{"_id":"6a6ca46a5300a2bce904dcc0","slug":"students-and-teachers-are-reaching-school-by-crossing-the-surging-baun-gad-uttarkashi-news-c-54-1-uki1003-121397-2026-07-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Uttarkashi News: उफनती बौनगाड पार कर स्कूल पहुंच रहे छात्र-शिक्षक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uttarkashi News: उफनती बौनगाड पार कर स्कूल पहुंच रहे छात्र-शिक्षक
Fri, 31 Jul 2026 07:04 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Fri, 31 Jul 2026 07:04 PM IST
विज्ञापन
उत्तरकाशी में बौन गाड नदी पर जान जोखिम में डालकर अवाजाही करते स्कूली बच्चे। स्रोत जागरूक पाठक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दो साल से पुल निर्माण अधूरा, मानव शृंखला बनाकर आवाजाही के लिए हैं मजबूर
संवाद न्यूज एजेंसी
उत्तरकाशी। डुंडा विकासखंड के राजकीय इंटर कॉलेज बौन के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों के लिए बरसात में विद्यालय पहुंचने के लिए उफान पर बह रही बौनगाड के बीच से जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ रही है। वहां पर करीब दो वर्ष से पुल का निर्माण नहीं हो पाया है। इससे छात्रों सहित शिक्षकों को टूटे हुए पुल के एक हिस्से के बाद नदी के बीच से मानव शृंखला बनाकर आवाजाही करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि राजकीय इंटर कॉलेज और बौन गांव को जोड़ने वाला पैदल पुल करीब दो वर्ष पूर्व क्षतिग्रस्त हो गया था लेकिन उसके बाद आज तक लोक निर्माण विभाग की ओर से उस पुल के निर्माण के लिए किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई है। पुल का एक हिस्सा टूटकर नदी में गिरा है। हर वर्ष बरसात में वहां पर छात्र-छात्राओं को जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने को मजबूर होना पड़ता है।
प्रशासन की अनदेखी के कारण वहां पर कभी भी कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है। हर दिन उफान पर बह रहे बौनगाड के बीच से दर्जनों छात्र-छात्राएं और शिक्षक आवाजाही कर रहे हैं। स्थिति यह है कि स्कूल खुलने और बंद होने पर छात्र-छात्राएं और शिक्षकों को नदी पार करने के लिए एक-दूसरे का इंतजार करना पड़ता है।
विज्ञापन
उसके बाद अधिक संख्या होेने पर वहां से मानव शृंखला बनाकर खतरे के बीच आवाजाही होती है। इस दौरान नदी के बीच पत्थरों पर पैर फिसलने से नदी के तेज बहाव में बहने का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शायद प्रशासन और लोक निर्माण विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
उत्तरकाशी। डुंडा विकासखंड के राजकीय इंटर कॉलेज बौन के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों के लिए बरसात में विद्यालय पहुंचने के लिए उफान पर बह रही बौनगाड के बीच से जान जोखिम में डालकर आवाजाही करनी पड़ रही है। वहां पर करीब दो वर्ष से पुल का निर्माण नहीं हो पाया है। इससे छात्रों सहित शिक्षकों को टूटे हुए पुल के एक हिस्से के बाद नदी के बीच से मानव शृंखला बनाकर आवाजाही करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि राजकीय इंटर कॉलेज और बौन गांव को जोड़ने वाला पैदल पुल करीब दो वर्ष पूर्व क्षतिग्रस्त हो गया था लेकिन उसके बाद आज तक लोक निर्माण विभाग की ओर से उस पुल के निर्माण के लिए किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई है। पुल का एक हिस्सा टूटकर नदी में गिरा है। हर वर्ष बरसात में वहां पर छात्र-छात्राओं को जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने को मजबूर होना पड़ता है।
विज्ञापन
प्रशासन की अनदेखी के कारण वहां पर कभी भी कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है। हर दिन उफान पर बह रहे बौनगाड के बीच से दर्जनों छात्र-छात्राएं और शिक्षक आवाजाही कर रहे हैं। स्थिति यह है कि स्कूल खुलने और बंद होने पर छात्र-छात्राएं और शिक्षकों को नदी पार करने के लिए एक-दूसरे का इंतजार करना पड़ता है।
विज्ञापन
उसके बाद अधिक संख्या होेने पर वहां से मानव शृंखला बनाकर खतरे के बीच आवाजाही होती है। इस दौरान नदी के बीच पत्थरों पर पैर फिसलने से नदी के तेज बहाव में बहने का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शायद प्रशासन और लोक निर्माण विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है।