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Uttarkashi News: सेब का बंपर उत्पादन पर कोल्ड स्टोर की कमी से बागवान बेहाल
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sun, 19 Apr 2026 06:42 PM IST
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आराकोट-बंगाण के बागवानों हैं परेशान, सड़कें बंद होने और स्टोर न होने से पेटियों में सड़ रहा सेब
उत्तरकाशी। जनपद में सबसे अधिक सेब उत्पादन करने वाले मोरी विकासखंड में कोल्ड स्टोर नहीं होने के कारण हर वर्ष बागवानों को नुकसान उठाना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मानसून सीजन मेंं आपदा के दौरान कई बार सड़कें बंद होने के कारण स्टोर की सुविधा नहीं मिलने पर सेब खराब हो जाते हैं। इस संबंध में कई बार शासन-प्रशासन से मांग की गई लेकिन आज तक इस पर कार्रवाई नहीं हो पाई है।
जनपद में सेब का सबसे अधिक उत्पादन मोरी विकासखंड में प्रति वर्ष करीब दस हजार मीट्रिक टन होता है। इसमें सबसे अधिक हिमाचल प्रदेश से सटे आराकोट बंगाण क्षेत्र में सेब का उत्पादन किया जाता है। दूसरी ओर पिछले करीब सात आठ वर्षों में विकासखंड के सिंगतूर पट्टी, कोटगांव-जखोल, सेवा, बरि आदि क्षेत्रों में सेब की खेती में बढ़ावा देखने को मिला है लेकिन आज भी इन लोगों को सेब उत्पादन से संबंधित दवाइयों, पेटियों और संसाधनों के लिए अधिकांश हिमाचल प्रदेश पर निर्भर रहना पड़ता है।
स्थानीय निवासी राजपाल रावत, दिनेश रावत, वरदान सिंह, जगदीश रांगड़ का कहना है कि वर्षों से मोरी में एक कोल्ड स्टोरेज खोलने की मांग की जा रही है लेकिन उस पर अभी तक अमल नहीं हो पाया है। हर वर्ष बरसात के दौरान सेब बागवानों को कोल्ड स्टोर न होने के कारण नुकसान उठाना पड़ता है। उनका कहना है कि सड़कें खराब होने के कारण ग्रेड ए से लेकर सी तक को सुरक्षित रखने के लिए कहीं पर उचित स्थान नहीं मिलता है। इसलिए कई बार सेब पेटियों में रखकर खराब हो जाते हैं। सीएचओ रजनीश सिंह का कहना है कि मोरी विकासखंड में कोल्ड स्टोर मुख्यमंत्री की घोषणा में है। इस पर कार्रवाई गतिमान है।
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उत्तरकाशी। जनपद में सबसे अधिक सेब उत्पादन करने वाले मोरी विकासखंड में कोल्ड स्टोर नहीं होने के कारण हर वर्ष बागवानों को नुकसान उठाना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मानसून सीजन मेंं आपदा के दौरान कई बार सड़कें बंद होने के कारण स्टोर की सुविधा नहीं मिलने पर सेब खराब हो जाते हैं। इस संबंध में कई बार शासन-प्रशासन से मांग की गई लेकिन आज तक इस पर कार्रवाई नहीं हो पाई है।
जनपद में सेब का सबसे अधिक उत्पादन मोरी विकासखंड में प्रति वर्ष करीब दस हजार मीट्रिक टन होता है। इसमें सबसे अधिक हिमाचल प्रदेश से सटे आराकोट बंगाण क्षेत्र में सेब का उत्पादन किया जाता है। दूसरी ओर पिछले करीब सात आठ वर्षों में विकासखंड के सिंगतूर पट्टी, कोटगांव-जखोल, सेवा, बरि आदि क्षेत्रों में सेब की खेती में बढ़ावा देखने को मिला है लेकिन आज भी इन लोगों को सेब उत्पादन से संबंधित दवाइयों, पेटियों और संसाधनों के लिए अधिकांश हिमाचल प्रदेश पर निर्भर रहना पड़ता है।
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स्थानीय निवासी राजपाल रावत, दिनेश रावत, वरदान सिंह, जगदीश रांगड़ का कहना है कि वर्षों से मोरी में एक कोल्ड स्टोरेज खोलने की मांग की जा रही है लेकिन उस पर अभी तक अमल नहीं हो पाया है। हर वर्ष बरसात के दौरान सेब बागवानों को कोल्ड स्टोर न होने के कारण नुकसान उठाना पड़ता है। उनका कहना है कि सड़कें खराब होने के कारण ग्रेड ए से लेकर सी तक को सुरक्षित रखने के लिए कहीं पर उचित स्थान नहीं मिलता है। इसलिए कई बार सेब पेटियों में रखकर खराब हो जाते हैं। सीएचओ रजनीश सिंह का कहना है कि मोरी विकासखंड में कोल्ड स्टोर मुख्यमंत्री की घोषणा में है। इस पर कार्रवाई गतिमान है।

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