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Uttarkashi News: बारिश और ओलावृष्टि से नौगांव-चिन्यालीसौड़ में फसलें तबाह
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sun, 03 May 2026 05:36 PM IST
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प्रभावित किसानों ने मांगी मुआवजे की राहत
नौगांव/चिन्यालीसौड़। शनिवार शाम को हुई बेमौसमी बारिश और भारी ओलावृष्टि ने नौगांव क्षेत्र के धारी कफनौल, स्योरी फल पट्टी सहित चिन्यालीसौड़ क्षेत्र में किसानों की फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचाया है। इससे जहां बागवानी फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं वहीं खेतों में तैयार खड़ी और कटी गेहूं की फसल भी बरबाद हो गई है।
नौगांव क्षेत्र में ओलों की तीव्र मार से सेब की फसल को भारी क्षति पहुंची है। फसल की सुरक्षा के लिए लगाए गए ओला अवरोधक जाल तक टूट गए, जिससे टहनियां क्षतिग्रस्त हो गईं और सेब के दाने झड़ गए। इसके अलावा आड़ू, प्लम और खुमानी जैसी बागवानी फसलें भी प्रभावित हुई हैं। लगातार हो रही ओलावृष्टि ने किसानों की चिंताएं और बढ़ा दी हैं।
जिला पंचायत सदस्य विजय बंधानी और किसान भूषण से सम्मानित काश्तकार जगमोहन राणा ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर नुकसान का जायजा लेने और प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि सेब नगदी फसलों में प्रमुख है जिस पर कई परिवारों की आजीविका निर्भर करती है। ऐसे में बार-बार हो रही प्राकृतिक आपदाएं किसानों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा कर रही हैं।
वहीं, चिन्यालीसौड़ क्षेत्र में भी बेमौसमी बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खेतों में खड़ी गेहूं की फसल और कटाई के बाद रखी फसल दोनों ही बारिश से खराब हो गई हैं, जिससे किसानों में मायूसी है। बड़ेथी गांव के काश्तकार गोपाल रावत, पीतांबर बडोनी, विजय बडोनी और चमन लाल बडोनी ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों से बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि लगातार उनकी रबी और बागवानी फसलों को नुकसान पहुंचा रही है। उन्होंने सरकार से जल्द राहत और मुआवजे की मांग की है।
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नौगांव/चिन्यालीसौड़। शनिवार शाम को हुई बेमौसमी बारिश और भारी ओलावृष्टि ने नौगांव क्षेत्र के धारी कफनौल, स्योरी फल पट्टी सहित चिन्यालीसौड़ क्षेत्र में किसानों की फसलों को व्यापक नुकसान पहुंचाया है। इससे जहां बागवानी फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं वहीं खेतों में तैयार खड़ी और कटी गेहूं की फसल भी बरबाद हो गई है।
नौगांव क्षेत्र में ओलों की तीव्र मार से सेब की फसल को भारी क्षति पहुंची है। फसल की सुरक्षा के लिए लगाए गए ओला अवरोधक जाल तक टूट गए, जिससे टहनियां क्षतिग्रस्त हो गईं और सेब के दाने झड़ गए। इसके अलावा आड़ू, प्लम और खुमानी जैसी बागवानी फसलें भी प्रभावित हुई हैं। लगातार हो रही ओलावृष्टि ने किसानों की चिंताएं और बढ़ा दी हैं।
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जिला पंचायत सदस्य विजय बंधानी और किसान भूषण से सम्मानित काश्तकार जगमोहन राणा ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर नुकसान का जायजा लेने और प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि सेब नगदी फसलों में प्रमुख है जिस पर कई परिवारों की आजीविका निर्भर करती है। ऐसे में बार-बार हो रही प्राकृतिक आपदाएं किसानों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा कर रही हैं।
वहीं, चिन्यालीसौड़ क्षेत्र में भी बेमौसमी बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। खेतों में खड़ी गेहूं की फसल और कटाई के बाद रखी फसल दोनों ही बारिश से खराब हो गई हैं, जिससे किसानों में मायूसी है। बड़ेथी गांव के काश्तकार गोपाल रावत, पीतांबर बडोनी, विजय बडोनी और चमन लाल बडोनी ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों से बेमौसमी बारिश और ओलावृष्टि लगातार उनकी रबी और बागवानी फसलों को नुकसान पहुंचा रही है। उन्होंने सरकार से जल्द राहत और मुआवजे की मांग की है।
