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Udham Singh Nagar News: गला रेत कर युवक की हत्या के तीन दोषियों के आजीवन कारावास
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Thu, 19 Mar 2026 10:49 PM IST
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खटीमा। गला रेत कर की गई युवक की हत्या के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मंजू सिंह मुंडे ने तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। तीनों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर दोषियों को छह-छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
जमौर निवासी मो. राशिद ने तहरीर देकर पुलिस को बताया था कि एक मई 2022 की रात को गांव का ही आजाद सिंह उसके भाई मो. आरिफ को बाइक से अपने साथ ले गया था। अगले दिन सुरई रेंज के जंगल में सरपुड़ा जाने वाले मार्ग पर उसके भाई आरिफ का गला कटा हुआ शव मिला। पुलिस ने राशिद की तहरीर पर आजाद के विरुद्ध हत्या की प्राथमिकी दर्ज की। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान हल्दी गांव के सुखविंदर सिंह और बिंद्रा काॅलोनी पटियाला, पंजाब निवासी आशीष सिंह तथा विजय सिंह को भी आरोपी बनाया था।
पुलिस ने 30 जुलाई 2022 को न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सौरभ ओझा ने इस मामले में 10 गवाहों को पेश किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मुंडे ने हल्दी गांव के सुखविंदर सिंह को दोषमुक्त कर दिया। वहीं आजाद सिंह, आशीष सिंह और विजय सिंह को दोषसिद्ध किया। तीनों को धारा 302 व 120बी में आजीवन कारावास व 10-10 हजार व धारा 201 में तीन-तीन साल सजा व पांच-पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
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मासूम से दुष्कर्म के प्रयास के दोषी को 20 साल का कठोर कारावास
अप्रैल 2023 में किच्छा में हुई थी वारदात, मां की सूझबूझ से बच गई थी मासूम
अमर उजाला ब्यूरो
रुद्रपुर। विशेष न्यायाधीश व अपर सत्र न्यायाधीश संगीता आर्या ने मासूम से दुष्कर्म के प्रयास के दोषी को 20 साल का कठोर कारावास सुनाया है। दोषी पर 50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है।
आठ अप्रैल 2023 को एक महिला ने किच्छा कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया गया था कि शक्तिफार्म में रहने वाला उसका मामा ससुर किच्छा में अपने जीजा के घर पर रहता था। घटना वाले दिन अचानक उनकी तीन साल की बेटी लापता हो गई। तलाश करने पर पता चला कि बच्ची को ममेरा दादा अपने साथ ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास कर रहा था।
महिला का कहना था कि समय रहते उसने बच्ची को ढूंढ लिया वरना बच्ची के साथ गलत काम कर हत्या की जा सकती थी। पुलिस ने अदालत में चार्जशीट दाखिल की। मामले की सुनवाई पॉक्सो विशेष न्यायाधीश व अपर सत्र न्यायाधीश संगीता आर्या में अदालत में हुई। अदालत के सामने छह गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने दोषी शंकर को 20 साल कठोर कारावास व 50 हजार का अर्थदंड देने का आदेश सुनाया। इसी मामले में राज्य सरकार को पीड़िता को एक लाख रुपये का प्रतिकर देने का भी आदेश दिया गया है।
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बस चालक को मिला संदेह का लाभ, दोषमुक्त करार
काशीपुर। प्रथम अपर सिविल जज/न्यायिक मजिस्ट्रेट (जूडि) की अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए बस चालक को दोषमुक्त कर दिया। आरोपी चालक वर्तमान में जमानत पर है।
जसपुर निवासी रियासत ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से अदालत में प्रार्थनापत्र दिया था। इसमें बताया गया था कि 29 जुलाई 2017 को उसका बेटा मोहम्मद आकिब अपने ममेरे भाई आदिश के साथ बाइक से शाम करीब 4:30 बजे पतरामपुर स्थित कालू सैय्यद बाबा की मजार पर जा रहा था। रास्ते में ग्राम बढि़योवाला जगदीशवाला मोड़ पर पतरामपुर की ओर से आ रही तेज रफ्तार बस के चालक बलदेव सिंह निवासी मनोरथपुर पोस्ट बढि़योवाला थाना जसपुर ने सामने से आ रही उनके बेटे की बाइक को टक्कर मार दी।
हादसे में उसके बेटे मोहम्मद आकिब व आदिश दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। इस मामले में जसपुर कोतवाली में आरोपी बस चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई। प्रथम अपर सिविल जज/न्यायिक मजिस्ट्रेट (जूडि) दीप्ति पंत की अदालत ने दोनों पक्ष के अधिवक्ताओं की बहस व उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन कर आरोपी बस चालक को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। संवाद
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जमौर निवासी मो. राशिद ने तहरीर देकर पुलिस को बताया था कि एक मई 2022 की रात को गांव का ही आजाद सिंह उसके भाई मो. आरिफ को बाइक से अपने साथ ले गया था। अगले दिन सुरई रेंज के जंगल में सरपुड़ा जाने वाले मार्ग पर उसके भाई आरिफ का गला कटा हुआ शव मिला। पुलिस ने राशिद की तहरीर पर आजाद के विरुद्ध हत्या की प्राथमिकी दर्ज की। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान हल्दी गांव के सुखविंदर सिंह और बिंद्रा काॅलोनी पटियाला, पंजाब निवासी आशीष सिंह तथा विजय सिंह को भी आरोपी बनाया था।
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पुलिस ने 30 जुलाई 2022 को न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सौरभ ओझा ने इस मामले में 10 गवाहों को पेश किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मुंडे ने हल्दी गांव के सुखविंदर सिंह को दोषमुक्त कर दिया। वहीं आजाद सिंह, आशीष सिंह और विजय सिंह को दोषसिद्ध किया। तीनों को धारा 302 व 120बी में आजीवन कारावास व 10-10 हजार व धारा 201 में तीन-तीन साल सजा व पांच-पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई।
मासूम से दुष्कर्म के प्रयास के दोषी को 20 साल का कठोर कारावास
अप्रैल 2023 में किच्छा में हुई थी वारदात, मां की सूझबूझ से बच गई थी मासूम
अमर उजाला ब्यूरो
रुद्रपुर। विशेष न्यायाधीश व अपर सत्र न्यायाधीश संगीता आर्या ने मासूम से दुष्कर्म के प्रयास के दोषी को 20 साल का कठोर कारावास सुनाया है। दोषी पर 50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है।
आठ अप्रैल 2023 को एक महिला ने किच्छा कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया गया था कि शक्तिफार्म में रहने वाला उसका मामा ससुर किच्छा में अपने जीजा के घर पर रहता था। घटना वाले दिन अचानक उनकी तीन साल की बेटी लापता हो गई। तलाश करने पर पता चला कि बच्ची को ममेरा दादा अपने साथ ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास कर रहा था।
महिला का कहना था कि समय रहते उसने बच्ची को ढूंढ लिया वरना बच्ची के साथ गलत काम कर हत्या की जा सकती थी। पुलिस ने अदालत में चार्जशीट दाखिल की। मामले की सुनवाई पॉक्सो विशेष न्यायाधीश व अपर सत्र न्यायाधीश संगीता आर्या में अदालत में हुई। अदालत के सामने छह गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने दोषी शंकर को 20 साल कठोर कारावास व 50 हजार का अर्थदंड देने का आदेश सुनाया। इसी मामले में राज्य सरकार को पीड़िता को एक लाख रुपये का प्रतिकर देने का भी आदेश दिया गया है।
बस चालक को मिला संदेह का लाभ, दोषमुक्त करार
काशीपुर। प्रथम अपर सिविल जज/न्यायिक मजिस्ट्रेट (जूडि) की अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए बस चालक को दोषमुक्त कर दिया। आरोपी चालक वर्तमान में जमानत पर है।
जसपुर निवासी रियासत ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से अदालत में प्रार्थनापत्र दिया था। इसमें बताया गया था कि 29 जुलाई 2017 को उसका बेटा मोहम्मद आकिब अपने ममेरे भाई आदिश के साथ बाइक से शाम करीब 4:30 बजे पतरामपुर स्थित कालू सैय्यद बाबा की मजार पर जा रहा था। रास्ते में ग्राम बढि़योवाला जगदीशवाला मोड़ पर पतरामपुर की ओर से आ रही तेज रफ्तार बस के चालक बलदेव सिंह निवासी मनोरथपुर पोस्ट बढि़योवाला थाना जसपुर ने सामने से आ रही उनके बेटे की बाइक को टक्कर मार दी।
हादसे में उसके बेटे मोहम्मद आकिब व आदिश दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। इस मामले में जसपुर कोतवाली में आरोपी बस चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई। प्रथम अपर सिविल जज/न्यायिक मजिस्ट्रेट (जूडि) दीप्ति पंत की अदालत ने दोनों पक्ष के अधिवक्ताओं की बहस व उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन कर आरोपी बस चालक को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। संवाद