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Uttarkashi News: यमुनोत्री हाईवे पर दस घंटे बाद शुरू हो पाई आवाजाही
Tue, 07 Jul 2026 04:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Tue, 07 Jul 2026 04:30 PM IST
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स्यानाचट्टी के पास पहाड़ी से भारी मलबा आने से हो रही दिक्कत
बड़कोट। लगातार हो रही बारिश के बीच यमुनोत्री धाम जाने वाले मार्गों पर भूस्खलन का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार तड़के स्यानाचट्टी के पास पहाड़ी से भारी मलबा और बोल्डर यमुनोत्री हाईवे पर आ गिरने से मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। करीब 10 घंटे तक यातायात बाधित रहने के बाद हाईवे आवाजाही के लिए खुला।
राष्ट्रीय राजमार्ग की मशीनों और ऑपरेटरों की कड़ी मशक्कत से दोपहर करीब एक बजे हाईवे पर आवाजाही बहाल हो सकी। हाईवे बंद रहने से दोनों ओर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के वाहन घंटों तक फंसे रहे। वहीं, स्यानाचट्टी से आगे भी कई स्थानों पर लगातार मलबा और पत्थर गिरने से आवाजाही जोखिम भरी बनी हुई है।
प्रशासन ने यात्रियों से अत्यधिक सावधानी बरतने को कहा है। इधर, जानकीचट्टी-यमुनोत्री पैदल मार्ग पर भी मंगलवार को जानकीचट्टी के निकट पहाड़ी से मलबा आने के कारण आवाजाही प्रभावित हो गई। मार्ग पर मलबा जमा होने से तीर्थयात्री जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने को मजबूर हैं।
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स्थानीय निवासी आशुतोष उनियाल ने बताया कि मलबा आने के बाद भी लोनिवि की ओर से मार्ग को साफ कराने का कार्य शुरू नहीं किया गया जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से जल्द मार्ग को सुरक्षित और सुचारु कराने की मांग की। वहीं, जानकीचट्टी-खरसाली संपर्क मार्ग पर भी मलबा आने से आवागमन बाधित हो गया है। क्षेत्रवासियों ने दोनों मार्गों से तत्काल मलबा हटाकर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने की मांग की है।
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बड़कोट। लगातार हो रही बारिश के बीच यमुनोत्री धाम जाने वाले मार्गों पर भूस्खलन का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। मंगलवार तड़के स्यानाचट्टी के पास पहाड़ी से भारी मलबा और बोल्डर यमुनोत्री हाईवे पर आ गिरने से मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। करीब 10 घंटे तक यातायात बाधित रहने के बाद हाईवे आवाजाही के लिए खुला।
राष्ट्रीय राजमार्ग की मशीनों और ऑपरेटरों की कड़ी मशक्कत से दोपहर करीब एक बजे हाईवे पर आवाजाही बहाल हो सकी। हाईवे बंद रहने से दोनों ओर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के वाहन घंटों तक फंसे रहे। वहीं, स्यानाचट्टी से आगे भी कई स्थानों पर लगातार मलबा और पत्थर गिरने से आवाजाही जोखिम भरी बनी हुई है।
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प्रशासन ने यात्रियों से अत्यधिक सावधानी बरतने को कहा है। इधर, जानकीचट्टी-यमुनोत्री पैदल मार्ग पर भी मंगलवार को जानकीचट्टी के निकट पहाड़ी से मलबा आने के कारण आवाजाही प्रभावित हो गई। मार्ग पर मलबा जमा होने से तीर्थयात्री जान जोखिम में डालकर आवाजाही करने को मजबूर हैं।
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स्थानीय निवासी आशुतोष उनियाल ने बताया कि मलबा आने के बाद भी लोनिवि की ओर से मार्ग को साफ कराने का कार्य शुरू नहीं किया गया जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से जल्द मार्ग को सुरक्षित और सुचारु कराने की मांग की। वहीं, जानकीचट्टी-खरसाली संपर्क मार्ग पर भी मलबा आने से आवागमन बाधित हो गया है। क्षेत्रवासियों ने दोनों मार्गों से तत्काल मलबा हटाकर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने की मांग की है।