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Uttarkashi News: यमुनोत्री को नगर पंचायत का दर्जा देने की मांग उठी
Fri, 31 Jul 2026 05:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Fri, 31 Jul 2026 05:38 PM IST
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चारधामों में प्रथम यमुनोत्री धाम आज भी कई आवश्यक सुविधाओं से वंचित
बड़कोट। यमुनोत्री मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने यमुनोत्री धाम को नगर पंचायत का दर्जा देने की मांग उठाई है। समिति का कहना है कि बद्रीनाथ-केदारनाथ और गंगोत्री को नगर पंचायत का दर्जा मिला लेकिन यमुनोत्री को वंचित रखा गया। उत्तराखंड के चारधामों में प्रथम यमुनोत्री धाम आज भी कई आवश्यक सुविधाओं से वंचित है।
समिति के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर यमुनोत्री धाम में मास्टर प्लान के तहत विकास कार्य करवाने की मांग रखी। ज्ञापन में कहा गया कि केदारनाथ, बदरीनाथ और गंगोत्री की तर्ज पर यमुनोत्री धाम में अब तक नगर पंचायत का गठन नहीं हो पाया है। इसके अभाव में धाम में सफाई, कूड़ा प्रबंधन, मूलभूत सुविधाओं और अन्य व्यवस्थाओं का समयबद्ध संचालन नहीं हो पा रहा है जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
समिति ने खरसाली–यमुनोत्री रोपवे परियोजना का भी मुद्दा उठाते हुए कहा कि वर्ष 2006 से प्रस्तावित यह योजना आज तक धरातल पर नहीं उतर सकी है। वर्तमान में भी पैदल मार्ग के क्षतिग्रस्त होने से यात्रा प्रभावित होती रहती है जिससे धाम में अव्यवस्था की स्थिति बन जाती है। उन्होंने यमुनोत्री धाम के लिए मास्टर प्लान तैयार करने की मांग करते हुए यमुनोत्री धाम के साथ साथ खरसाली से गरुड़ गंगा तक पैदल मार्ग, सीवर लाइन, ठोस कचरा निस्तारण व्यवस्था, स्नान घाट, चेंजिंग रूम, हाईटेक शौचालय, स्ट्रीट लाइट और सुरक्षा संबंधी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कराने का आग्रह किया गया है। ज्ञापन देने वालों में यमुनोत्री मंदिर समिति के प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल, समिति सदस्य श्याम सुंदर उनियाल आदि शामिल रहे।
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बड़कोट। यमुनोत्री मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने यमुनोत्री धाम को नगर पंचायत का दर्जा देने की मांग उठाई है। समिति का कहना है कि बद्रीनाथ-केदारनाथ और गंगोत्री को नगर पंचायत का दर्जा मिला लेकिन यमुनोत्री को वंचित रखा गया। उत्तराखंड के चारधामों में प्रथम यमुनोत्री धाम आज भी कई आवश्यक सुविधाओं से वंचित है।
समिति के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर यमुनोत्री धाम में मास्टर प्लान के तहत विकास कार्य करवाने की मांग रखी। ज्ञापन में कहा गया कि केदारनाथ, बदरीनाथ और गंगोत्री की तर्ज पर यमुनोत्री धाम में अब तक नगर पंचायत का गठन नहीं हो पाया है। इसके अभाव में धाम में सफाई, कूड़ा प्रबंधन, मूलभूत सुविधाओं और अन्य व्यवस्थाओं का समयबद्ध संचालन नहीं हो पा रहा है जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
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समिति ने खरसाली–यमुनोत्री रोपवे परियोजना का भी मुद्दा उठाते हुए कहा कि वर्ष 2006 से प्रस्तावित यह योजना आज तक धरातल पर नहीं उतर सकी है। वर्तमान में भी पैदल मार्ग के क्षतिग्रस्त होने से यात्रा प्रभावित होती रहती है जिससे धाम में अव्यवस्था की स्थिति बन जाती है। उन्होंने यमुनोत्री धाम के लिए मास्टर प्लान तैयार करने की मांग करते हुए यमुनोत्री धाम के साथ साथ खरसाली से गरुड़ गंगा तक पैदल मार्ग, सीवर लाइन, ठोस कचरा निस्तारण व्यवस्था, स्नान घाट, चेंजिंग रूम, हाईटेक शौचालय, स्ट्रीट लाइट और सुरक्षा संबंधी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर कराने का आग्रह किया गया है। ज्ञापन देने वालों में यमुनोत्री मंदिर समिति के प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल, समिति सदस्य श्याम सुंदर उनियाल आदि शामिल रहे।
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