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Uttarkashi News: सरकारी मदद के इंतजार के बजाय ग्रामीण खुद ही जुट गए नहर ठीक करने में
Tue, 14 Jul 2026 07:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Tue, 14 Jul 2026 07:22 PM IST
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बारिश में बहा गया था नहर का हेड, ग्रामीणों ने बनाया अस्थायी हेड
लकड़ी, टिन और स्थानीय संसाधनों की मदद से बनाया गया अस्थायी हेड
उत्तरकाशी। बारिश से सिंचाई व्यवस्था ठप हुई तो धनारी क्षेत्र के ग्रामीणों ने सरकारी मदद का इंतजार करने के बजाय अपनी मेहनत और सामूहिक प्रयास से समाधान निकाल लिया। डुंडा ब्लॉक के धनारी क्षेत्र में धनपति नदी पर नहर का हेड बहने के बाद ग्रामीणों ने लकड़ी, टिन और स्थानीय संसाधनों की मदद से अस्थायी हेड तैयार कर नहर में दोबारा पानी पहुंचा दिया।
गत शुक्रवार को हुई बारिश के कारण धनपति नदी में तेज बहाव आया जिससे नहर का हेड क्षतिग्रस्त होकर बह गया। इसका सीधा असर रोपाई के सीजन में जुटे किसानों पर पड़ा। खेतों तक पानी पहुंचना बंद होने से फसल प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया था। ऐसे में ग्रामीणों ने खुद ही जिम्मेदारी संभालते हुए नदी में उतरकर अस्थायी व्यवस्था तैयार की।
ग्रामीण अजय राम उनियाल, गोविंद सिंह, अनिल सेमवाल और वीरेंद्र सिंह ने बताया कि लंबे समय से नहर की स्थायी व्यवस्था नहीं हो पाई है। पाइपों के सहारे किसी तरह खेतों तक पानी पहुंचाया जा रहा था लेकिन बारिश में वह भी बह गया। रोपाई के महत्वपूर्ण समय में पानी की कमी किसानों के लिए बड़ी समस्या बन सकती थी। इसलिए सभी ग्रामीण एकजुट हुए और सीमित संसाधनों से समाधान तैयार किया।
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ग्रामीणों का कहना है कि यह व्यवस्था मजबूरी में करनी पड़ी है। वे लंबे समय से स्थायी नहर निर्माण की मांग कर रहे हैं ताकि हर बारिश में ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सचिन सिंघल ने बताया कि धनारी क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था को स्थायी रूप से मजबूत करने के लिए नाबार्ड से बजट स्वीकृत हो चुका है। टेंडर प्रक्रिया पूरी हो गई है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
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लकड़ी, टिन और स्थानीय संसाधनों की मदद से बनाया गया अस्थायी हेड
उत्तरकाशी। बारिश से सिंचाई व्यवस्था ठप हुई तो धनारी क्षेत्र के ग्रामीणों ने सरकारी मदद का इंतजार करने के बजाय अपनी मेहनत और सामूहिक प्रयास से समाधान निकाल लिया। डुंडा ब्लॉक के धनारी क्षेत्र में धनपति नदी पर नहर का हेड बहने के बाद ग्रामीणों ने लकड़ी, टिन और स्थानीय संसाधनों की मदद से अस्थायी हेड तैयार कर नहर में दोबारा पानी पहुंचा दिया।
गत शुक्रवार को हुई बारिश के कारण धनपति नदी में तेज बहाव आया जिससे नहर का हेड क्षतिग्रस्त होकर बह गया। इसका सीधा असर रोपाई के सीजन में जुटे किसानों पर पड़ा। खेतों तक पानी पहुंचना बंद होने से फसल प्रभावित होने का खतरा बढ़ गया था। ऐसे में ग्रामीणों ने खुद ही जिम्मेदारी संभालते हुए नदी में उतरकर अस्थायी व्यवस्था तैयार की।
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ग्रामीण अजय राम उनियाल, गोविंद सिंह, अनिल सेमवाल और वीरेंद्र सिंह ने बताया कि लंबे समय से नहर की स्थायी व्यवस्था नहीं हो पाई है। पाइपों के सहारे किसी तरह खेतों तक पानी पहुंचाया जा रहा था लेकिन बारिश में वह भी बह गया। रोपाई के महत्वपूर्ण समय में पानी की कमी किसानों के लिए बड़ी समस्या बन सकती थी। इसलिए सभी ग्रामीण एकजुट हुए और सीमित संसाधनों से समाधान तैयार किया।
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ग्रामीणों का कहना है कि यह व्यवस्था मजबूरी में करनी पड़ी है। वे लंबे समय से स्थायी नहर निर्माण की मांग कर रहे हैं ताकि हर बारिश में ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े। सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता सचिन सिंघल ने बताया कि धनारी क्षेत्र की सिंचाई व्यवस्था को स्थायी रूप से मजबूत करने के लिए नाबार्ड से बजट स्वीकृत हो चुका है। टेंडर प्रक्रिया पूरी हो गई है और जल्द ही निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।