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Rudraprayag News: मयाली-गुप्तकाशी मार्ग में सुविधाओं का अभाव
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
Updated Sat, 07 Mar 2026 07:55 PM IST
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- उपेक्षा के कारण स्थानीय लोगों ने खोला मोर्चा
जखोली। वर्ष 2013 की केदारनाथ आपदा के दौरान यात्रियों के लिए जीवनरेखा बने मयाली–गुप्तकाशी मोटर मार्ग पर आज भी पेयजल और सार्वजनिक शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। इससे नाराज स्थानीय लोगों ने संघर्ष समिति बनाकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन इस मार्ग की सुध केवल तब लेता है जब मुख्य राजमार्ग बांसवाड़ा जैसे संवेदनशील स्थानों पर भूस्खलन के कारण बंद हो जाता है। ऐसे समय में हजारों वाहन इसी मार्ग से डायवर्ट किए जाते हैं, लेकिन सुविधाओं के अभाव में यात्रियों और स्थानीय लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। क्षेत्र के कई युवा होटल, ढाबा और पर्यटन व्यवसाय से रोजगार की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन आधारभूत सुविधाओं की कमी के कारण पर्यटन प्रभावित हो रहा है और पलायन बढ़ रहा है। इस मांग के लिए भाजपा मीडिया सह प्रभारी कमलेश उनियाल ने हस्ताक्षर अभियान चलाकर करीब सात हजार लोगों के हस्ताक्षर मुख्यमंत्री को भेजे और मार्ग को वैकल्पिक मुख्य मार्ग घोषित करने की मांग की है। संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मार्ग के विकास और आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
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जखोली। वर्ष 2013 की केदारनाथ आपदा के दौरान यात्रियों के लिए जीवनरेखा बने मयाली–गुप्तकाशी मोटर मार्ग पर आज भी पेयजल और सार्वजनिक शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। इससे नाराज स्थानीय लोगों ने संघर्ष समिति बनाकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन इस मार्ग की सुध केवल तब लेता है जब मुख्य राजमार्ग बांसवाड़ा जैसे संवेदनशील स्थानों पर भूस्खलन के कारण बंद हो जाता है। ऐसे समय में हजारों वाहन इसी मार्ग से डायवर्ट किए जाते हैं, लेकिन सुविधाओं के अभाव में यात्रियों और स्थानीय लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। क्षेत्र के कई युवा होटल, ढाबा और पर्यटन व्यवसाय से रोजगार की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन आधारभूत सुविधाओं की कमी के कारण पर्यटन प्रभावित हो रहा है और पलायन बढ़ रहा है। इस मांग के लिए भाजपा मीडिया सह प्रभारी कमलेश उनियाल ने हस्ताक्षर अभियान चलाकर करीब सात हजार लोगों के हस्ताक्षर मुख्यमंत्री को भेजे और मार्ग को वैकल्पिक मुख्य मार्ग घोषित करने की मांग की है। संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मार्ग के विकास और आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।