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ई-फोरेंसिक 2.0 : डिजिटल न्याय प्रक्रिया को मिलेगी रफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Sun, 03 May 2026 01:00 AM IST
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रुद्रपुर। क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला में शनिवार को ई-फोरेंसिक 2.0 प्रणाली का शुभारंभ किया गया। प्रभारी संयुक्त निदेशक डॉ. मनोज कुमार अग्रवाल ने इसका उद्घाटन किया।
यह प्रणाली आईसीजेएस 2.0 के अंतर्गत विकसित की गई है। इसका उद्देश्य आपराधिक न्याय प्रक्रिया को पूर्णतः डिजिटल और पारदर्शी बनाना है। इसके लागू होने से अब केस पेश करने से लेकर वैज्ञानिक परीक्षण, ई-हस्ताक्षर युक्त रिपोर्ट तैयार करने और उसे पोर्टल पर अपलोड करने तक की सभी प्रक्रियाएं एक ही मंच पर संपन्न होंगी।
नई व्यवस्था से पुलिस, न्यायालय और अभियोजन विभाग को फोरेंसिक रिपोर्ट समय पर और सुरक्षित रूप से उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही केस की रियल टाइम ट्रैकिंग, मानकीकृत रिपोर्ट प्रारूप और साक्ष्य शृंखला प्रबंधन जैसी सुविधाएं जांच प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाएंगी।
ई-फोरेंसिक 2.0 को सीसीटीएनएस, ई-कोर्ट्स और ई-प्रिज़न्स से भी जोड़ा गया है जिससे विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि इस प्रणाली के लागू होने से फोरेंसिक जांच में पारदर्शिता, गति और विश्वसनीयता बढ़ेगी जिससे न्याय वितरण प्रणाली को मजबूती मिलेगी।
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यह प्रणाली आईसीजेएस 2.0 के अंतर्गत विकसित की गई है। इसका उद्देश्य आपराधिक न्याय प्रक्रिया को पूर्णतः डिजिटल और पारदर्शी बनाना है। इसके लागू होने से अब केस पेश करने से लेकर वैज्ञानिक परीक्षण, ई-हस्ताक्षर युक्त रिपोर्ट तैयार करने और उसे पोर्टल पर अपलोड करने तक की सभी प्रक्रियाएं एक ही मंच पर संपन्न होंगी।
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नई व्यवस्था से पुलिस, न्यायालय और अभियोजन विभाग को फोरेंसिक रिपोर्ट समय पर और सुरक्षित रूप से उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही केस की रियल टाइम ट्रैकिंग, मानकीकृत रिपोर्ट प्रारूप और साक्ष्य शृंखला प्रबंधन जैसी सुविधाएं जांच प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाएंगी।
ई-फोरेंसिक 2.0 को सीसीटीएनएस, ई-कोर्ट्स और ई-प्रिज़न्स से भी जोड़ा गया है जिससे विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि इस प्रणाली के लागू होने से फोरेंसिक जांच में पारदर्शिता, गति और विश्वसनीयता बढ़ेगी जिससे न्याय वितरण प्रणाली को मजबूती मिलेगी।
