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Tehri News: प्रतापनगर में सिंचाई विभाग करेगा सात नहरों की मरम्मत
Thu, 16 Jul 2026 06:07 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, टिहरी
Updated Thu, 16 Jul 2026 06:07 PM IST
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नाबार्ड ने नहरों की मरम्मत के लिए दी 2.50 लाख की धनराशि मंजूर
नई टिहरी। प्रतापनगर ब्लॉक में लंबे समय क्षतिग्रस्त सात सिंचाई नहरोें की मरम्मत का रास्ता साफ हो गया है। नहरों की मरम्मत के लिए राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने करीब 2.50 लाख की धनराशि वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।
सड़क निर्माण और प्राकृतिक आपदा से क्षेत्र के गोदड़ी, तलवाड़ी, चाका, भैंगा, सेरा, मछेड़ी, चामासौड़, सुजड़ आदि गांव की नहरे विगत कई वर्षों से क्षतिग्रस्त होने से काश्तकारों को खेतों की सिंचाई के पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिल पा रहा है जिससे ग्रामीणों की आजीविका के खेती भी प्रभावित हो रही है।
काश्तकार लंबे समय से सिंचाई नहरों की मरम्मत की लंबे समय मांग करते आ रहे थे। लेकिन सिंचाई विभाग के पास बजट का अभाव होने के कारण मरम्मत का कार्य नहीं हो पा रहा है। स्थानीय काश्तकार जय प्रकाश जोशी ने बताया कि क्षेत्र में कई नहरों का निर्माण वर्षों पहले किया गया था। प्रत्येक वर्ष आपदाओं के कारण नहरे कई जगहों से क्षतिग्रस्त हो गई। पुरानी होने से नहरों में दरारें पड़ने से पानी का रिसाव भी हो रहा है।
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ग्रामीण किसी तरह से नहरों पर पानी चलवा रहे हैं। बताया कई ऐसे परिवार है जिनकी आजीविका खेती और पशुपालन पर निर्भर है। क्षेत्र के अधिकांश काश्तकार धान, गेहूं आदि के साथ आलू, प्याज, लहसुन आदि नकदी फसलों का उत्पादन करते हैं जिससे उनके परिवार की आजीविका चलती है।
प्रतापनगर क्षेत्र की क्षतिग्रस्त नहरों की मरम्मत कार्य हेतु टेक्निकल स्वीकृति के लिए फाइल विभाग के उच्चाधिकारियों के पास भेजी गई है। कुछ दिनों में स्वीकृति मिलने के साथ टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। एक माह के अंदर मरम्मत कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
मनोज बिष्ट, सहायक अभियंता सिंचाई विभाग नई टिहरी।
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नई टिहरी। प्रतापनगर ब्लॉक में लंबे समय क्षतिग्रस्त सात सिंचाई नहरोें की मरम्मत का रास्ता साफ हो गया है। नहरों की मरम्मत के लिए राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने करीब 2.50 लाख की धनराशि वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।
सड़क निर्माण और प्राकृतिक आपदा से क्षेत्र के गोदड़ी, तलवाड़ी, चाका, भैंगा, सेरा, मछेड़ी, चामासौड़, सुजड़ आदि गांव की नहरे विगत कई वर्षों से क्षतिग्रस्त होने से काश्तकारों को खेतों की सिंचाई के पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिल पा रहा है जिससे ग्रामीणों की आजीविका के खेती भी प्रभावित हो रही है।
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काश्तकार लंबे समय से सिंचाई नहरों की मरम्मत की लंबे समय मांग करते आ रहे थे। लेकिन सिंचाई विभाग के पास बजट का अभाव होने के कारण मरम्मत का कार्य नहीं हो पा रहा है। स्थानीय काश्तकार जय प्रकाश जोशी ने बताया कि क्षेत्र में कई नहरों का निर्माण वर्षों पहले किया गया था। प्रत्येक वर्ष आपदाओं के कारण नहरे कई जगहों से क्षतिग्रस्त हो गई। पुरानी होने से नहरों में दरारें पड़ने से पानी का रिसाव भी हो रहा है।
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ग्रामीण किसी तरह से नहरों पर पानी चलवा रहे हैं। बताया कई ऐसे परिवार है जिनकी आजीविका खेती और पशुपालन पर निर्भर है। क्षेत्र के अधिकांश काश्तकार धान, गेहूं आदि के साथ आलू, प्याज, लहसुन आदि नकदी फसलों का उत्पादन करते हैं जिससे उनके परिवार की आजीविका चलती है।
प्रतापनगर क्षेत्र की क्षतिग्रस्त नहरों की मरम्मत कार्य हेतु टेक्निकल स्वीकृति के लिए फाइल विभाग के उच्चाधिकारियों के पास भेजी गई है। कुछ दिनों में स्वीकृति मिलने के साथ टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। एक माह के अंदर मरम्मत कार्य शुरू होने की उम्मीद है।
मनोज बिष्ट, सहायक अभियंता सिंचाई विभाग नई टिहरी।