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Uttarkashi News: ताबांखानी सुरंग के बाहर पालिका ने लगा दिए कूड़ों से भरे बोरों के ढेर
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Tue, 31 Mar 2026 11:32 PM IST
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उत्तरकाशी। नगर क्षेत्र में ताबांखानी क्षेत्र से पुराना कूड़ा तो लगभग पूरी तरह हटा दिया गया है, लेकिन रोजाना जमा होने वाले कचरे की समस्या अब भी बनी हुई है। वर्तमान में हालात यह हैं कि नया कूड़ा सुरंग के बाहर ही डाला जा रहा है जिससे गंदगी फिर से फैलने लगी है। ज्ञानसू छोर से गंगोत्री हाईवे किनारे भी कई स्थानों पर कूड़े के बोरे रखे हुए दिखाई दे रहे हैं, जो आने-जाने वाले लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं।
नगरपालिका परिषद बाड़ाहाट की ओर से सालों से नगर क्षेत्र का कूड़ा तांबाखानी सुरंग के बाहर गंगोत्री हाईवे पर डंप किया जा रहा है। कूड़े की वजह से वहां पर बदबू फैलने के साथ ही गंगा भागीरथी में कूड़ा गिर रहा था। इस वजह से वहां पर कूड़ा डंप करने का लगातार विरोध हुआ जिसे देखते हुए नगरपालिका ने जमा कचरे को सालों बाद लगभग हटा दिया है, लेकिन अब भी समस्या शहरी क्षेत्र में हर दिन एकत्रित होने वाले कई टन कचरे के निस्तारण की बनी हुई है। अब जबकि 19 अप्रैल से चारधाम यात्रा शुरू होने जा रही है, ऐसे में कचरे की समस्या और विकराल हो सकती है। पालिकाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौहान का कहना है कि चारधाम यात्रा के दौरान सामान्य दिनों की तुलना में चार से पांच गुना अधिक कूड़ा एकत्रित होता है। ऐसे में कूड़ा प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बन जाता है। पालिकाध्यक्ष ने बताया कि कचरे के स्थायी निस्तारण के लिए उसे एमआरएफ (मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी, ताकि समस्या का दीर्घकालिक समाधान किया जा सके।
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नगरपालिका परिषद बाड़ाहाट की ओर से सालों से नगर क्षेत्र का कूड़ा तांबाखानी सुरंग के बाहर गंगोत्री हाईवे पर डंप किया जा रहा है। कूड़े की वजह से वहां पर बदबू फैलने के साथ ही गंगा भागीरथी में कूड़ा गिर रहा था। इस वजह से वहां पर कूड़ा डंप करने का लगातार विरोध हुआ जिसे देखते हुए नगरपालिका ने जमा कचरे को सालों बाद लगभग हटा दिया है, लेकिन अब भी समस्या शहरी क्षेत्र में हर दिन एकत्रित होने वाले कई टन कचरे के निस्तारण की बनी हुई है। अब जबकि 19 अप्रैल से चारधाम यात्रा शुरू होने जा रही है, ऐसे में कचरे की समस्या और विकराल हो सकती है। पालिकाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौहान का कहना है कि चारधाम यात्रा के दौरान सामान्य दिनों की तुलना में चार से पांच गुना अधिक कूड़ा एकत्रित होता है। ऐसे में कूड़ा प्रबंधन एक बड़ी चुनौती बन जाता है। पालिकाध्यक्ष ने बताया कि कचरे के स्थायी निस्तारण के लिए उसे एमआरएफ (मटेरियल रिकवरी फैसिलिटी) सेंटर तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी, ताकि समस्या का दीर्घकालिक समाधान किया जा सके।
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