुआ तो जनता के साथ मिलकर आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
-- गुलिस्ता प्रवीन, सभासद वार्ड नंबर 19, टोली, मंगलौर

पालिका ने जो पंपिंग सेट खरीदे थे, वे आज के समय में नदारद हैं, यह घोर लापरवाही है। फाइलें दबाने से काम नहीं चलेगा, मौके पर धरातल पर काम दिखना चाहिए।
-- इमराना, सभासद वार्ड नंबर 05 पठानपुरा, मंगलौर
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नालों की सफाई के लिए बजट की मांग की गई थी। लेकिन बजट नहीं मिलने से नालों की सफाई नहीं हो पाई जिससे ग्रामीणों को जलभराव से परेशानी हो रही हैं। ग्रामीणों को हो रही असुविधा का हमें खेद है। प्राथमिकता के आधार पर जल निकासी के लिए मशीनों को काम पर लगा दिया गया है, जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी।

-- सोनिया, ग्राम प्रधान, नारसन खुर्द

गांव में जलभराव की सूचना मिली है। तत्काल प्रभाव से पंचायत सचिव को मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लेने और नालों को खुलवाने के निर्देश दे दिए गए हैं।
-- पवन सैनी, खंड विकास अधिकारी नारसन
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धरती की प्यास बुझी, किसानों के चेहरे खिले
झबरेड़ा/नारसन। मानसून की पहली बारिश होने से किसानों के चेहरे खिल उठे। गन्ने की फसल की सिंचाई में किसानों को भारी मशक्कत करनी पड़ रही थी। किसान मानसूनी की 15 जून से बाट जोह रहे थे क्योंकि नलकूपों की सिंचाई से फसलों को पानी की पर्याप्त मात्रा नहीं मिल पा रही थी। बुधवार की सुबह बारिश होने से गन्ना उत्पादकों की फसल को लाभ हुआ है। वहीं, धान की रोपाई के कार्य में भी तेजी आ गई। इसी के साथ आम के बागों को भी बारिश से फायदा हुआ है। बाग ठेकेदार कल्लू, मुस्तकीम व सतीश कुमार आदि ने बताया कि बारिश होने से आम पेड़ की शाखा पर ही पकना शुरू हो जाएगा। डाल वाले आम की बहार मानसून की बारिश के बाद ही शुरू होती है इनमें कोई रसायन नहीं लगाया जाता है। उधर, नारसन के सुमित, भूरा,सोनू,वसीम, लियाकत आदि किसानों का कहना है कि यह समय धान की नर्सरी लगाने और खेतों को तैयार करने के लिए सबसे उपयुक्त है। गर्मी के कारण गन्ने की फसल और मौसमी सब्जियां मुरझा रही थीं। इस बारिश ने फसलों को झुलसने से बचा लिया है। अब किसानों को महंगे डीजल और ट्यूबवेल के पानी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
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