सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Uttarkashi News ›   The farmers of Rawai are gazing intently at the sky.

Uttarkashi News: आसमान की ओर टकटकी लगाए हैं रवांई के काश्तकार

संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी Updated Sun, 18 Jan 2026 06:10 PM IST
विज्ञापन
The farmers of Rawai are gazing intently at the sky.
विज्ञापन
बर्फबारी नहीं होने से सेब बागवान चिंतित, सरकार से मुआवजे की मांग
Trending Videos

पुरोला। रवांई घाटी में इस वर्ष मौसम की बेरुखी ने किसानों और बागवानों की चिंता बढ़ा दी है। क्षेत्र में पिछले तीन माह से बारिश नहीं हुई है जिससे जहां मटर की फसल पूरी तरह बरबाद हो गई है वहीं सेब उत्पादक भी चिलिंग आवर पूरी नहीं होने के कारण चिंतित हैं।
क्षेत्र के मटर काश्तकारों का कहना है कि समय पर बारिश न होने से मटर की फसल को खासा नुकसान हुआ है। काश्तकार कवीन्द्र असवाल, रमेश असवाल, नवीन गैरोला ने बताया कि सिंचाई के सीमित साधनों के चलते सूखे खेतों में फसल बचाना संभव नहीं हो पाया और पूरी मेहनत बेकार चली गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

वहीं दूसरी ओर सेब बागवानों को बर्फबारी नहीं होने पर चिंता सताए जा रही है। बागवान बिजेंद्र रावत, मनमोहन चौहान, विनोद रतूड़ी, राम प्रसाद का कहना है कि इस बार अब तक पर्याप्त बर्फबारी नहीं हुई है जिससे सेब के लिए जरूरी चिलिंग आवर पूरे नहीं हो पाए हैं। चिलिंग आवर पूरा न होने की स्थिति में सेब के पौधों में सही ढंग से फूल और फल नहीं आते जिससे आगामी सीजन में उत्पादन प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।
किसानों और बागवानों ने सरकार से मौसम जनित नुकसान का आकलन कर मुआवजा, राहत पैकेज और वैकल्पिक सिंचाई सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है। देखा जाए तो रवांई घाटी में कृषि और बागवानी ही आजीविका का मुख्य साधन है। ऐसे में लगातार बदलते मौसम और अनियमित वर्षा-बर्फबारी ने किसानों के सामने भविष्य को लेकर गहरी चिंता खड़ी कर दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed