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यमुनोत्री हाईवे : स्यानाचट्टी में सात दिन बाद हुई आवाजाही शुरू
Wed, 15 Jul 2026 06:16 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Wed, 15 Jul 2026 06:16 PM IST
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मार्ग बहाल होने पर श्रद्धालुओं, स्थानीय लोगों, व्यापारियों, टैक्सी संचालकों ने ली राहत की सांस
बड़कोट (उत्तरकाशी)। सात दिन तक चली लगातार मेहनत और मरम्मत कार्यों के बाद बुधवार शाम को स्यानाचट्टी में भूस्खलन से क्षतिग्रस्त यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-134) को यातायात के लिए खोल दिया गया। हाईवे के खुलने के साथ ही यमुनोत्री धाम की यात्रा व्यवस्था एक बार फिर सामान्य होने लगी है। मार्ग बहाल होने से श्रद्धालुओं, स्थानीय लोगों, व्यापारियों, टैक्सी संचालकों और प्रशासन ने राहत की सांस ली है।
बीते बृहस्पतिवार को हुई भारी बारिश के दौरान स्यानाचट्टी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर भूस्खलन हुआ था जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर बह गया था। इससे यमुनोत्री धाम का सड़क संपर्क प्रभावित हो गया था और यात्रा पर आए हजारों श्रद्धालुओं सहित स्थानीय लोगों को आवाजाही में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्थाओं के माध्यम से यातायात संचालित किया। मार्ग बहाली के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग की टीमें और मशीनें लगातार दिन-रात मौके पर जुटी रहीं। विभाग ने मलबा हटाने, सड़क को सुरक्षित बनाने और क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत का कार्य तेजी से पूरा किया। इसके बाद बुधवार शाम को हाईवे पर वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी गई। इसी के साथ यमुना नदी पर करीब सवा करोड़ की लागत से निर्मित 45 मीटर स्पान वाले बेली ब्रिज को भी विधिवत यातायात के लिए खोल दिया गया।
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पुल के शुरू होने से यमुनोत्री हाईवे की यातायात व्यवस्था को मजबूती मिली है। बरसात के दौरान आपदा की स्थिति में यह पुल वैकल्पिक संपर्क मार्ग के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और राहत एवं बचाव कार्यों में भी मददगार साबित होगा। एनएच के ईई मनोज रावत ने बताया कि स्यानाचट्टी में क्षतिग्रस्त मार्ग की मरम्मत पूरी कर हाईवे को खोल दिया गया है। फिलहाल यातायात सामान्य रूप से संचालित हो रहा है।
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बड़कोट (उत्तरकाशी)। सात दिन तक चली लगातार मेहनत और मरम्मत कार्यों के बाद बुधवार शाम को स्यानाचट्टी में भूस्खलन से क्षतिग्रस्त यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-134) को यातायात के लिए खोल दिया गया। हाईवे के खुलने के साथ ही यमुनोत्री धाम की यात्रा व्यवस्था एक बार फिर सामान्य होने लगी है। मार्ग बहाल होने से श्रद्धालुओं, स्थानीय लोगों, व्यापारियों, टैक्सी संचालकों और प्रशासन ने राहत की सांस ली है।
बीते बृहस्पतिवार को हुई भारी बारिश के दौरान स्यानाचट्टी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर भूस्खलन हुआ था जिससे राष्ट्रीय राजमार्ग का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर बह गया था। इससे यमुनोत्री धाम का सड़क संपर्क प्रभावित हो गया था और यात्रा पर आए हजारों श्रद्धालुओं सहित स्थानीय लोगों को आवाजाही में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
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प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्थाओं के माध्यम से यातायात संचालित किया। मार्ग बहाली के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग की टीमें और मशीनें लगातार दिन-रात मौके पर जुटी रहीं। विभाग ने मलबा हटाने, सड़क को सुरक्षित बनाने और क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत का कार्य तेजी से पूरा किया। इसके बाद बुधवार शाम को हाईवे पर वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी गई। इसी के साथ यमुना नदी पर करीब सवा करोड़ की लागत से निर्मित 45 मीटर स्पान वाले बेली ब्रिज को भी विधिवत यातायात के लिए खोल दिया गया।
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पुल के शुरू होने से यमुनोत्री हाईवे की यातायात व्यवस्था को मजबूती मिली है। बरसात के दौरान आपदा की स्थिति में यह पुल वैकल्पिक संपर्क मार्ग के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और राहत एवं बचाव कार्यों में भी मददगार साबित होगा। एनएच के ईई मनोज रावत ने बताया कि स्यानाचट्टी में क्षतिग्रस्त मार्ग की मरम्मत पूरी कर हाईवे को खोल दिया गया है। फिलहाल यातायात सामान्य रूप से संचालित हो रहा है।