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Uttarkashi News: जिले में धूमधाम से मनाई गई वसंत पंचमी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Fri, 23 Jan 2026 05:39 PM IST
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लोगों ने पीले वस्त्र धारण कर मंदिरों में पूजा-अर्चना कर की सुख-समृद्धि की कामना
उत्तरकाशी। जिले में वसंत पंचमी धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान लोगों ने पीले वस्त्र धारण कर मंदिरों में पूजा कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। साथ ही जिलेभर के विद्यालयों में मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित की और पूजा-अर्चना की।
शुक्रवार को वसंत पंचमी गोस्वामी विद्या मंदिर इंटर कॉलेज सहित विभिन्न विद्यालयों में बच्चों ने पीले रंग की वेशभूषा पहनी। इसके बाद स्कूल में मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित कर हवन यज्ञ के साथ ही विशेष पूजा-अर्चना की। वहीं, वसंत पंचमी पर ग्रामीणों ने अपने गोबर, हरे पौध, भूमि पूजन के साथ ही कृषि यंत्रों की विशेष पूजा-अर्चना की।
विश्वनाथ संस्कृति महाविद्यालय के उपाध्यक्ष डॉ. राधेश्याम खंडूड़ी ने बताया कि वसंत पूजा पर गांव में लोग कृषि यंत्रों की पूजा-अर्चना करते हैं। भारत कृषि प्रदान देश है। यहां भगवान बलीराम के कंधों पर हल रहता था। विद्यालय के संस्थापक स्वामी ब्रह्मास्वरूपा महाराज की जयंती का आयोजन किया गया। इस मौके पर डॉ. सीताराम अग्रवाल, जगदीश उनियाल, द्वारिका प्रसाद नौटियाल, जगतराम नौटियाल आदि मौजूद रहे। साथ मां यमुना के मायके खरशाली गांव में वसंत पंचमी पर पूजा-अर्चना की गई। यमुना के तीर्थ पुरोहित प्रदीप उनियाल ने बताया कि वसंत पंचमी पर यज्ञमान परिवार पंडितों को पंचाग दान करते हैं। इसके साथ पंच देवताओं की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।
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उत्तरकाशी। जिले में वसंत पंचमी धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान लोगों ने पीले वस्त्र धारण कर मंदिरों में पूजा कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। साथ ही जिलेभर के विद्यालयों में मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित की और पूजा-अर्चना की।
शुक्रवार को वसंत पंचमी गोस्वामी विद्या मंदिर इंटर कॉलेज सहित विभिन्न विद्यालयों में बच्चों ने पीले रंग की वेशभूषा पहनी। इसके बाद स्कूल में मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित कर हवन यज्ञ के साथ ही विशेष पूजा-अर्चना की। वहीं, वसंत पंचमी पर ग्रामीणों ने अपने गोबर, हरे पौध, भूमि पूजन के साथ ही कृषि यंत्रों की विशेष पूजा-अर्चना की।
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विश्वनाथ संस्कृति महाविद्यालय के उपाध्यक्ष डॉ. राधेश्याम खंडूड़ी ने बताया कि वसंत पूजा पर गांव में लोग कृषि यंत्रों की पूजा-अर्चना करते हैं। भारत कृषि प्रदान देश है। यहां भगवान बलीराम के कंधों पर हल रहता था। विद्यालय के संस्थापक स्वामी ब्रह्मास्वरूपा महाराज की जयंती का आयोजन किया गया। इस मौके पर डॉ. सीताराम अग्रवाल, जगदीश उनियाल, द्वारिका प्रसाद नौटियाल, जगतराम नौटियाल आदि मौजूद रहे। साथ मां यमुना के मायके खरशाली गांव में वसंत पंचमी पर पूजा-अर्चना की गई। यमुना के तीर्थ पुरोहित प्रदीप उनियाल ने बताया कि वसंत पंचमी पर यज्ञमान परिवार पंडितों को पंचाग दान करते हैं। इसके साथ पंच देवताओं की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।

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