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Uttarkashi News: गंगोत्री हाईवे पर खतरा बने सूखे पेड़, कभी भी हो सकता हादसा
Wed, 15 Jul 2026 06:11 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Wed, 15 Jul 2026 06:11 PM IST
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दरगाह के पास पेड़ गिरने से कुछ समय के लिए यातायात हुआ प्रभावित
उत्तरकाशी। जिला मुख्यालय के नजदीक भटवाड़ी रोड से तेखला तक गंगोत्री हाईवे पर खड़े सूखे और कमजोर पेड़ यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए लगातार खतरा बने हैं। बरसात में यह खतरा और अधिक बढ़ गया है।
मंगलवार रात दरगाह के समीप एक कमजोर चीड़ का पेड़ अचानक हाईवे पर गिर गया जिससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि भटवाड़ी रोड से तेखला तक हाईवे किनारे कई ऐसे पेड़ खड़े हैं जो लंबे समय से सूख चुके हैं या कमजोर हो गए हैं। तेज बारिश और हवा के दौरान ये पेड़ कभी भी टूटकर गिर सकते हैं। इससे न केवल यातायात बाधित होता है बल्कि बिजली की लाइनों को भी नुकसान पहुंचता है।
कई बार पेड़ गिरने से आवाजाही प्रभावित होने के साथ स्थानीय लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। लोगों का कहना है कि चारधाम यात्रा मार्ग होने के कारण सड़क पर हर समय यात्रियों और वाहनों की आवाजाही रहती है। ऐसे में हाईवे किनारे खड़े कमजोर पेड़ों को नजरअंदाज करना किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा है। स्थानीय लोगों ने कार्यदायी संस्था बीआरओ और वन विभाग से संयुक्त सर्वे कर हाईवे किनारे खड़े सूखे और जर्जर पेड़ों को चिन्हित कर तत्काल हटाने की मांग की है। बीआरओ कमांडर राजकिशोर ने बताया कि इस संबंध में तत्काल विभाग को पत्राचार किया जाएगा।
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उत्तरकाशी। जिला मुख्यालय के नजदीक भटवाड़ी रोड से तेखला तक गंगोत्री हाईवे पर खड़े सूखे और कमजोर पेड़ यात्रियों और स्थानीय लोगों के लिए लगातार खतरा बने हैं। बरसात में यह खतरा और अधिक बढ़ गया है।
मंगलवार रात दरगाह के समीप एक कमजोर चीड़ का पेड़ अचानक हाईवे पर गिर गया जिससे कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि भटवाड़ी रोड से तेखला तक हाईवे किनारे कई ऐसे पेड़ खड़े हैं जो लंबे समय से सूख चुके हैं या कमजोर हो गए हैं। तेज बारिश और हवा के दौरान ये पेड़ कभी भी टूटकर गिर सकते हैं। इससे न केवल यातायात बाधित होता है बल्कि बिजली की लाइनों को भी नुकसान पहुंचता है।
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कई बार पेड़ गिरने से आवाजाही प्रभावित होने के साथ स्थानीय लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है। लोगों का कहना है कि चारधाम यात्रा मार्ग होने के कारण सड़क पर हर समय यात्रियों और वाहनों की आवाजाही रहती है। ऐसे में हाईवे किनारे खड़े कमजोर पेड़ों को नजरअंदाज करना किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसा है। स्थानीय लोगों ने कार्यदायी संस्था बीआरओ और वन विभाग से संयुक्त सर्वे कर हाईवे किनारे खड़े सूखे और जर्जर पेड़ों को चिन्हित कर तत्काल हटाने की मांग की है। बीआरओ कमांडर राजकिशोर ने बताया कि इस संबंध में तत्काल विभाग को पत्राचार किया जाएगा।
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