{"_id":"6a577b932ed19211570b7aca","slug":"mobile-network-down-in-singot-and-surrounding-villages-uttarkashi-news-c-54-1-uki1010-121115-2026-07-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Uttarkashi News: सिंगोट समेत आसपास के गांवों में मोबाइल नेटवर्क गायब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uttarkashi News: सिंगोट समेत आसपास के गांवों में मोबाइल नेटवर्क गायब
Wed, 15 Jul 2026 05:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Wed, 15 Jul 2026 05:52 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गांव में लगे बीएसएनएल टावर का भी लोगाें को नहीं मिल रहा है लाभ
उत्तरकाशी। डिजिटल इंडिया के दौर में विकासखंड डुंडा विकासखंड का सिंगोट गांव और आसपास के कई गांव पिछले तीन-चार वर्षों से मोबाइल नेटवर्क के अभाव में संचार व्यवस्था से कटे हैं। हालत यह है कि गांव में लगे बीएसएनएल टावर से भी नेटवर्क नहीं मिल रहा जबकि अन्य निजी मोबाइल कंपनियों के नेटवर्क भी पूरी तरह बंद पड़े हैं।
करीब 600 मतदाताओं की आबादी वाले सिंगोट गांव में मोबाइल नेटवर्क नहीं होने से लोग कॉल करने के लिए ऊंची पहाड़ियों और खुले स्थानों का सहारा लेने को मजबूर हैं। कई बार घंटों कोशिश के बाद भी फोन नहीं लग पाता। इंटरनेट सेवा पूरी तरह ठप होने से ऑनलाइन पढ़ाई, बैंकिंग, सरकारी सेवाएं, डिजिटल भुगतान और अन्य जरूरी कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
ग्रामीण धर्मेंद्र सिंह रावत, शालेंद्र पंवार और इलम सिंह कैंतुरा ने बताया कि सिंगोट के साथ पाब, मांगलीसेरा और आसपास के अन्य गांव भी इसी समस्या से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कभी राड़ी टॉप स्थित टावर का हल्का सिग्नल मिलने पर एक-दो कॉल हो जाती है लेकिन यह सुविधा भी कभी-कभी ही मिलती है।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने बताया कि तीन-चार वर्ष पहले तक विभिन्न मोबाइल कंपनियों के नेटवर्क गांव में सुचारु रूप से काम करते थे। अचानक सभी कंपनियों के नेटवर्क बंद हो गए और तब से स्थिति जस की तस बनी है। गांव में बीएसएनएल का टावर होने के बावजूद उसका कोई लाभ नहीं मिल रहा। ग्रामीणों का कहना है कि नेटवर्क न होने से मरीजों को अस्पताल पहुंचाने, एंबुलेंस बुलाने, पुलिस या प्रशासन से संपर्क करने जैसी आपात स्थितियों में भी समय पर मदद नहीं मिल पाती। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल तकनीकी जांच कर नेटवर्क व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।
विज्ञापन
उत्तरकाशी। डिजिटल इंडिया के दौर में विकासखंड डुंडा विकासखंड का सिंगोट गांव और आसपास के कई गांव पिछले तीन-चार वर्षों से मोबाइल नेटवर्क के अभाव में संचार व्यवस्था से कटे हैं। हालत यह है कि गांव में लगे बीएसएनएल टावर से भी नेटवर्क नहीं मिल रहा जबकि अन्य निजी मोबाइल कंपनियों के नेटवर्क भी पूरी तरह बंद पड़े हैं।
करीब 600 मतदाताओं की आबादी वाले सिंगोट गांव में मोबाइल नेटवर्क नहीं होने से लोग कॉल करने के लिए ऊंची पहाड़ियों और खुले स्थानों का सहारा लेने को मजबूर हैं। कई बार घंटों कोशिश के बाद भी फोन नहीं लग पाता। इंटरनेट सेवा पूरी तरह ठप होने से ऑनलाइन पढ़ाई, बैंकिंग, सरकारी सेवाएं, डिजिटल भुगतान और अन्य जरूरी कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
विज्ञापन
ग्रामीण धर्मेंद्र सिंह रावत, शालेंद्र पंवार और इलम सिंह कैंतुरा ने बताया कि सिंगोट के साथ पाब, मांगलीसेरा और आसपास के अन्य गांव भी इसी समस्या से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कभी राड़ी टॉप स्थित टावर का हल्का सिग्नल मिलने पर एक-दो कॉल हो जाती है लेकिन यह सुविधा भी कभी-कभी ही मिलती है।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने बताया कि तीन-चार वर्ष पहले तक विभिन्न मोबाइल कंपनियों के नेटवर्क गांव में सुचारु रूप से काम करते थे। अचानक सभी कंपनियों के नेटवर्क बंद हो गए और तब से स्थिति जस की तस बनी है। गांव में बीएसएनएल का टावर होने के बावजूद उसका कोई लाभ नहीं मिल रहा। ग्रामीणों का कहना है कि नेटवर्क न होने से मरीजों को अस्पताल पहुंचाने, एंबुलेंस बुलाने, पुलिस या प्रशासन से संपर्क करने जैसी आपात स्थितियों में भी समय पर मदद नहीं मिल पाती। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल तकनीकी जांच कर नेटवर्क व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।