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Rudraprayag News: ट्रंचिंग ग्राउंड कूड़ा प्रबंधन की जगह बन रहा अपशिष्ट सृजन का केंद्र
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्र प्रयाग
Updated Sat, 07 Mar 2026 08:07 PM IST
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ट्रंचिंग ग्राउंड कूड़ा प्रबंधन की जगह बन रहा अपशिष्ट सृजन का केंद्र
रुद्रप्रयाग। तिलवाड़ा-चोपता-बावई मोटर मार्ग पर नगर पंचायत तिलवाड़ा का कूड़ा ट्रेचिंग ग्राउंड कूड़ा प्रबंधन की जगह कूड़ा सृजन का केंद्र बनता जा रहा है। ट्रंचिंग ग्राउंड की बदहाल स्थिति के कारण यहां रखे जाने वाले कूड़े पर गिद्धों, बंदरों व जंगली जानवरों के झुंड मंडरा रहे हैं। ऐसे में न सिर्फ जंगली जानवरों का आकर्षण इस ट्रेचिंग ग्राउंड की तरफ बढ़ गया है, वहीं आसपास के लोगों को जंगली जानवरों का डर भी सता रहा है। हालत ऐसे हैं कि जिस स्थान को कूड़ा प्रबंधन का केंद्र होना था वह खुद प्रदूषण का केंद्र बनता जा रहा है। वहीं इसके जर्जर हालात नगर पंचायत की कूड़ा प्रबंधन नीति पर भी सवालिया निशान खड़े कर रहा है।
इधर, इन्हीं गंभीर हालातों के कारण अब स्थानीय लोग भी नाराजगी व्यक्त कर इसका विरोध करने लगे हैं। अगस्त्य ऋषि पंचकोटी मंदिर समिति के अध्यक्ष शक्ति सिंह बर्तवाल ने इसे सरासर गलत करार देते हुए कूड़े के वैज्ञानिक निस्तारण की मांग उठाई है।
उन्होंने कहा कि जंगल क्षेत्र में खुले रूप में कूड़ा फेंकना पर्यावरण और जनसुरक्षा दोनों के लिए घातक है। कूड़े की वजह से बंदर, भालू और गुलदार जैसे जंगली जानवर आबादी की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं बढ़ रही हैं। उदय प्रताप सिंह बर्तवाल, मयंक व अन्य स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल प्रभाव से कूड़ा हटाकर उचित निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
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रुद्रप्रयाग। तिलवाड़ा-चोपता-बावई मोटर मार्ग पर नगर पंचायत तिलवाड़ा का कूड़ा ट्रेचिंग ग्राउंड कूड़ा प्रबंधन की जगह कूड़ा सृजन का केंद्र बनता जा रहा है। ट्रंचिंग ग्राउंड की बदहाल स्थिति के कारण यहां रखे जाने वाले कूड़े पर गिद्धों, बंदरों व जंगली जानवरों के झुंड मंडरा रहे हैं। ऐसे में न सिर्फ जंगली जानवरों का आकर्षण इस ट्रेचिंग ग्राउंड की तरफ बढ़ गया है, वहीं आसपास के लोगों को जंगली जानवरों का डर भी सता रहा है। हालत ऐसे हैं कि जिस स्थान को कूड़ा प्रबंधन का केंद्र होना था वह खुद प्रदूषण का केंद्र बनता जा रहा है। वहीं इसके जर्जर हालात नगर पंचायत की कूड़ा प्रबंधन नीति पर भी सवालिया निशान खड़े कर रहा है।
इधर, इन्हीं गंभीर हालातों के कारण अब स्थानीय लोग भी नाराजगी व्यक्त कर इसका विरोध करने लगे हैं। अगस्त्य ऋषि पंचकोटी मंदिर समिति के अध्यक्ष शक्ति सिंह बर्तवाल ने इसे सरासर गलत करार देते हुए कूड़े के वैज्ञानिक निस्तारण की मांग उठाई है।
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उन्होंने कहा कि जंगल क्षेत्र में खुले रूप में कूड़ा फेंकना पर्यावरण और जनसुरक्षा दोनों के लिए घातक है। कूड़े की वजह से बंदर, भालू और गुलदार जैसे जंगली जानवर आबादी की ओर आकर्षित हो रहे हैं, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं बढ़ रही हैं। उदय प्रताप सिंह बर्तवाल, मयंक व अन्य स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल प्रभाव से कूड़ा हटाकर उचित निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।