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Udham Singh Nagar News: मां बाल सुंदरी देवी से पहले होती है मां खोखरा की पूजा
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Wed, 25 Mar 2026 12:54 AM IST
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काशीपुर। उज्जैनी शक्ति पीठ मां बाल सुंदरी देवी मंदिर से तमाम किवंदंतियां जुड़ी हैं। मान्यता है कि मां बाल सुंदरी देवी के दर्शन से पहले मां खोखरा के दर्शन करते हैं।
मां का डोला बुधवार की अर्धरात्रि को मंदिर पहुंच जाएगा। इसके बाद श्रद्धालु दर्शन करना शुरू कर देंगे। साथ ही खड़कपुर देवीपुरा स्थित मां खोखरा देवी मंदिर में दर्शन का सिलसिला शुरू होगा।
मान्यता है कि पहले खोखरा देवी के दर्शन के बाद ही मां बाल सुंदरी देवी के दर्शन किए जाते हैं। मंदिर के मुख्य पंडा विकास अग्निहोत्री बताते हैं कि मां बाल सुंदरी देवी मां खोखरा की छोटी बहन है इसलिए श्रद्धालु पहले बड़ी बहन मां खोखरा के दर्शन करते हैं। यहां दर्शन करने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
उन्होंने बताया कि मां खोखरा मंदिर में बने खेड़ा पति मंदिर में दूर-दराज से नवदंपती जात (फेरे) लगाने और प्रसाद चढ़ाने आते हैं। जिन युवक-युवती की बीते एक साल शादी होती है वे यहां परिजनों के साथ आकर जात लगाते हैं।
मां खोखरा को प्रसाद के रूप में कौड़ी, नारियल, चुनरी, लौंग का जोड़ा और बताशे अर्पित किए जाते हैं। इस दौरान यहां भी दिन-रात मेला लगता है।
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मां का डोला बुधवार की अर्धरात्रि को मंदिर पहुंच जाएगा। इसके बाद श्रद्धालु दर्शन करना शुरू कर देंगे। साथ ही खड़कपुर देवीपुरा स्थित मां खोखरा देवी मंदिर में दर्शन का सिलसिला शुरू होगा।
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मान्यता है कि पहले खोखरा देवी के दर्शन के बाद ही मां बाल सुंदरी देवी के दर्शन किए जाते हैं। मंदिर के मुख्य पंडा विकास अग्निहोत्री बताते हैं कि मां बाल सुंदरी देवी मां खोखरा की छोटी बहन है इसलिए श्रद्धालु पहले बड़ी बहन मां खोखरा के दर्शन करते हैं। यहां दर्शन करने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
उन्होंने बताया कि मां खोखरा मंदिर में बने खेड़ा पति मंदिर में दूर-दराज से नवदंपती जात (फेरे) लगाने और प्रसाद चढ़ाने आते हैं। जिन युवक-युवती की बीते एक साल शादी होती है वे यहां परिजनों के साथ आकर जात लगाते हैं।
मां खोखरा को प्रसाद के रूप में कौड़ी, नारियल, चुनरी, लौंग का जोड़ा और बताशे अर्पित किए जाते हैं। इस दौरान यहां भी दिन-रात मेला लगता है।