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Udham Singh Nagar News: आरटीई प्रवेश में निजी विद्यालयों की मनमानी पर लगेगी लगाम
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Thu, 19 Mar 2026 10:42 PM IST
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सितारगंज। शिक्षा विभाग ने आरटीई प्रवेश में मनमानी करने वाले निजी विद्यालयों पर अंकुश लगाने की तैयारी कर ली है। अब विकासखंड स्तर पर बनी टीम सभी विद्यालयों के सेवित क्षेत्रों और न्यूनतम कक्षा में उपलब्ध सीटों का सत्यापन करेगी।
आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में निर्धन छात्रों को मुफ्त शिक्षा उपलब्ध कराई जाती है। जिसके लिए आवेदन की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। इधर, निजी विद्यालयों ने भी आरटीई पोर्टल पर अपने सेवित क्षेत्र और न्यूनतम कक्षा में उपलब्ध सीटों को दर्शाकर पंजीकरण करा दिया है।
अब विकासखंड स्तर पर गठित बीआरपी, सीआरपी और डाटा एंट्री ऑपरेटर की टीम ग्राम पंचायत सीमांकन नक्शा, नगर निकाय नक्शा या नगर पंचायत वार्ड सीमांकन नक्शे के साथ निजी विद्यालयों के सेवित क्षेत्रों का सत्यापन करेगी। यदि कोई ग्राम पंचायत या वार्ड किसी भी विद्यालय में सेवित क्षेत्र के तौर पर शामिल नहीं किया गया होगा। तो उसे शामिल कर वहां के गरीब बच्चों को आरटीई का लाभ दिया जाएगा।
साथ ही निजी विद्यालयों की न्यूनतम कक्षा में उपलब्ध सीटों का सत्यापन करने के लिए टीम विद्यालय के पिछले तीन शैक्षणिक सत्र में उपलब्ध सीटों का औसत निकाल कर उसका 25 फीसदी निकालेगी। जिसे विद्यालय को आरटीई सीट के तौर पर आवंटित किया जाएगा।
माना जा रहा है कि इससे दायरे के बाहर जाकर आरटीई के तहत अधिक से अधिक बच्चों का प्रवेश लेने वाले निजी विद्यालयों पर प्रभावी रोक लग सकेगी। इस संबंध में समग्र शिक्षा के जिला परियोजना अधिकारी हरेंद्र कुमार मिश्रा ने सभी विकासखंडों के सभी बीआरपी, सीआरपी और डाटा एंट्री ऑपरेटर के साथ 18 मार्च को सीईओ कार्यालय में बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश भी दे दिए हैं। संवाद
-वर्जन
आरटीई प्रवेश में निजी विद्यालयों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए विकासखंड स्तर पर बीआरपी, सीआरपी और डाटा एंट्री ऑपरेटर की टीम निजी विद्यालयों के सेवित क्षेत्रों और आरटीई के तहत सीट आवंटित करने के लिए रिपोर्ट बनाकर जिला कार्यालय को भेजेगी। जिला स्तर से ही सभी विद्यालयों को आरटीई सीट आवंटित की जाएगी। यदि कोई ग्राम पंचायत या वार्ड छूट गया होगा। तो उसे भी शामिल कर वहां के बच्चों को भी आरटीई का लाभ पहुंचाया जाएगा। - हरेंद्र कुमार मिश्रा, जिला परियोजना अधिकारी समग्र शिक्षा ऊधमसिंह नगर
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आरटीई के तहत निजी विद्यालयों में निर्धन छात्रों को मुफ्त शिक्षा उपलब्ध कराई जाती है। जिसके लिए आवेदन की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। इधर, निजी विद्यालयों ने भी आरटीई पोर्टल पर अपने सेवित क्षेत्र और न्यूनतम कक्षा में उपलब्ध सीटों को दर्शाकर पंजीकरण करा दिया है।
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अब विकासखंड स्तर पर गठित बीआरपी, सीआरपी और डाटा एंट्री ऑपरेटर की टीम ग्राम पंचायत सीमांकन नक्शा, नगर निकाय नक्शा या नगर पंचायत वार्ड सीमांकन नक्शे के साथ निजी विद्यालयों के सेवित क्षेत्रों का सत्यापन करेगी। यदि कोई ग्राम पंचायत या वार्ड किसी भी विद्यालय में सेवित क्षेत्र के तौर पर शामिल नहीं किया गया होगा। तो उसे शामिल कर वहां के गरीब बच्चों को आरटीई का लाभ दिया जाएगा।
साथ ही निजी विद्यालयों की न्यूनतम कक्षा में उपलब्ध सीटों का सत्यापन करने के लिए टीम विद्यालय के पिछले तीन शैक्षणिक सत्र में उपलब्ध सीटों का औसत निकाल कर उसका 25 फीसदी निकालेगी। जिसे विद्यालय को आरटीई सीट के तौर पर आवंटित किया जाएगा।
माना जा रहा है कि इससे दायरे के बाहर जाकर आरटीई के तहत अधिक से अधिक बच्चों का प्रवेश लेने वाले निजी विद्यालयों पर प्रभावी रोक लग सकेगी। इस संबंध में समग्र शिक्षा के जिला परियोजना अधिकारी हरेंद्र कुमार मिश्रा ने सभी विकासखंडों के सभी बीआरपी, सीआरपी और डाटा एंट्री ऑपरेटर के साथ 18 मार्च को सीईओ कार्यालय में बैठक कर आवश्यक दिशा निर्देश भी दे दिए हैं। संवाद
-वर्जन
आरटीई प्रवेश में निजी विद्यालयों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए विकासखंड स्तर पर बीआरपी, सीआरपी और डाटा एंट्री ऑपरेटर की टीम निजी विद्यालयों के सेवित क्षेत्रों और आरटीई के तहत सीट आवंटित करने के लिए रिपोर्ट बनाकर जिला कार्यालय को भेजेगी। जिला स्तर से ही सभी विद्यालयों को आरटीई सीट आवंटित की जाएगी। यदि कोई ग्राम पंचायत या वार्ड छूट गया होगा। तो उसे भी शामिल कर वहां के बच्चों को भी आरटीई का लाभ पहुंचाया जाएगा। - हरेंद्र कुमार मिश्रा, जिला परियोजना अधिकारी समग्र शिक्षा ऊधमसिंह नगर