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Uttarkashi News: शिरगुल महाराज के मेले में उमड़े श्रद्धालु
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Mon, 20 Apr 2026 05:21 PM IST
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पुरोला। सरूका स्थित शिरगुल महाराज मंदिर में पारंपरिक रीति-रिवाज और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ रात्रि जागरण व एक दिवसीय भव्य मेले का आयोजन किया गया। देवदार, बांज और बुरांश के घने जंगलों के बीच आयोजित धार्मिक उत्सव में दूर-दराज क्षेत्रों से श्रद्धालु पहुंचे।
रवांई घाटी के कमल सिरांई, बाबर-जौनसार व हिमाचल क्षेत्र से आए श्रद्धालुओं ने मंदिर में दर्शन कर पत्थर की ओखली से निकलने वाले अमृत स्वरूप जल का सेवन किया। सोमवार को पारंपरिक ढंग से भव्य मेले का आयोजन किया गया जिसमें कथियान, बाबर और त्यूणी क्षेत्र से लोग ढोल-नगाड़ों के साथ शामिल हुए। गांव-गांव से पहुंचे श्रद्धालुओं ने पारंपरिक हारूल और तांदी गीतों के माध्यम से शिरगुल महाराज की आराधना की।
सदियों पुरानी मान्यताओं के अनुसार, मंदिर परिसर में परिवार के बड़े बेटे का 3, 5 और 7 वर्ष की आयु में विशेष पूजा-अर्चना के साथ मुंडन संस्कार भी किया जाता है जिसे शुभ और पवित्र माना जाता है। मंदिर समिति के उपेंद्र शर्मा, राजेंद्र, सोबन, मनमोहन, कमला राम और अनिल शर्मा ने बताया कि मेले के दौरान भीड़ के कारण पेयजल की व्यवस्था अपर्याप्त हो जाती है। उन्होंने प्रशासन से मंदिर परिसर में पेयजल और विद्युत की समुचित व्यवस्था करने व अस्थायी धर्मशालाओं के निर्माण की मांग की। संवाद
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सदियों पुरानी मान्यताओं के अनुसार, मंदिर परिसर में परिवार के बड़े बेटे का 3, 5 और 7 वर्ष की आयु में विशेष पूजा-अर्चना के साथ मुंडन संस्कार भी किया जाता है जिसे शुभ और पवित्र माना जाता है। मंदिर समिति के उपेंद्र शर्मा, राजेंद्र, सोबन, मनमोहन, कमला राम और अनिल शर्मा ने बताया कि मेले के दौरान भीड़ के कारण पेयजल की व्यवस्था अपर्याप्त हो जाती है। उन्होंने प्रशासन से मंदिर परिसर में पेयजल और विद्युत की समुचित व्यवस्था करने व अस्थायी धर्मशालाओं के निर्माण की मांग की। संवाद
