सियासत के रंग: धुर विरोधी अरोरा और ठुकराल गले मिले, मेयर ने बजाई ताली
विधायक शिव अरोरा और पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल की अप्रत्याशित मुलाकात ने रुद्रपुर की सियासत हलचल बढ़ा दी है और कई अटकलों को जन्म दिया है।
विस्तार
राजनीति के क्षेत्र में विधायक शिव अरोरा और पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल धुर विरोधी विचारों के लिए जाने जाते हैं। तीन दिन पूर्व दोनों आदर्श कॉलोनी में आयोजित एक सत्संग के दौरान एक-दूसरे से मिले। खास बात ये है कि पीछे बैठे मेयर विकास शर्मा दोनों के गले मिलते ही ताली बजाते दिखे। इस मुलाकात ने स्थानीय राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है और कई अटकलों को जन्म दिया है।
आदर्श कॉलोनी में आयोजित एक धार्मिक सत्संग में विधायक शिव अरोरा और पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल अपने समर्थकों के साथ पहुंचे थे। यहां एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी। दोनों नेता जो अक्सर सार्वजनिक मंचों पर एक-दूसरे पर तीखे प्रहार करते रहे हैं अचानक एक-दूसरे के सामने पड़ गए। प्रारंभिक झिझक के बाद दोनों नेता एक-दूसरे के गले मिले और अभिवादन कर कुछ देर तक बातचीत भी की। सोशल मीडिया पर दोनों नेताओं के गले मिलने और मेयर विकास शर्मा के ताली बजाने वाला फोटो खूब वायरल हो रहा है।
लंबे समय से एक-दूसरे के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी
शिव अरोरा और ठुकराल भले कई वर्षों तक भाजपा में रहे लेकिन टिकट कटने के बाद ठुकराल और विधायक बनने के बाद शिव अरोरा दोनों एक-दूसरे के राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी बन गए। उनके बीच की प्रतिस्पर्धा केवल चुनावी मैदान तक ही सीमित नहीं रही बल्कि यह सार्वजनिक बयानों और नीतियों के टकराव के रूप में भी अक्सर सामने आती रही है। ऐसे में उनका एक साथ दिखना और सौहार्दपूर्ण व्यवहार करना राजनीतिक विश्लेषकों के लिए आश्चर्य का विषय है।
मुलाकात के लोगों ने निकाले कई मायने
इस मुलाकात के पीछे के कारणों को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। कुछ का मानना है कि यह एक व्यक्तिगत सौहार्द का क्षण था जहां धार्मिक वातावरण ने नेताओं को अपने राजनीतिक मतभेदों को भुलाकर एक-दूसरे से मिलने के लिए प्रेरित किया। वहीं, अन्य लोग इसे चुनाव या स्थानीय मुद्दों पर किसी प्रकार की संभावित राजनीतिक साठगांठ के संकेत के रूप में देख रहे हैं।
राजकुमार ठुकराल सत्संग में पहुंचे थे। मेरे विधायक बनने के बाद उनसे यह पहली मुलाकात थी। मिले तो गले भी लगे। - शिव अरोरा, विधायक
17 तारीख को श्रीमद्भागवत कथा का समापन था। मैं मुख्य वक्ता के रूप में पहुंचा था। कथा के बाद मुझे उद्बोधन के लिए बुलाया गया। पीठाधीश्वर स्वामी नारायण चैतन्य ने विधायक अरोरा को मंच पर बुलाया। उनके कहने पर गले मिले। - राजकुमार ठुकराल, पूर्व विधायक