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Rudraprayag News: स्कूल जाते बच्चों पर झपट रहे बंदर
Fri, 03 Jul 2026 04:13 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
Updated Fri, 03 Jul 2026 04:13 PM IST
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अगस्त्यमुनि। नगर पंचायत क्षेत्र में सिल्ली सेरा में बंदरों का उत्पात लगातार बढ़ता जा रहा है। बंदरों के कारण स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और बाजार आने-जाने वाले लोगों में भय का माहौल है। बंदरों के आक्रामक व्यवहार के कारण लोगों को रोजमर्रा के कार्यों के लिए मुख्य बाजार तक पहुंचने में डर लग रहा है।
स्थानीय जसोदा देवी ने बताया कि उनके बच्चे अगस्त्यमुनि के विद्यालय में पढ़ते हैं। स्कूल आते-जाते समय बंदर बच्चों के पीछे काटने दौड़ पड़ते हैं। अस्पताल, कॉलेज, बैंक और अन्य जरूरी कार्यों के लिए मुख्य बाजार जाना पड़ता है लेकिन रास्ते में बंदरों के झुंड लोगों पर झपट रहे हैं। सुशील गोस्वामी का कहना है कि बंदर अब खेतों में खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। वहीं वन क्षेत्राधिकारी एचएस रावत ने बताया कि कई बार यात्री रास्तों में खाद्य सामग्री छोड़ देते हैं। इसके अलावा विद्यालयों के मिड-डे मील का बचा हुआ भोजन भी बंदरों को आकर्षित करता है। उन्होंने कहा कि जैसे ही बंदर रेस्क्यू टीम उपलब्ध होगी प्रभावित क्षेत्र में भेज दी जाएगी। उन्होंने लोगों से बंदरों को भोजन न देने और न ही खुले में खाद्य सामग्री छोड़ने की अपील की। संवाद
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अगस्त्यमुनि। नगर पंचायत क्षेत्र में सिल्ली सेरा में बंदरों का उत्पात लगातार बढ़ता जा रहा है। बंदरों के कारण स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और बाजार आने-जाने वाले लोगों में भय का माहौल है। बंदरों के आक्रामक व्यवहार के कारण लोगों को रोजमर्रा के कार्यों के लिए मुख्य बाजार तक पहुंचने में डर लग रहा है।
स्थानीय जसोदा देवी ने बताया कि उनके बच्चे अगस्त्यमुनि के विद्यालय में पढ़ते हैं। स्कूल आते-जाते समय बंदर बच्चों के पीछे काटने दौड़ पड़ते हैं। अस्पताल, कॉलेज, बैंक और अन्य जरूरी कार्यों के लिए मुख्य बाजार जाना पड़ता है लेकिन रास्ते में बंदरों के झुंड लोगों पर झपट रहे हैं। सुशील गोस्वामी का कहना है कि बंदर अब खेतों में खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। वहीं वन क्षेत्राधिकारी एचएस रावत ने बताया कि कई बार यात्री रास्तों में खाद्य सामग्री छोड़ देते हैं। इसके अलावा विद्यालयों के मिड-डे मील का बचा हुआ भोजन भी बंदरों को आकर्षित करता है। उन्होंने कहा कि जैसे ही बंदर रेस्क्यू टीम उपलब्ध होगी प्रभावित क्षेत्र में भेज दी जाएगी। उन्होंने लोगों से बंदरों को भोजन न देने और न ही खुले में खाद्य सामग्री छोड़ने की अपील की। संवाद
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