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UK: नसरीन और सायरा वाड्रा...दो दावेदार, 30 करोड़ का एक फार्म; एडीएम-एसडीएम की बैठक भी रही नाकाम; पढ़ें मामला

Fri, 03 Jul 2026 11:34 AM IST
Heera अमर उजाला नेटवर्क, किच्छा
अमर उजाला नेटवर्क, किच्छा Published by: Heera Updated Fri, 03 Jul 2026 11:34 AM IST
सार

पिपलिया में दस एकड़ जमीन पर स्थित करीब 30 करोड़ रुपये के फॉर्म पर कब्जे के लिए नसरीन और सायरा वाड्रा हैं। नसरीन स्वयं को जमीन की प्राकृतिक दावेदार बता रही हैं जबकि सायरा वसीयत में नाम होने का हवाला देकर फार्म पर हक जता रही हैं।

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Nasreen and Saira Vadra face off over land dispute in kichha
किच्छा एसडीएम कार्यालय में कांग्रेसियों के साथ प्रियंका गांधी की जेठानी शायरा वाड्रा। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

किच्छा के पिपलिया में दस एकड़ जमीन पर स्थित करीब 30 करोड़ रुपये के फॉर्म पर कब्जे के लिए नसरीन और सायरा वाड्रा हैं। नसरीन स्वयं को जमीन की प्राकृतिक दावेदार बता रही हैं जबकि सायरा वसीयत में नाम होने का हवाला देकर फार्म पर हक जता रही हैं। वाड्रा परिवार का नाम आने के बाद से कांग्रेस सड़क पर उतरकर सियासत कर रही है। भाजपा ने वाड्रा परिवार पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

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बुधवार को कांग्रेस ने देर रात तक फार्म को सायरा की जमीन बताकर देर रात तक धरना दिया था। बृहस्पतिवार को दोनों पक्षों को एसडीएम कार्यालय बुलाया गया था। सुबह से ही वहां कांग्रेसियों का जमावड़ा लग गया। सायरा अपने वकीलों के साथ एसडीएम कार्यालय पहुंची जबकि नसरीन के वकील आए।

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एडीएम पंकज उपाध्याय, एसडीएम गौरव पांडे और तहसीलदार गिरीश चंद त्रिपाठी ने बंद कमरे में दोनों पक्षों को सुना। दोपहर दो बजे तक चली बैठक के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकला। मामले का हल नहीं निकलने के बाद कांग्रेस ने अगले कदम की घोषणा करते हुए छह जुलाई को कलक्ट्रेट कूच की चेतावनी दी है। इस मौके पर सितारगंज के पूर्व विधायक नारायण पाल, कांग्रेस के जिलाध्यक्ष हिमांशु गाबा, रुद्रपुर महानगर कांग्रेस अध्यक्ष ममता रानी, मोहन खेड़ा, बबलू चौधरी, निवर्तमान पालिकाध्यक्ष दर्शन कोली, विनोद कोरंगा, नारायण सिंह बिष्ट, राजेश प्रताप सिंह, संजय जुनेजा, अशोक चुघ, जीवन जोशी, गुलशन सिंधी, गणेश उपाध्याय, दलजीत सिंह खुराना, मेजर सिंह, राम बाबू, जिला पंचायत सदस्य प्रेम आर्य, इमरान मलिक, विनोद पंत, चंदन पांडे, आरिफ कुरैशी, हाजी शरीफ मलिक थे।

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घटना जमीन हड़पने का गांधी-वाड्रा मॉडल: भाजपा
भाजपा के प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने घटना को जमीन हड़पने का गांधी-वाड्रा मॉडल बताया है। उन्होंने कहा कि रॉबर्ट वाड्रा की भाभी सायरा वाड्रा जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रही हैं। दावा किया कि 90 वर्षीय महिला को धमकाया जा रहा है। सायरा सामने नजर आ रही हैं, जबकि वास्तव में प्रियंका और रॉबर्ट उनके पीछे हैं। जमीन को वाड्रा परिवार को सौंपने की कोशिश की जा रही है। कांग्रेस विधायक बेहड़ ने समर्थकों के साथ नसरीन को जमीन खाली नहीं करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है।

फार्म का कब्जा नसरीन को देने के लिए पुलिस-प्रशासन मिलीभगत कर रहा है। पुलिस की मदद से ही सायरा के स्टाफ को बाहर निकाला गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं की आवाज को भी दबाने की कोशिश की गई। इस मामले में पार्टी चुप नहीं रहेगी। जरूरत पड़ी तो मैं कलक्ट्रेट परिसर में ही आत्मदाह करुंगा। -तिलक राज बेहड़, विधायक, किच्छा

दोनों पक्षों के मामले न्यायालय में विचाराधीन हैं। इस पर टिप्पणी नहीं की जा सकती। एक पक्ष स्वयं को मृतक का उत्तराधिकारी बता रहा है। दूसरे पक्ष का कहना है कि फार्म की वसीयत उनके नाम पर है। दोनों पक्षों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई है। मामले की सुनवाई 16 जुलाई को निर्धारित है। जो भी आदेश होगा उसे लागू करवाया जाएगा। -पंकज उपाध्याय, एसडीएम

इस फार्म की मालकिन कुलसुम खान मेरी बुआ थीं। उन्होंने अपने जीते जी 2024 में एक रजिस्टर्ड वसीयत बनाकर मुझे और अपने चचेरे भाई सिकंदर आलम खान को बेनिफिशरी बनाया था। उनके निधन के बाद ये महिला सामने आई और परेशान करने लगी। मुझे कानून पर पूरा विश्वास है। -सायरा वाड्रा, पक्षकार

नसरीन सांगा ही इस फार्म की असली वारिस हैं। अधिकारियों के समक्ष हमने भी अपने कागजात रखे हैं। दूसरे पक्ष के पास कोई कागजात नहीं है। वसीयत के आधार पर हो रहे दाखिल खारिज में आपत्ति लगा रखी है।-शुभम छाबड़ा, नसरीन के अधिवक्ता

किच्छा के बवाल पर एसएसपी कार्यालय की सुरक्षा बढ़ाई
फार्म पर कब्जे के विवाद और कई घंटों तक चले धरना-प्रदर्शन के बाद एसएसपी कार्यालय की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के संभावित प्रदर्शन और कूच की आशंका को देखते हुए कार्यालय परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया। मुख्य प्रवेश द्वार पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया।

बृहस्पतिवार को पुलिस ने कार्यालय परिसर में प्रवेश करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की पहचान की गहन जांच की। उनका नाम, पता व आने का उद्देश्य रजिस्टर में दर्ज कराया गया। संदिग्ध गतिविधियों पर पुलिस ने पैनी नजर बनाए रखी। भीड़ को सीधे परिसर में आने से बचाने के लिए कार्यालय के चारों ओर बैरिकेडिंग लगाई गई थी। एसपी सिटी, एसएसपी ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और तैनात कर्मियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए।

एसपी सिटी उत्तम सिंह नेगी ने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया। एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह सख्त रखी गई थी, हालांकि पूरे दिन माहौल शांतिपूर्ण रहा।
 

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