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कांवड़ यात्रा : रूट डायवर्जन पर बना है असमंजस, यात्री परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Tue, 10 Feb 2026 07:25 PM IST
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स्टाफ की ओर से रास्ते के प्रमुख स्टापेज के यात्रियों को नहीं बैठाने पर एआरएम से की शिकायत
कोटद्वार। फाल्गुनी कांवड़ यात्रा के दौरान कोटद्वार से सटी यूपी सीमा के नजीबाबाद में रूट डायवर्जन की स्थिति स्पष्ट नहीं होने पर लगातार दूसरे दिन कोटद्वार डिपो प्रशासन और चालक-परिचालक असमंजस में रहे। इसका खामियाजा कई यात्रियों को भुगतना पड़ा।
हरियाणा और पंजाब जाने वाली कोटद्वार रोडवेज डिपो की बसों के नजीबाबाद में नहर बाईपास से गुजरने अथवा वाया मुजफ्फरनगर से गुजारे जाने की स्थिति लगातार दूसरे दिन डिपो प्रशासन को स्पष्ट नहीं हो सकी। दरअसल परंपरागत रूट से जाने वाली इन बसों में हरिद्वार और रुड़की समेत कुछ अन्य स्टॉपेज के यात्री सवार होते हैं। इन बसों को कांवड़ यात्रा के चलते वाया मुजफ्फरनगर गुजारने से हरिद्वार, रुड़की और कुछ अन्य स्टॉपेज प्रभावित होते हैं।
कोटद्वार में चंडीगढ़, पटियाला, अमृतसर आदि स्टेशनों के लिए संचालित बसों में रास्ते की सवारियों को बैठाने को लेकर चालक-परिचालक असमंजस में रहे। उनका कहना था कि अगर वे बस में सवार रास्ते के स्टापेज के यात्री का टिकट बना देते हैं और नजीबाबाद से रूट डायवर्ट कर दिया जाता है तो उन्हें और यात्री को काफी परेशानी होती है।
वहीं स्टाफ से सही जानकारी नहीं मिलने पर परेशान कुछ यात्रियों ने एआरएम से इसकी शिकायत करते हुए स्पष्ट जानकारी की। यात्रियों को बताया गया कि हरिद्वार और नजीबाबाद के बीच कांविड़यों की संख्या को देखते हुए बिजनौर प्रशासन द्वारा तात्कालिक निर्णय के तहत बसें गुजारी जा रही हैं। कुछ देर छटपटा कर यात्री हरिद्वार और नजीबाबाद के लिए रवाना हुए। यात्रियों ने बताया कि हरिद्वार और नजीबाबाद से ट्रेन अथवा अन्य वाहनों से वे गंतव्य तक पहुंचेंगे।
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कोटद्वार। फाल्गुनी कांवड़ यात्रा के दौरान कोटद्वार से सटी यूपी सीमा के नजीबाबाद में रूट डायवर्जन की स्थिति स्पष्ट नहीं होने पर लगातार दूसरे दिन कोटद्वार डिपो प्रशासन और चालक-परिचालक असमंजस में रहे। इसका खामियाजा कई यात्रियों को भुगतना पड़ा।
हरियाणा और पंजाब जाने वाली कोटद्वार रोडवेज डिपो की बसों के नजीबाबाद में नहर बाईपास से गुजरने अथवा वाया मुजफ्फरनगर से गुजारे जाने की स्थिति लगातार दूसरे दिन डिपो प्रशासन को स्पष्ट नहीं हो सकी। दरअसल परंपरागत रूट से जाने वाली इन बसों में हरिद्वार और रुड़की समेत कुछ अन्य स्टॉपेज के यात्री सवार होते हैं। इन बसों को कांवड़ यात्रा के चलते वाया मुजफ्फरनगर गुजारने से हरिद्वार, रुड़की और कुछ अन्य स्टॉपेज प्रभावित होते हैं।
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कोटद्वार में चंडीगढ़, पटियाला, अमृतसर आदि स्टेशनों के लिए संचालित बसों में रास्ते की सवारियों को बैठाने को लेकर चालक-परिचालक असमंजस में रहे। उनका कहना था कि अगर वे बस में सवार रास्ते के स्टापेज के यात्री का टिकट बना देते हैं और नजीबाबाद से रूट डायवर्ट कर दिया जाता है तो उन्हें और यात्री को काफी परेशानी होती है।
वहीं स्टाफ से सही जानकारी नहीं मिलने पर परेशान कुछ यात्रियों ने एआरएम से इसकी शिकायत करते हुए स्पष्ट जानकारी की। यात्रियों को बताया गया कि हरिद्वार और नजीबाबाद के बीच कांविड़यों की संख्या को देखते हुए बिजनौर प्रशासन द्वारा तात्कालिक निर्णय के तहत बसें गुजारी जा रही हैं। कुछ देर छटपटा कर यात्री हरिद्वार और नजीबाबाद के लिए रवाना हुए। यात्रियों ने बताया कि हरिद्वार और नजीबाबाद से ट्रेन अथवा अन्य वाहनों से वे गंतव्य तक पहुंचेंगे।