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Uttarkashi News: फाइलों में कैद भटवाड़ी केंद्रीय विद्यालय, पलायन को मजबूर सीमांतवासी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Mon, 13 Apr 2026 11:13 PM IST
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44 ग्राम सभाओं की उम्मीदों पर फिर रहा पानी, 1.48 करोड़ के बजट में अटका केंद्रीय विद्यालय
उत्तरकाशी। सीमांत विकासखंड भटवाड़ी में केंद्रीय विद्यालय खोलने की मांग पिछले एक दशक से लगातार उठ रही है लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। स्थानीय लोगों ने इस पर नाराजगी व्यक्त की है। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और अभिभावकों का कहना है कि वर्ष 2014-15 से इस संबंध में शासन-प्रशासन के स्तर पर लगातार पत्राचार और प्रस्ताव भेजे जा रहे हैं बावजूद इसके मामला फाइलों तक ही सीमित है।
केंद्रीय विद्यालय की मांग को लेकर लंबे समय से संघर्षरत स्थानीय निवासी केशव नौटियाल का कहना है कि भटवाड़ी जैसे सुदूर और चीन सीमा से सटे क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण अंग्रेजी माध्यम शिक्षा के अभाव के कारण अभिभावकों को बच्चों को पढ़ाई के लिए शहरों की ओर भेजना पड़ रहा है। इससे क्षेत्र में पलायन की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।
राजेश रतूड़ी, अनिल रतूड़ी का कहना है कि लगभग 44 ग्राम सभाएं आती हैं और बड़ी संख्या में सेना व अर्द्धसैनिक बलों के परिवार भी निवास करते हैं जिन्हें केन्द्रीय विद्यालय की सख्त आवश्यकता है। केन्द्रीय विद्यालय संगठन की ओर से विद्यालय संचालन के लिए अस्थायी व्यवस्था के लिए भवन मरम्मत, कक्ष-कक्षों के रंग रोगन और जर्जर आवासीय भवनों के ध्वस्तीकरण के लिए करीब 1.48 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भी पूर्व में भेजा जा चुका है लेकिन धनराशि स्वीकृत नहीं हो सकी।
उत्तरकाशी। सीमांत विकासखंड भटवाड़ी में केंद्रीय विद्यालय खोलने की मांग पिछले एक दशक से लगातार उठ रही है लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। स्थानीय लोगों ने इस पर नाराजगी व्यक्त की है। क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और अभिभावकों का कहना है कि वर्ष 2014-15 से इस संबंध में शासन-प्रशासन के स्तर पर लगातार पत्राचार और प्रस्ताव भेजे जा रहे हैं बावजूद इसके मामला फाइलों तक ही सीमित है।
केंद्रीय विद्यालय की मांग को लेकर लंबे समय से संघर्षरत स्थानीय निवासी केशव नौटियाल का कहना है कि भटवाड़ी जैसे सुदूर और चीन सीमा से सटे क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण अंग्रेजी माध्यम शिक्षा के अभाव के कारण अभिभावकों को बच्चों को पढ़ाई के लिए शहरों की ओर भेजना पड़ रहा है। इससे क्षेत्र में पलायन की समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।
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राजेश रतूड़ी, अनिल रतूड़ी का कहना है कि लगभग 44 ग्राम सभाएं आती हैं और बड़ी संख्या में सेना व अर्द्धसैनिक बलों के परिवार भी निवास करते हैं जिन्हें केन्द्रीय विद्यालय की सख्त आवश्यकता है। केन्द्रीय विद्यालय संगठन की ओर से विद्यालय संचालन के लिए अस्थायी व्यवस्था के लिए भवन मरम्मत, कक्ष-कक्षों के रंग रोगन और जर्जर आवासीय भवनों के ध्वस्तीकरण के लिए करीब 1.48 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भी पूर्व में भेजा जा चुका है लेकिन धनराशि स्वीकृत नहीं हो सकी।

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