मंदाकिनी का शोर बढ़ा रहा है धड़कन: भौराबगढ़ में ढही सुरक्षा दीवार, 30 घर खतरे में, ग्रामीण बोले- नींद हुई हराम
भौराबगढ़ गांव में मंदाकिनी नदी के उफान से सुरक्षा दीवार ढह गई है, जिससे 30 मकान खतरे में आ गए हैं। भूकटाव और जमीन में दरारों के कारण भूस्खलन की आशंका बढ़ गई है। ग्रामीण रात-रात जागकर नदी की निगरानी कर रहे हैं।
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मानसूनी बारिश के बाद उफान पर आई मंदाकिनी नदी ने हमारे गांव की सुरक्षा के लिए बनी सुरक्षा दीवार गिरा दी है। गांव के नीचे लगातार भूकटाव हो रहा है और जमीन में दरारें पड़ने लगीं हैं। हालात यह है कि नदी का शोर हमारी धड़कन बढ़ा रहा है। अपनों की सुरक्षा की चिंता में हम रात में ठीक से सो भी नहीं पा रहे हैं। यह कहा सुरक्षा दीवार ढहने से खतरे में आए भौराबगढ़ के ग्रामीणों ने। बीते दिनों मंदाकिनी नदी के उफान पर आने से किनारे बनी सुरक्षा दीवार ढह गई इससे भौराबगढ़ के 30 मकान खतरे में आ गए। तब से दहशत के साए में जी रहे ग्रामीण सुरक्षा की गुहार लगा रहे हैं लेकिन अब तक उचित कदम नहीं उठाए गए।
संवाद न्यूज एजेंसी ने खतरे में आए भौराबगढ़ पहुंचकर हालात का जायजा लिया। गांव के ठीक नीचे मंदाकिनी नदी से भूकटाव होने से जमीन कमजोर हो गई है इससे भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। नदी की तरफ नजरें लगाएं ग्रामीणों ने कहा कि मानसूनी बारिश के बीच नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है इससे हम दहशत के साए में जी रहे हैं। दिन के समय तो किसी तरह समय बीत रहा है। रात के समय नदी का शोर हमें ठीक से सोने भी नहीं दे रहा है। चिंता है कि यदि उफनाई नदी से कटाव और भूस्खलन हुआ तो हमारे सपनों के घर जमींदोज हो जाएंगे। ऐसे में हमें अपनों की चिंता में पूरी रात नदी की निगरानी करनी पड़ रही है।
सुरक्षा दीवार ढहने से नदी के तेज प्रवाह से लगातार भूकटाव हो रहा है। यदि सुरक्षा के इंतजाम नहीं हुए तो हमें इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है। यह आपदाकाल बीत जाता तो हम भी सुरक्षित हो जाते। - मनोज कुमार
रात के समय हम घरों के भीतर जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं। नदी से लगातार कटाव होने से खतरा बढ़ता जा रहा है। मानसूनकाल हर साल हमारे लिए नई मुसीबत लेकर आता है। हमारी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए। - शोबन राम