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Tehri News: दहेज उत्पीड़न के आरोप में पति और सास अदालत से दोषमुक्त
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Fri, 05 Jun 2026 07:15 PM IST
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दहेज उत्पीड़न के आरोप में पति और सास अदालत से दोषमुक्त
पीड़िता ने पुलिस को दी तहरीर में मारपीट करने का आरोप लगाया था
नई टिहरी। घनसाली थाने में दर्ज दहेज उत्पीड़न मामले में नामजद पति अनिल पंवार और सास डबली देवी को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने दोषमुक्त कर दिया है। यह मामला फरवरी 2024 में दर्ज एफआईआर से संबंधित था। अभियोजन के अनुसार, वादिनी ने 10 फरवरी 2024 को तहरीर दी थी कि उसका विवाह अक्टूबर 2022 में अनिल पंवार निवासी ग्राम कुंडी थाती बूढ़ाकेदार बालंगा तहसील से हुआ था। आरोप था कि विवाह के बाद पति अनिल और सास डबली देवी द्वारा दहेज के लिए मारपीट व उत्पीड़न किया गया, जिसके चलते वह नवंबर 2023 में अपने मायके ग्राम चामी पट्टी नैलचामी लौट आई। महिला हेल्पलाइन में काउंसलिंग और समझौते के प्रयास भी हुए, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ। पुलिस जांच के बाद दोनों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। बचाव पक्ष ने दलील दी कि विवाह के समय दहेज की मांग नहीं हुई थी तथा गर्भ से संबंधित तथ्य को लेकर भी तर्क प्रस्तुत किए गए, जिन्हें मामले में विरोधाभासी पाया गया। सभी पक्षों को सुनने के बाद अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट/अपर सिविल जज (सीडि) ऐश्वर्या बोरा की अदालत ने अनिल पंवार और डबली देवी को आरोपों से दोषमुक्त कर दिया।
पीड़िता ने पुलिस को दी तहरीर में मारपीट करने का आरोप लगाया था
नई टिहरी। घनसाली थाने में दर्ज दहेज उत्पीड़न मामले में नामजद पति अनिल पंवार और सास डबली देवी को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने दोषमुक्त कर दिया है। यह मामला फरवरी 2024 में दर्ज एफआईआर से संबंधित था। अभियोजन के अनुसार, वादिनी ने 10 फरवरी 2024 को तहरीर दी थी कि उसका विवाह अक्टूबर 2022 में अनिल पंवार निवासी ग्राम कुंडी थाती बूढ़ाकेदार बालंगा तहसील से हुआ था। आरोप था कि विवाह के बाद पति अनिल और सास डबली देवी द्वारा दहेज के लिए मारपीट व उत्पीड़न किया गया, जिसके चलते वह नवंबर 2023 में अपने मायके ग्राम चामी पट्टी नैलचामी लौट आई। महिला हेल्पलाइन में काउंसलिंग और समझौते के प्रयास भी हुए, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ। पुलिस जांच के बाद दोनों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। बचाव पक्ष ने दलील दी कि विवाह के समय दहेज की मांग नहीं हुई थी तथा गर्भ से संबंधित तथ्य को लेकर भी तर्क प्रस्तुत किए गए, जिन्हें मामले में विरोधाभासी पाया गया। सभी पक्षों को सुनने के बाद अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट/अपर सिविल जज (सीडि) ऐश्वर्या बोरा की अदालत ने अनिल पंवार और डबली देवी को आरोपों से दोषमुक्त कर दिया।