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Udham Singh Nagar News: संशोधित... डिजिटल दुनिया में निशाने पर किशोर... दोस्ती से शुरू, ब्लैकमेल पर खत्म
Mon, 13 Jul 2026 01:09 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Mon, 13 Jul 2026 01:09 AM IST
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काशीपुर। डिजिटल दुनिया में किशोरों को निशाना बनाने वाले साइबर यौन अपराधियों का जाल तेजी से फैल रहा है। ऊधमसिंह नगर में बीते छह महीनों के दौरान पॉक्सो एक्ट और चाइल्ड पोर्नोग्राफी से जुड़े 50 से अधिक मामले दर्ज हुए हैं। इस सभी मामलों में एक तथ समान है कि इंस्टाग्राम, फेसबुक, स्नैपचैट, व्हाट्सएप और गेमिंग ऐप्स किशोरों को इस दलदल में खींच रहे हैं।
जांच एजेंसियों के अनुसार स्क्रीन के उस पर अपराधी शिकारी की तरह घात लगाए रहते हैं और किशोर उनके चंगुल में फंस जाते हैं। पहले दोस्ती, फिर निजी फोटो और वीडियो की मांग, उसके बाद ब्लैकमेल और यौन शोषण। सोशल मीडिया अब अपराधियों के लिए बच्चों तक पहुंचने का सबसे आसान माध्यम बनता जा रहा है।
हाल ही में आईटीआई थाना क्षेत्र में चाइल्ड पोर्नोग्राफी के दो मामलों में एफआईआर दर्ज हुई। इनमें सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि एक आरोपी खुद किशोर है। उसने अपनी मां के मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर आपत्तिजनक सामग्री सोशल मीडिया पर अपलोड की। यह मामला बताता है कि अब किशोर केवल पीड़ित ही नहीं बल्कि अनजाने में अपराध की श्रेणी में भी पहुंच रहे हैं।
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पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मई और जून में ही पॉक्सो और चाइल्ड पोर्नोग्राफी के करीब डेढ़ दर्जन मामले सामने आए। बढ़ते मामलों को देखते हुए काशीपुर में पॉक्सो अदालत का संचालन भी शुरू किया गया है ताकि ऐसे मामलों का त्वरित निस्तारण हो सके। संवाद
दोस्ती से ब्लैकमेल तक...
जांच में सामने आया है कि अपराधी फर्जी प्रोफाइल बनाकर किशोरों से दोस्ती करते हैं। विश्वास जीतने के बाद निजी फोटो और वीडियो मांगते हैं। इसके बाद इन्हीं तस्वीरों और वीडियो के आधार पर ब्लैकमेल कर पैसे वसूलने, यौन शोषण करने या अश्लील सामग्री साझा करने के लिए मजबूर किया जाता है। कई मामलों में पीड़ित सामाजिक बदनामी के डर से शिकायत तक दर्ज नहीं करा पाते।
तीन मामले, जो बढ़ते खतरे की गवाही देते हैं
केस-1 : दुष्कर्म और देह व्यापार गिरोह का खुलासा
मार्च 2026 में काशीपुर पुलिस ने नाबालिग से दुष्कर्म और देह व्यापार कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया। मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया जबकि फरार आरोपियों और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।
केस-2 : नौकरी का झांसा, दिल्ली ले जाकर हत्या
कुंडा क्षेत्र की एक नाबालिग को नौकरी दिलाने का झांसा देकर दिल्ली ले जाया गया। वहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया और बाद में उसकी हत्या कर शव फेंक दिया गया। पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया।
केस-3 : इंस्टाग्राम पर अश्लील सामग्री साझा करने का मामला
रुद्रपुर के भदईपुरा निवासी एक युवक के खिलाफ इंस्टाग्राम पर बाल अश्लील वीडियो साझा करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब 15 से 18 वर्ष आयु वर्ग के किशोर भी चैट, रील और स्टेटस के माध्यम से आपत्तिजनक सामग्री बनाकर या साझा कर कानून के दायरे में आ रहे हैं।
कोट
इंटरनेट पर एक क्लिक जिंदगी बर्बाद कर सकता है। सोशल एकाउंट पर प्राइवेसी रखें। कोई संदिग्ध लिंक, वीडियो या मैसेज मिले तो उसे डिलीट न करें। स्क्रीनशॉट लेकर 1930 साइबर हेल्पलाइन या 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन पर शिकायत करें। - अजय सिंह, एसएसपी एसटीएफ
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जांच एजेंसियों के अनुसार स्क्रीन के उस पर अपराधी शिकारी की तरह घात लगाए रहते हैं और किशोर उनके चंगुल में फंस जाते हैं। पहले दोस्ती, फिर निजी फोटो और वीडियो की मांग, उसके बाद ब्लैकमेल और यौन शोषण। सोशल मीडिया अब अपराधियों के लिए बच्चों तक पहुंचने का सबसे आसान माध्यम बनता जा रहा है।
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हाल ही में आईटीआई थाना क्षेत्र में चाइल्ड पोर्नोग्राफी के दो मामलों में एफआईआर दर्ज हुई। इनमें सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि एक आरोपी खुद किशोर है। उसने अपनी मां के मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर आपत्तिजनक सामग्री सोशल मीडिया पर अपलोड की। यह मामला बताता है कि अब किशोर केवल पीड़ित ही नहीं बल्कि अनजाने में अपराध की श्रेणी में भी पहुंच रहे हैं।
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पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मई और जून में ही पॉक्सो और चाइल्ड पोर्नोग्राफी के करीब डेढ़ दर्जन मामले सामने आए। बढ़ते मामलों को देखते हुए काशीपुर में पॉक्सो अदालत का संचालन भी शुरू किया गया है ताकि ऐसे मामलों का त्वरित निस्तारण हो सके। संवाद
दोस्ती से ब्लैकमेल तक...
जांच में सामने आया है कि अपराधी फर्जी प्रोफाइल बनाकर किशोरों से दोस्ती करते हैं। विश्वास जीतने के बाद निजी फोटो और वीडियो मांगते हैं। इसके बाद इन्हीं तस्वीरों और वीडियो के आधार पर ब्लैकमेल कर पैसे वसूलने, यौन शोषण करने या अश्लील सामग्री साझा करने के लिए मजबूर किया जाता है। कई मामलों में पीड़ित सामाजिक बदनामी के डर से शिकायत तक दर्ज नहीं करा पाते।
तीन मामले, जो बढ़ते खतरे की गवाही देते हैं
केस-1 : दुष्कर्म और देह व्यापार गिरोह का खुलासा
मार्च 2026 में काशीपुर पुलिस ने नाबालिग से दुष्कर्म और देह व्यापार कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया। मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया जबकि फरार आरोपियों और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।
केस-2 : नौकरी का झांसा, दिल्ली ले जाकर हत्या
कुंडा क्षेत्र की एक नाबालिग को नौकरी दिलाने का झांसा देकर दिल्ली ले जाया गया। वहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया और बाद में उसकी हत्या कर शव फेंक दिया गया। पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया।
केस-3 : इंस्टाग्राम पर अश्लील सामग्री साझा करने का मामला
रुद्रपुर के भदईपुरा निवासी एक युवक के खिलाफ इंस्टाग्राम पर बाल अश्लील वीडियो साझा करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अब 15 से 18 वर्ष आयु वर्ग के किशोर भी चैट, रील और स्टेटस के माध्यम से आपत्तिजनक सामग्री बनाकर या साझा कर कानून के दायरे में आ रहे हैं।
कोट
इंटरनेट पर एक क्लिक जिंदगी बर्बाद कर सकता है। सोशल एकाउंट पर प्राइवेसी रखें। कोई संदिग्ध लिंक, वीडियो या मैसेज मिले तो उसे डिलीट न करें। स्क्रीनशॉट लेकर 1930 साइबर हेल्पलाइन या 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन पर शिकायत करें। - अजय सिंह, एसएसपी एसटीएफ