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सुखवंत आत्महत्या मामला : हल्द्वानी जेल में बंद जहीर को राहत नहीं, अदालत ने जमानत अर्जी खारिज

संवाद न्यूज एजेंसी Published by: गायत्री जोशी Updated Thu, 26 Feb 2026 05:33 PM IST
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सार

काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या मामले में नामजद आरोपी जहीर की जमानत अर्जी अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर खारिज कर दी।

No relief for Zaheer, lodged in Haldwani jail, court rejects bail plea in kashipur
सांकेतिक तस्वीर।
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विस्तार

काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या मामले में एसआईटी ने जमीन की खरीद-फरोख्त में एजेंट की भूमिका निभाने वाले नामजद आरोपी को बरेली से गिरफ्तार कर लिया था। वर्तमान में आरोपी हल्द्वानी जेल में बंद है। आरोपी ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से अदालत में जमानत की अर्जी दी जिसे सुनवाई के बाद अदालत ने निरस्त कर दिया।

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आईटीआई कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पैगा निवासी किसान सुखवंत सिंह पुत्र तेजा सिंह ने जमीन खरीद-फरोख्त में लगभग चार करोड़ की हुई धोखाधड़ी से आहत होकर बीती 10-11 जनवरी की देर रात काठगोदाम के एक होटल में खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में मृतक सुखवंत सिंह के भाई परविंदर सिंह ने आईटीआई कोतवाली में मुख्य आरोपी अमरजीत सिंह समेत 26 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

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इसमें जहीर निवासी कचनालगाजी गड्ढा कॉलोनी का नाम भी शामिल था। एसआईटी ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए जमीन की खरीद-फरोख्त मामले में मुख्य आरोपी अमरजीत सिंह व अन्य आरोपियों के लिए एजेंट का काम करने वाले जहीर निवासी कचनालगाजी गड्ढा कॉलोनी को बीती सात फरवरी को बरेली रेलवे जंक्शन से गिरफ्तार कर लिया था। एसआईटी ने आरोपी जहीर को काशीपुर अदालत में पेश कर उसको पूछताछ के लिए 14 दिन की रिमांड पर लिया था। इसके बाद आरोपी बीती नौ फरवरी से हल्द्वानी जेल में निरुद्ध है।

इधर आरोपी जहीर ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत में जमानत की अर्जी का प्रार्थना दाखिल किया था। इसमें कहा गया कि उसको झूठा फंसाया गया है। उसने सुखवंत सिंह और उसके भाई के साथ कोई धोखाधड़ी नहीं की। न ही उसने सुखवंत सिंह को आत्महत्या के लिए मजबूर किया है। अदालत ने सुनवाई के दौरान आरोपी के अधिवक्ता व शासकीय अधिवक्ताओं के तर्कों को सुना और साक्ष्यों का अवलोकन किया। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश की मनोज गर्ब्याल की अदालत ने शासकीय अधिवक्ता के तर्कों से संतुष्ट होकर आरोपी जहीर के जमानत प्रार्थनापत्र को निरस्त कर दिया।

अभियुक्त जहीर ने 520 बार की फोन पर बातचीत

शासकीय अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि अभियुक्त जहीर और सह अभियुक्तों ने वादी परविंदर सिंह तथा उसके भाई सुखवंत सिंह से दो-दो बार धोखाधड़ी कर 3.82 करोड़ रुपये हड़प लिए थे। इससे आहत होकर सुखवंत सिंह ने आत्महत्या कर ली थी। शासकीय अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि अभियुक्त जहीर और सुखवंत सिंह के बीच 11 अप्रैल 2025 से 26 सितंबर 2025 तक 434 बार और वादी परविंदर सिंह व जहीर के बीच 12 अप्रैल 2025 से 22 सितंबर 2025 तक 86 बार फोन पर बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि इस प्रकार अभियुक्त जहीर के साथ 520 बार वादी व उसके भाई सुखवंत सिंह की फोन पर बातचीत हुई।

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