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Udham Singh Nagar News: किच्छा में गेहूं खरीद के नाम पर धोखाधड़ी, प्राथमिकी दर्ज
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Thu, 18 Jun 2026 01:11 AM IST
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किच्छा। चुकटी निवासी नसीब सिंह ने गेहूं खरीद के नाम पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर पूरे प्रकरण की जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित नसीब सिंह ने एसएसपी अजय गणपति को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी। एसएसपी के आदेश पर बुधवार को किच्छा कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज हुई। तहरीर में नसीब ने बताया कि गिद्धपुरी निवासी हरेंद्र मलिक ने उन्हें अपनी फर्म तराई फार्म सीड्स का एनएफएल से अनुबंध बताया। उसने किसानों को सरकारी दर से अधिक मूल्य पर गेहूं खरीदने का आश्वासन दिया। उन्हें यह भी बताया गया कि अंडर साइज गेहूं वापस किया जाएगा। मई 2021 में उसने 297.5 क्विंटल गेहूं तराई फार्म सीड्स के गिद्धपुरी स्थित प्लांट में जमा कराया। किसानों से पंजीकरण के लिए आधार, खतौनी, बैंक खाता और 425 रुपये प्रति हेक्टेयर बीज का मूल्य भी लिया गया। अंडर साइज गेहूं के भुगतान की मांग पर कंपनी ने टालमटोल की। कंपनी ने घाटा होने का बहाना बनाकर अगले गेहूं के मौसम में भुगतान का वादा किया। किसानों के पास इंतजार के अलावा कोई विकल्प नहीं था। फर्जी शपथपत्र के आधार पर एनएफएल ने तराई फार्म सीड्स के खाते में भुगतान कर दिया। आरोप है कि आरोपियों ने मिलकर किसानों के रुपये हड़प लिए। हरेंद्र मलिक से संपर्क करने पर उसने गाली-गलौज की और किसानों को कंपनी से बाहर निकलवा दिया। सीओ बीएस धोनी ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
जोनल कार्यालय के चक्कर लगवाए
किसानों को एनएफएल के बरेली स्थित जोनल कार्यालय के चक्कर लगवाए गए। बाद में कंपनी ने कहा कि जिस अधिकारी को गेहूं दिया, उसी से बात करें। पुराने कर्मचारियों का स्थानांतरण कर नए कर्मचारी नियुक्त कर दिए गए। आरोप है कि तराई फार्म सीड्स को शेष भुगतान प्राप्त करने के लिए फर्जी शपथ पत्र दिखाया गया। इस शपथ पत्र पर नसीब सिंह के फर्जी हस्ताक्षर थे।
पीड़ित नसीब सिंह ने एसएसपी अजय गणपति को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी। एसएसपी के आदेश पर बुधवार को किच्छा कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज हुई। तहरीर में नसीब ने बताया कि गिद्धपुरी निवासी हरेंद्र मलिक ने उन्हें अपनी फर्म तराई फार्म सीड्स का एनएफएल से अनुबंध बताया। उसने किसानों को सरकारी दर से अधिक मूल्य पर गेहूं खरीदने का आश्वासन दिया। उन्हें यह भी बताया गया कि अंडर साइज गेहूं वापस किया जाएगा। मई 2021 में उसने 297.5 क्विंटल गेहूं तराई फार्म सीड्स के गिद्धपुरी स्थित प्लांट में जमा कराया। किसानों से पंजीकरण के लिए आधार, खतौनी, बैंक खाता और 425 रुपये प्रति हेक्टेयर बीज का मूल्य भी लिया गया। अंडर साइज गेहूं के भुगतान की मांग पर कंपनी ने टालमटोल की। कंपनी ने घाटा होने का बहाना बनाकर अगले गेहूं के मौसम में भुगतान का वादा किया। किसानों के पास इंतजार के अलावा कोई विकल्प नहीं था। फर्जी शपथपत्र के आधार पर एनएफएल ने तराई फार्म सीड्स के खाते में भुगतान कर दिया। आरोप है कि आरोपियों ने मिलकर किसानों के रुपये हड़प लिए। हरेंद्र मलिक से संपर्क करने पर उसने गाली-गलौज की और किसानों को कंपनी से बाहर निकलवा दिया। सीओ बीएस धोनी ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
जोनल कार्यालय के चक्कर लगवाए
किसानों को एनएफएल के बरेली स्थित जोनल कार्यालय के चक्कर लगवाए गए। बाद में कंपनी ने कहा कि जिस अधिकारी को गेहूं दिया, उसी से बात करें। पुराने कर्मचारियों का स्थानांतरण कर नए कर्मचारी नियुक्त कर दिए गए। आरोप है कि तराई फार्म सीड्स को शेष भुगतान प्राप्त करने के लिए फर्जी शपथ पत्र दिखाया गया। इस शपथ पत्र पर नसीब सिंह के फर्जी हस्ताक्षर थे।
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