{"_id":"6a1ecbe0573bc7ea53082bdd","slug":"arakot-village-also-participated-in-the-liquor-ban-campaign-tehri-news-c-50-1-sdrn1018-119283-2026-06-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Tehri News: शराबबंदी मुहिम में आराकोट गांव भी हुआ शामिल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Tehri News: शराबबंदी मुहिम में आराकोट गांव भी हुआ शामिल
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Tue, 02 Jun 2026 05:56 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
समाज सुधार समिति की अध्यक्ष बनी गीता, सावित्री सचिव बनी
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा(टिहरी)। आराकोट गांव में भी सार्वजनिक कार्यक्रमों में शराब पिलाने की प्रथा बंद करने का निर्णय लिया है। पंचायत के इस फैसले के बाद अब गांव में शादी आदि किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में शराब को प्रतिबंधित कर दिया गया। गांव में डीजे के लिए भी समय सीमा तय कर दी गई है। पंचायत के फैसले का उल्लंघन करने वाले पर अर्थदंड लगाया जाएगा।
आराकोट गांव की प्रधान रामेश्वरी देवी की अध्यक्षता में हुई बैठक में उपस्थित लोगों ने समाज में नशे की प्रवृति बढ़ने पर चिंता जताई। सर्वसम्मत से निर्णय लिया गया, कि विवाह और अन्य किसी मांगलिक कार्यक्रमों में कोई भी शराब नहीं परोसेगा। डीजे रात 12 बजे तक ही संचालित किया जाएगा। शराब पीकर हुड़दंग मचाने वालों के खिलाफ भी सामाजिक कार्यवाही की जाएगी। ग्राम सुधार समिति का गठन करते हुए गीता देवी को अध्यक्ष, हुकम सिंह रावत को उपाध्यक्ष, सावित्री देवी सचिव, सुशीला देवी सह सचिव और पूरण चंद को कोषाध्यक्ष चुना गया। कृष्णा देवी, रीता देवी, सुमन चौहान, रेनू रावत, राधा रमोला, रजनी रावत व शंकुतला देवी सदस्य नामित किए गए हैं। ग्राम प्रधान व संरक्षक रमेश्वरी देवी ने कहा कि नशामुक्त समाज में प्रत्येक ग्रामीण की भागीदारी महत्वपूर्ण है। राड्स संस्था के अध्यक्ष सुशील बहुगुणा ने कहा कि आराकोट गांव ने सराहनीय पहल की है। नशा परिवार को आर्थिक, सामाजिक और मानसिक रूप से कमजोर करता है जबकि संस्कार समाज को मजबूत और संगठित बनाते हैं।
संवाद न्यूज एजेंसी
चंबा(टिहरी)। आराकोट गांव में भी सार्वजनिक कार्यक्रमों में शराब पिलाने की प्रथा बंद करने का निर्णय लिया है। पंचायत के इस फैसले के बाद अब गांव में शादी आदि किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम में शराब को प्रतिबंधित कर दिया गया। गांव में डीजे के लिए भी समय सीमा तय कर दी गई है। पंचायत के फैसले का उल्लंघन करने वाले पर अर्थदंड लगाया जाएगा।
आराकोट गांव की प्रधान रामेश्वरी देवी की अध्यक्षता में हुई बैठक में उपस्थित लोगों ने समाज में नशे की प्रवृति बढ़ने पर चिंता जताई। सर्वसम्मत से निर्णय लिया गया, कि विवाह और अन्य किसी मांगलिक कार्यक्रमों में कोई भी शराब नहीं परोसेगा। डीजे रात 12 बजे तक ही संचालित किया जाएगा। शराब पीकर हुड़दंग मचाने वालों के खिलाफ भी सामाजिक कार्यवाही की जाएगी। ग्राम सुधार समिति का गठन करते हुए गीता देवी को अध्यक्ष, हुकम सिंह रावत को उपाध्यक्ष, सावित्री देवी सचिव, सुशीला देवी सह सचिव और पूरण चंद को कोषाध्यक्ष चुना गया। कृष्णा देवी, रीता देवी, सुमन चौहान, रेनू रावत, राधा रमोला, रजनी रावत व शंकुतला देवी सदस्य नामित किए गए हैं। ग्राम प्रधान व संरक्षक रमेश्वरी देवी ने कहा कि नशामुक्त समाज में प्रत्येक ग्रामीण की भागीदारी महत्वपूर्ण है। राड्स संस्था के अध्यक्ष सुशील बहुगुणा ने कहा कि आराकोट गांव ने सराहनीय पहल की है। नशा परिवार को आर्थिक, सामाजिक और मानसिक रूप से कमजोर करता है जबकि संस्कार समाज को मजबूत और संगठित बनाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन