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Udham Singh Nagar News: पैथोलॉजी लैब के पीछे खुले में पड़ा बायोमेडिकल वेस्ट
Tue, 18 Aug 2026 11:44 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Tue, 18 Aug 2026 11:44 PM IST
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काशीपुर अस्पताल की पैथोलॉजी लैब के पीछे पड़ा वायोमेडिकल वेस्ट
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काशीपुर। एलडी भट्ट राजकीय उप जिला चिकित्सालय में बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण में लापरवाही का मामला सामने आया है। पैथोलॉजी लैब के पीछे बड़ी-बड़ी घास में बायोमेडिकल वेस्ट फेंका गया है। इससे संक्रमण फैलने के साथ ही कुत्तों और अन्य मवेशियों के कचरे में मुंह मारने का खतरा बना हुआ है। हैरानी की बात यह है कि अस्पताल प्रशासन को इसकी जानकारी तक नहीं है।
अस्पताल में नेत्र विभाग के पास अनुबंधित चंदन लैब और अस्पताल की पैथोलॉजी लैब संचालित हो रही हैं। यहां रोजाना 200 से अधिक जांचें होती हैं। एलएफटी, केएफटी, पीलिया, पेशाब, विटामिन और गांठ समेत कई तरह की जांच के लिए काशीपुर के अलावा जसपुर, बाजपुर, सुल्तानपुर पट्टी, अलीगंज, ठाकुरद्वारा और रामनगर से भी मरीज पहुंचते हैं।
अस्पताल में प्रतिदिन 700 से अधिक ओपीडी होती है। इसके अलावा मरीज भर्ती होने, ऑपरेशन और सामान्य व सीजर प्रसव के कारण भी बड़ी मात्रा में बायोमेडिकल वेस्ट निकलता है। इसे उठाने के लिए गदरपुर से वाहन सप्ताह में दो दिन आता है। इसके बावजूद पैथोलॉजी लैब के पीछे कचरा फेंके जाने से व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
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लैब के पीछे पड़ा वेस्ट बड़ी-बड़ी घास से ढका हुआ है। आसपास अस्पताल कर्मचारियों के आवास भी हैं, जहां रहने वाले लोगों को दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा है। कचरे में आवारा कुत्तों और मवेशियों के पहुंचने से संक्रमण का खतरा और बढ़ गया है। सवाल यह है कि बायोमेडिकल वेस्ट को यहां कौन फेंक रहा है और जिम्मेदारों की नजर इस पर क्यों नहीं पड़ी।
कोट बायोमेडिकल वेस्ट उठाने के लिए ग्लोबल कंपनी का वाहन गदरपुर से आता है। पैथोलॉजी लैब के पीछे वेस्ट फेंकना गलत है। स्वयं निरीक्षण कराकर इसका पता लगाने का प्रयास किया जाएगा। - डॉ. संदीप दीक्षित, सीएमएस, काशीपुर
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अस्पताल में नेत्र विभाग के पास अनुबंधित चंदन लैब और अस्पताल की पैथोलॉजी लैब संचालित हो रही हैं। यहां रोजाना 200 से अधिक जांचें होती हैं। एलएफटी, केएफटी, पीलिया, पेशाब, विटामिन और गांठ समेत कई तरह की जांच के लिए काशीपुर के अलावा जसपुर, बाजपुर, सुल्तानपुर पट्टी, अलीगंज, ठाकुरद्वारा और रामनगर से भी मरीज पहुंचते हैं।
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अस्पताल में प्रतिदिन 700 से अधिक ओपीडी होती है। इसके अलावा मरीज भर्ती होने, ऑपरेशन और सामान्य व सीजर प्रसव के कारण भी बड़ी मात्रा में बायोमेडिकल वेस्ट निकलता है। इसे उठाने के लिए गदरपुर से वाहन सप्ताह में दो दिन आता है। इसके बावजूद पैथोलॉजी लैब के पीछे कचरा फेंके जाने से व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
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लैब के पीछे पड़ा वेस्ट बड़ी-बड़ी घास से ढका हुआ है। आसपास अस्पताल कर्मचारियों के आवास भी हैं, जहां रहने वाले लोगों को दुर्गंध का सामना करना पड़ रहा है। कचरे में आवारा कुत्तों और मवेशियों के पहुंचने से संक्रमण का खतरा और बढ़ गया है। सवाल यह है कि बायोमेडिकल वेस्ट को यहां कौन फेंक रहा है और जिम्मेदारों की नजर इस पर क्यों नहीं पड़ी।
कोट बायोमेडिकल वेस्ट उठाने के लिए ग्लोबल कंपनी का वाहन गदरपुर से आता है। पैथोलॉजी लैब के पीछे वेस्ट फेंकना गलत है। स्वयं निरीक्षण कराकर इसका पता लगाने का प्रयास किया जाएगा। - डॉ. संदीप दीक्षित, सीएमएस, काशीपुर