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UK: रुद्रपुर सिडकुल की कंपनियों में 700 से अधिक बेटियों को मिला रोजगार, ITI पास बेटियां कमा रही 28 हजार तक

Tue, 18 Aug 2026 12:08 PM IST
Heera अमर उजाला नेटवर्क, ऊधम सिंह नगर
अमर उजाला नेटवर्क, ऊधम सिंह नगर Published by: Heera Updated Tue, 18 Aug 2026 12:08 PM IST
सार

रुद्रपुर सिडकुल की फैक्टरियों में अब आईटीआई पास बेटियां भी मशीनों पर काम कर रही हैं और हर महीने 25 से 30 हजार रुपये तक कमा रही हैं। पिछले तीन साल में महिला कुशल कर्मियों की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है। 

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More than 700 daughters got employment in Rudrapur SIDCUL companies
सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

कभी तकनीकी काम लड़कों का है, कहा जाने वाला दौर अब बदल चुका है। रुद्रपुर सिडकुल की फैक्टरियों में अब आईटीआई पास बेटियां भी मशीनों पर काम कर रही हैं और हर महीने 25 से 30 हजार रुपये तक कमा रही हैं। सिडकुल स्थित ऑटो, इलेक्ट्रॉनिक्स और एफएमसीजी कंपनियों में पिछले तीन साल में महिला कुशल कर्मियों की संख्या तेजी से बढ़ी है। श्रम विभाग और कंपनी प्रबंधनों के आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में 700 से अधिक आईटीआई पास बेटियां सिडकुल की विभिन्न कंपनियों में फिटर, इलेक्ट्रीशियन, इलेक्ट्रॉनिक्स और टूल एंड डाई ट्रेड में कार्यरत हैं।

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रुद्रपुर आईटीआई और निजी प्रशिक्षण संस्थानों से पास आउट होने के बाद इन बेटियों को कैंपस प्लेसमेंट के जरिए सीधे सिडकुल में नौकरी मिली। कंपनियों ने भी अब महिला कर्मियों के लिए अलग शिफ्ट, सुरक्षा और ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था की है।

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एक कंपनी में काम करने वाली नेहा चौहान ने बताया कि उन्होंने आईटीआई फिटर का कोर्स किया था। शुरुआत में 12 हजार से नौकरी शुरू की। अब तीन साल में प्रमोशन के साथ सैलरी 28 हजार पहुंच गई है। घर का खर्च भी चलता है और खुद का मान-सम्मान भी बढ़ा है।

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कंपनियों को भी फायदा
एक कंपनी के एचआर का कहना है कि लड़कियां काम में फुर्तीली, अनुशासित और क्वालिटी के प्रति सजग होती हैं। इसीलिए असेंबली लाइन और क्वालिटी चेकिंग में उन्हें प्राथमिकता दी जा रही है। कई कंपनियों ने आईटीआई में वुमन स्किल सेल भी बनाई है ताकि और बेटियों को प्रशिक्षण देकर नौकरी दी जा सके।

आईटीआई पास युवतियां कंपनियों में अच्छा काम कर रही हैं। मेहनत के अनुसार उन्हें सैलरी मिल रही है। हर कंपनी बेटियों को बढ़ावा दे रही हैं। - अजय तिवारी, पूर्व अध्यक्ष, सिडकुल एसोसिएशन

कंपनियों में पिछले तीन साल में कुशल महिला कर्मियों की संख्या तेजी से बढ़ी है। बेटियां आज हर मामले में बेटाें से आगे बढ़कर काम कर रही हैं। सिडकुल में आईटीआई पास कई बेटियां कार्यरत हैं। - गजेंद्र सिंह, अध्यक्ष, सिडकुल एसोसिएशन

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