{"_id":"69ea186748dc3e870c0332e4","slug":"books-are-a-medium-for-sharing-history-and-experiences-alongside-knowledge-uttarkashi-news-c-54-1-uki1010-119467-2026-04-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Uttarkashi News: किताबें ज्ञान के साथ ही इतिहास और अनुभवों को साझा करने का माध्यम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uttarkashi News: किताबें ज्ञान के साथ ही इतिहास और अनुभवों को साझा करने का माध्यम
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Thu, 23 Apr 2026 06:32 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
उत्तरकाशी। विश्व पुस्तक दिवस पर इंटर कॉलेज कंडारी नौगांव में पुस्तकों के महत्व पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि विश्व पुस्तक दिवस हमें यह याद दिलाता है कि किताबें केवल ज्ञान का स्रोत नहीं है बल्कि वे हमारे इतिहास, संस्कृति, विचारों और अनुभवों को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम है।
कार्यक्रम के दौरान कला शिक्षक एवं रंगकर्मी सुरक्षा रावत के मार्गदर्शन में छात्रों ने रंगकर्मी सफदर हाशमी की चर्चित कविता की भावपूर्ण एवं शानदार प्रस्तुति दी। प्रधानाचार्य नरेश रावत ने बताया कि विद्यालय में इस अभिनव पहल की शुरुआत गत वर्ष धाद संस्था, देहरादून एवं कंडारी गांव के मूल निवासी सुभाष गौड़ के सहयोग से की गई थी।
पाठ्य पुस्तकों के साथ-साथ बच्चे कहानी, कविता, पत्रिकाओं और दैनिक समाचार पत्रों का भी यहां आनंद लेते हैं जिससे उनका बौद्धिक एवं रचनात्मक विकास हो रहा है। कविता प्रस्तुति में शिवन्या, श्रुति, आस्था, विजय, हर्ष, आकर्ष, शिवांश, अक्षत, वेदांश, आरभ, लवंश, धीरज, दिव्यांशु, सार्थक, जयकिशन, अलीशा, कनिका एवं किरण आदि बच्चों की सराहनीय सहभागिता रही। संवद
Trending Videos
कार्यक्रम के दौरान कला शिक्षक एवं रंगकर्मी सुरक्षा रावत के मार्गदर्शन में छात्रों ने रंगकर्मी सफदर हाशमी की चर्चित कविता की भावपूर्ण एवं शानदार प्रस्तुति दी। प्रधानाचार्य नरेश रावत ने बताया कि विद्यालय में इस अभिनव पहल की शुरुआत गत वर्ष धाद संस्था, देहरादून एवं कंडारी गांव के मूल निवासी सुभाष गौड़ के सहयोग से की गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
पाठ्य पुस्तकों के साथ-साथ बच्चे कहानी, कविता, पत्रिकाओं और दैनिक समाचार पत्रों का भी यहां आनंद लेते हैं जिससे उनका बौद्धिक एवं रचनात्मक विकास हो रहा है। कविता प्रस्तुति में शिवन्या, श्रुति, आस्था, विजय, हर्ष, आकर्ष, शिवांश, अक्षत, वेदांश, आरभ, लवंश, धीरज, दिव्यांशु, सार्थक, जयकिशन, अलीशा, कनिका एवं किरण आदि बच्चों की सराहनीय सहभागिता रही। संवद

कमेंट
कमेंट X