सुखवंत आत्महत्या मामला: बेटे की फीस माफ होगी, पत्नी को मिलेगी सरकारी पेंशन
काशीपुर में किसान सुखवंत सिंह की आत्महत्या के बाद प्रशासन ने उनके बेटे गुरसेज की पढ़ाई निशुल्क कराने का निर्णय लिया है जिससे परिवार को बड़ी राहत मिली है।
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काशीपुर में भूमाफिया और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाकर आत्मघाती कदम उठाने वाले किसान सुखवंत सिंह के बेटे गुरसेज की पढ़ाई अब निशुल्क होगी। प्रशासन ने संबंधित स्कूल प्रबंधन को फीस माफ करने के निर्देश दिए हैं। वहीं प्रशासन की पहल से किसान सुखवंत के बेटे की फीस माफ होने से परिवार को थोड़ी राहत मिल गई है।
आईटीआई के ग्राम पैगा निवासी तेजा सिंह के बेटे सुखवंत सिंह ने जमीन खरीद-फरोख्त में करीब चार करोड़ रुपये की धोखाधड़ी से परेशान होकर बीती जनवरी में आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद राजनीतिक व सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों ने शोकाकुल परिवार को तमाम आश्वासन दिए थे।
इस दौरान शासन-प्रशासन ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि मृतक सुखवंत सिंह के इकलौते बेटे गुरसेज का भविष्य उज्ज्वल बनाने में पूरा सहयोग किया जाएगा। गुरसेज इस समय अलीगंज रोड स्थित एक अंग्रेजी माध्यम स्कूल में कक्षा नौवीं का छात्र है लेकिन उसकी फीस माफ नहीं हुई थी।
परिजनों की इस समस्या को अमर उजाला ने बीते 29 अप्रैल के अंक में ''''सुखवंत के बाद सहानुभूति और सियासत खूब लेकिन सहारा नहीं'''' शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। इसके बाद प्रशासन हरकत में आ गया।
एसडीएम अभय प्रताप सिंह ने बताया कि मृतक सुखवंत के बेटे गुरसेज के स्कूल की फीस माफ होगी। इस संबंध में स्कूल प्रबंधन को निर्देश दिए गए हैं। साथ ही बीईओ को फीस माफ के संबंध में कहा गया है। उन्होंने बताया कि मृतक की पत्नी प्रदीप कौर के परिजनों से बात करके पेंशन संबंधित आवश्यक कागजात मंगवाए जा रहे हैं। इस बाद उनकी भी पेंशन बनवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
मृतक सुखवंत सिंह के भाई परविंदर सिंह व गुरसेज की मां प्रदीप कौर ने प्रशासन की इस कार्यवाही पर संतुष्टि जताते हुए कहा कि प्रशासन ने आखिर उनकी सुन ली और भतीजे गुरसेज की स्कूल फीस माफ करवा दी है।
जिस अंग्रेजी माध्यम स्कूल में गुरसेज पढ़ता है। वहां के प्रबंधन से बात करके फीस माफ करने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूल प्रबंधन ने भी फीस नहीं लेने की बात कही है। अब छात्र के परिजनों से कोई स्कूल फीस नहीं ली जाएगी। - डीके साहू, खंड शिक्षा अधिकारी
