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Uttarkashi News: बरसाती गदेरों के बीच खतरे में 20 छात्रों का भविष्य
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Mon, 20 Apr 2026 06:25 PM IST
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प्राथमिक स्कूल ढाटमीर में जान जोखिम में डालकर स्कूल जा रहे बच्चे
ग्रामीणों ने लगाई सुरक्षित भवन की गुहार
उत्तरकाशी। मोरी विकासखंड के दूरस्थ गांव ढाटमीर में राजकीय प्राथमिक विद्यालय के बीस छात्र-छात्राएं और दो शिक्षक डर के साए में पढ़ने को मजबूर हैं। विद्यालय के दोनों ओर बरसाती गदेरे होने के कारण अनहोनी का खतरा बना रहता है। बरसात के मौसम में कई बार विद्यालय में पानी घुस जाता है, जिससे स्थिति और भी भयावह हो जाती है।
स्थानीय निवासी राजपाल रावत और कमली देवी ने बताया कि विद्यालय भवन में स्थान कम है। ग्रामीणों ने लंबे समय से विद्यालय को जूनियर हाईस्कूल के भवन में स्थानांतरित करने की मांग की है। जूनियर हाईस्कूल का भवन गांव के बीच में एक सुरक्षित स्थान पर स्थित है। वर्तमान में जूनियर हाईस्कूल ढाटमीर में शिक्षकों की तैनाती नहीं है। इस कारण वहां पढ़ने वाले एक छात्र को राजकीय प्राथमिक विद्यालय में भेजा गया है। ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षा विभाग ने अभी तक इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने मांग की है कि यदि जूनियर हाईस्कूल दोबारा संचालित नहीं हो सकता, तो प्राथमिक विद्यालय को उसका लाभ दिया जाए। इस मामले पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों से फोन पर संपर्क नहीं हो पाया है।
अनहोनी का खतरा
राजकीय प्राथमिक विद्यालय ढाटमीर के दोनों ओर बरसाती गदेरे हैं। इन गदेरों के कारण विद्यालय में लगातार अनहोनी का खतरा बना रहता है। बरसात के दिनों में विद्यालय परिसर में पानी भर जाता है। इससे छात्रों और शिक्षकों को असुरक्षित माहौल में पढ़ाई करनी पड़ती है। ग्रामीणों ने इस गंभीर समस्या पर चिंता व्यक्त की है।
ग्रामीणों की मांग
स्थानीय ग्रामीणों ने कई बार विद्यालय को जूनियर हाईस्कूल में स्थानांतरित करने की मांग की है। उनका तर्क है कि जूनियर हाईस्कूल का भवन गांव के मध्य में सुरक्षित स्थान पर है। वर्तमान में जूनियर हाईस्कूल में कोई शिक्षक नहीं है, जिससे उसका एक छात्र प्राथमिक विद्यालय में पढ़ रहा है। ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से इस पर तत्काल कार्रवाई करने की अपील की है। वे चाहते हैं कि प्राथमिक विद्यालय को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाए।
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ग्रामीणों ने लगाई सुरक्षित भवन की गुहार
उत्तरकाशी। मोरी विकासखंड के दूरस्थ गांव ढाटमीर में राजकीय प्राथमिक विद्यालय के बीस छात्र-छात्राएं और दो शिक्षक डर के साए में पढ़ने को मजबूर हैं। विद्यालय के दोनों ओर बरसाती गदेरे होने के कारण अनहोनी का खतरा बना रहता है। बरसात के मौसम में कई बार विद्यालय में पानी घुस जाता है, जिससे स्थिति और भी भयावह हो जाती है।
स्थानीय निवासी राजपाल रावत और कमली देवी ने बताया कि विद्यालय भवन में स्थान कम है। ग्रामीणों ने लंबे समय से विद्यालय को जूनियर हाईस्कूल के भवन में स्थानांतरित करने की मांग की है। जूनियर हाईस्कूल का भवन गांव के बीच में एक सुरक्षित स्थान पर स्थित है। वर्तमान में जूनियर हाईस्कूल ढाटमीर में शिक्षकों की तैनाती नहीं है। इस कारण वहां पढ़ने वाले एक छात्र को राजकीय प्राथमिक विद्यालय में भेजा गया है। ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षा विभाग ने अभी तक इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की है। उन्होंने मांग की है कि यदि जूनियर हाईस्कूल दोबारा संचालित नहीं हो सकता, तो प्राथमिक विद्यालय को उसका लाभ दिया जाए। इस मामले पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों से फोन पर संपर्क नहीं हो पाया है।
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अनहोनी का खतरा
राजकीय प्राथमिक विद्यालय ढाटमीर के दोनों ओर बरसाती गदेरे हैं। इन गदेरों के कारण विद्यालय में लगातार अनहोनी का खतरा बना रहता है। बरसात के दिनों में विद्यालय परिसर में पानी भर जाता है। इससे छात्रों और शिक्षकों को असुरक्षित माहौल में पढ़ाई करनी पड़ती है। ग्रामीणों ने इस गंभीर समस्या पर चिंता व्यक्त की है।
ग्रामीणों की मांग
स्थानीय ग्रामीणों ने कई बार विद्यालय को जूनियर हाईस्कूल में स्थानांतरित करने की मांग की है। उनका तर्क है कि जूनियर हाईस्कूल का भवन गांव के मध्य में सुरक्षित स्थान पर है। वर्तमान में जूनियर हाईस्कूल में कोई शिक्षक नहीं है, जिससे उसका एक छात्र प्राथमिक विद्यालय में पढ़ रहा है। ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से इस पर तत्काल कार्रवाई करने की अपील की है। वे चाहते हैं कि प्राथमिक विद्यालय को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाए।
