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Udham Singh Nagar News: पहले तेल डालकर जलाने का लगाया आरोप, कोर्ट में पलट गई पत्नी
Tue, 14 Jul 2026 01:13 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, ऊधम सिंह नगर
Updated Tue, 14 Jul 2026 01:13 AM IST
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रुद्रपुर। पंचम अपर सिविल जज सीनियर डिवीजन शमा परवीन ने दहेज उत्पीड़न के मामले में पति और ससुरालियों को दोषमुक्त कर दिया है। महिला ने पति और ससुरालियों पर दहेज के लिए पहले तेल डालकर जलाने का आरोप लगाया। बाद में अदालत के सामने आरोपों से मुकर गई।
वर्ष 2020 में कोतवाली गदरपुर क्षेत्र में मनप्रीत कौर ने अपने पति इंद्रमोहन, सास सुखविंदर कौर और जेठानी कमलजीत कौर के खिलाफ दहेज की मांग, मारपीट, बंधक बनाने, जान से मारने की धमकी और दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि ससुराल पक्ष ने उसे प्रताड़ित किया और उस पर तेल डालकर जलाने का भी प्रयास किया। मामले की सुनवाई के दौरान सास सुखविंदर कौर का निधन हो गया जिसके बाद उनके खिलाफ न्यायिक कार्रवाई समाप्त कर दी गई।
इसके बाद पति इंद्रमोहन सिंह और जेठानी कमलजीत कौर के विरुद्ध मुकदमे की सुनवाई जारी रही। इस दौरान मामला उस समय पूरी तरह बदल गया जब वादी मनप्रीत कौर, उसके पिता सुखविंदर सिंह और माता रजविंदर कौर ने अदालत में अभियोजन पक्ष की कहानी का समर्थन करने से इंकार कर दिया। तीनों गवाहों ने अपने बयानों में कहा कि ससुराल पक्ष ने कभी दहेज की मांग नहीं की और न ही उनके साथ मारपीट, गालीगलौज या जान से मारने की धमकी दी।
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गवाहों और साक्ष्यों के अवलोकन के बाद पंचम अपर सिविल जज (सीडी)/एसीजेएम शमा परवीन की अदालत ने सर्वोच्च न्यायालय के एक पूर्व निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि जब मुख्य गवाह ही आरोपों का समर्थन नहीं करते, तब केवल आरोपों के आधार पर दोषसिद्धि नहीं की जा सकती। इसके बाद अदालत ने दोनों को दोषमुक्त कर उनके बंधपत्र निरस्त करने का आदेश दिया।
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वर्ष 2020 में कोतवाली गदरपुर क्षेत्र में मनप्रीत कौर ने अपने पति इंद्रमोहन, सास सुखविंदर कौर और जेठानी कमलजीत कौर के खिलाफ दहेज की मांग, मारपीट, बंधक बनाने, जान से मारने की धमकी और दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि ससुराल पक्ष ने उसे प्रताड़ित किया और उस पर तेल डालकर जलाने का भी प्रयास किया। मामले की सुनवाई के दौरान सास सुखविंदर कौर का निधन हो गया जिसके बाद उनके खिलाफ न्यायिक कार्रवाई समाप्त कर दी गई।
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इसके बाद पति इंद्रमोहन सिंह और जेठानी कमलजीत कौर के विरुद्ध मुकदमे की सुनवाई जारी रही। इस दौरान मामला उस समय पूरी तरह बदल गया जब वादी मनप्रीत कौर, उसके पिता सुखविंदर सिंह और माता रजविंदर कौर ने अदालत में अभियोजन पक्ष की कहानी का समर्थन करने से इंकार कर दिया। तीनों गवाहों ने अपने बयानों में कहा कि ससुराल पक्ष ने कभी दहेज की मांग नहीं की और न ही उनके साथ मारपीट, गालीगलौज या जान से मारने की धमकी दी।
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गवाहों और साक्ष्यों के अवलोकन के बाद पंचम अपर सिविल जज (सीडी)/एसीजेएम शमा परवीन की अदालत ने सर्वोच्च न्यायालय के एक पूर्व निर्णय का हवाला देते हुए कहा कि जब मुख्य गवाह ही आरोपों का समर्थन नहीं करते, तब केवल आरोपों के आधार पर दोषसिद्धि नहीं की जा सकती। इसके बाद अदालत ने दोनों को दोषमुक्त कर उनके बंधपत्र निरस्त करने का आदेश दिया।