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Tehri News: शिक्षक और जनसहयोग ने बदली जखोना विद्यालय की तस्वीर
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Tue, 14 Apr 2026 07:15 PM IST
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घनसाली अभिभावकों और शिक्षकों ने आपसी सहयोग से बदली प्राथमिक विद्यालय जखोना प्रथम की तस्वीर। स्र
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10 से 31 पहुंची छात्र संख्या, निजी स्कूल छोड़ अब सरकारी स्कूल में आ रहे बच्चे
वर्ष 1960 में बना विद्यालय मरम्मत के अभाव में हो गया था खंडहर
घनसाली (टिहरी)। अभिभावकों और शिक्षकों के आपसी सहयोग से भिलंगना ब्लॉक के कंडारस्यूं क्षेत्र में स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय जखोना प्रथम की तस्वीर बदल गई है। कभी मरम्मत के अभाव में खंडहर में तब्दील होता विद्यालय भवन अब आकर्षक स्वरूप में नजर आ रहा है जिससे क्षेत्र के अभिभावकों में सरकारी स्कूल के प्रति भरोसा भी बढ़ा है। छात्र संख्या 10 से बढ़कर 31 तक पहुंच गई है।
भिलंगना ब्लॉक के राजकीय प्राथमिक विद्यालय जखोना प्रथम ने जनसहयोग और शिक्षक की पहल से ऐसा बदलाव देखा है जो सरकारी स्कूलों के लिए प्रेरक बन गया है। 1960 के दशक में बना यह विद्यालय लंबे समय से मरम्मत के अभाव में जर्जर होकर खंडहर में तब्दील होने लगा था लेकिन अब यह आकर्षक स्वरूप में नजर आ रहा है और छात्रों की पसंद भी बनता जा रहा है।
स्कूल भवन की खराब स्थिति को लेकर शिक्षक और अभिभावक लंबे समय से शिक्षा विभाग से मरम्मत की मांग कर रहे थे लेकिन धनराशि स्वीकृत नहीं हो पाई। प्रधानाध्यापक सुधीर कोहली ने वर्ष 2022 में कार्यभार संभालने के बाद जनसहयोग से स्कूल को संवारने की पहल की। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से सहयोग जुटाया जिसका सकारात्मक परिणाम सामने आया।
विद्यालय के विकास के लिए क्षेत्रीय विधायक शक्ति लाल शाह ने तीन लाख रुपये और तत्कालीन ब्लॉक प्रमुख बसुमति घणाता ने दो लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर भी सहयोग मिला। स्कूल दीवारों पर शैक्षिक चित्रकारी के लिए अनिल चौहान और विद्यालय गेट निर्माण के लिए प्रवासी बच्चीराम डिमरी ने आर्थिक योगदान दिया। सामूहिक प्रयास से विद्यालय भवन का जीर्णोद्धार, रंग-रोगन और सौंदर्यीकरण किया गया जिससे स्कूल का पूरा वातावरण बदल गया।
विद्यालय की दीवारों को रंग-बिरंगी शैक्षिक पेंटिंग से सजाया गया है जिनमें बच्चों के लिए उपयोगी विषयों को चित्रों और लेखन के माध्यम से दर्शाया गया है। बेहतर माहौल का असर अब छात्र नामांकन पर भी दिखाई दे रहा है। वर्ष 2022 में जहां विद्यालय में मात्र 10 छात्र थे वहीं अब छात्र संख्या बढ़कर 31 पहुंच गई है।
प्रधानाध्यापक कोहली ने बताया कि बेहतर व्यवस्थाओं और पढ़ाई के माहौल के चलते आसपास के खिरबेल गांव के बच्चे भी हमारे विद्यालय में प्रवेश लेने के लिए आ रहे हैं जबकि पहले वे निजी स्कूलों का रुख करते थे। गत वर्ष राज्यस्तर पर जखोना प्रथम को निपुण विद्यालय घोषित किया गया। ग्रामीण विकास सचिव रविनाथ रमन की ओर से सम्मानित किया गया। पिछले तीन वर्षों में विद्यालय के पांच छात्र-छात्राओं का चयन जवाहर नवोदय विद्यालय के लिए हुआ है।
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वर्ष 1960 में बना विद्यालय मरम्मत के अभाव में हो गया था खंडहर
घनसाली (टिहरी)। अभिभावकों और शिक्षकों के आपसी सहयोग से भिलंगना ब्लॉक के कंडारस्यूं क्षेत्र में स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय जखोना प्रथम की तस्वीर बदल गई है। कभी मरम्मत के अभाव में खंडहर में तब्दील होता विद्यालय भवन अब आकर्षक स्वरूप में नजर आ रहा है जिससे क्षेत्र के अभिभावकों में सरकारी स्कूल के प्रति भरोसा भी बढ़ा है। छात्र संख्या 10 से बढ़कर 31 तक पहुंच गई है।
भिलंगना ब्लॉक के राजकीय प्राथमिक विद्यालय जखोना प्रथम ने जनसहयोग और शिक्षक की पहल से ऐसा बदलाव देखा है जो सरकारी स्कूलों के लिए प्रेरक बन गया है। 1960 के दशक में बना यह विद्यालय लंबे समय से मरम्मत के अभाव में जर्जर होकर खंडहर में तब्दील होने लगा था लेकिन अब यह आकर्षक स्वरूप में नजर आ रहा है और छात्रों की पसंद भी बनता जा रहा है।
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स्कूल भवन की खराब स्थिति को लेकर शिक्षक और अभिभावक लंबे समय से शिक्षा विभाग से मरम्मत की मांग कर रहे थे लेकिन धनराशि स्वीकृत नहीं हो पाई। प्रधानाध्यापक सुधीर कोहली ने वर्ष 2022 में कार्यभार संभालने के बाद जनसहयोग से स्कूल को संवारने की पहल की। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से सहयोग जुटाया जिसका सकारात्मक परिणाम सामने आया।
विद्यालय के विकास के लिए क्षेत्रीय विधायक शक्ति लाल शाह ने तीन लाख रुपये और तत्कालीन ब्लॉक प्रमुख बसुमति घणाता ने दो लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई। इसके अलावा स्थानीय स्तर पर भी सहयोग मिला। स्कूल दीवारों पर शैक्षिक चित्रकारी के लिए अनिल चौहान और विद्यालय गेट निर्माण के लिए प्रवासी बच्चीराम डिमरी ने आर्थिक योगदान दिया। सामूहिक प्रयास से विद्यालय भवन का जीर्णोद्धार, रंग-रोगन और सौंदर्यीकरण किया गया जिससे स्कूल का पूरा वातावरण बदल गया।
विद्यालय की दीवारों को रंग-बिरंगी शैक्षिक पेंटिंग से सजाया गया है जिनमें बच्चों के लिए उपयोगी विषयों को चित्रों और लेखन के माध्यम से दर्शाया गया है। बेहतर माहौल का असर अब छात्र नामांकन पर भी दिखाई दे रहा है। वर्ष 2022 में जहां विद्यालय में मात्र 10 छात्र थे वहीं अब छात्र संख्या बढ़कर 31 पहुंच गई है।
प्रधानाध्यापक कोहली ने बताया कि बेहतर व्यवस्थाओं और पढ़ाई के माहौल के चलते आसपास के खिरबेल गांव के बच्चे भी हमारे विद्यालय में प्रवेश लेने के लिए आ रहे हैं जबकि पहले वे निजी स्कूलों का रुख करते थे। गत वर्ष राज्यस्तर पर जखोना प्रथम को निपुण विद्यालय घोषित किया गया। ग्रामीण विकास सचिव रविनाथ रमन की ओर से सम्मानित किया गया। पिछले तीन वर्षों में विद्यालय के पांच छात्र-छात्राओं का चयन जवाहर नवोदय विद्यालय के लिए हुआ है।

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