{"_id":"6a1d8fba8c8a4a499e08ecf5","slug":"victims-searching-for-hope-amidst-the-ashes-of-burnt-down-homes-uttarkashi-news-c-54-1-uki1003-120258-2026-06-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Uttarkashi News: जले हुए घरों की राख में उम्मीद ढूंढते पीड़ित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Uttarkashi News: जले हुए घरों की राख में उम्मीद ढूंढते पीड़ित
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Mon, 01 Jun 2026 07:27 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
सरकारी कॉलोनी में हुए अग्निकांड के दूसरे दिन पीड़ित दिनभर सामान ढूंढते रहे
जीवनभर की कमाई और पूंजी हुई राख, रिश्तेदारों के घरों में लिए हुए हैं शरण
उत्तरकाशी। बीती शनिवार देर रात में जनपद मुख्यालय की सरकारी कॉलोनी में हुए अग्निकांड के दूसरे दिन पीड़ित परिवार राख बन चुके घर में उम्मीदों को ढूंढते हुए नजर आए। अग्निकांड ने उनके जीवनभर की कमाई और पूंजी को छीन लिया। साथ ही घटना के बाद से ही वे अपने रिश्तेदारों के घरों में शरण लिए हुए हैं। साथ ही पीड़ित परिवारों के लोग अभी तक सदमे से बाहर नहीं आ पाए हैं।
बीते शनिवार देर रात से जनपद मुख्यालय के बीचोंबीच स्थित सरकारी कॉलोनी में हुए भीषण अग्निकांड ने प्रभावित परिवारों की पूरे जीवन की जमा पूंजी छीन ली। सोमवार को परिवार और उनके रिश्तेदार राख में तब्दील हो चुके घरों में जले हुए सामान को खंगालते हुए नजर आए। प्रभावित गीता चौहान ने बताया कि उनके घर में पूरे जीवन भर जमा पूंजी रखी हुई थी लेकिन वह इस अग्निकांड में जलकर राख हो गई।
अब पूरे जीवन को दोबारा पटरी पर लाने के लिए शून्य से शुरू करना होगा। घटना में वह और उनके बच्चे बाल-बाल बचे। अगर पड़ोसी शोर नहीं करते तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी। पीड़ित परिवारों के सामने अब सबसे अधिक समस्या सिर ढकने के लिए छत की है। प्रभारी तहसीलदार जगेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट था। साथ ही पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद देने के लिए प्रशासन की ओर से प्रक्रिया जारी है।
विज्ञापन
Trending Videos
जीवनभर की कमाई और पूंजी हुई राख, रिश्तेदारों के घरों में लिए हुए हैं शरण
उत्तरकाशी। बीती शनिवार देर रात में जनपद मुख्यालय की सरकारी कॉलोनी में हुए अग्निकांड के दूसरे दिन पीड़ित परिवार राख बन चुके घर में उम्मीदों को ढूंढते हुए नजर आए। अग्निकांड ने उनके जीवनभर की कमाई और पूंजी को छीन लिया। साथ ही घटना के बाद से ही वे अपने रिश्तेदारों के घरों में शरण लिए हुए हैं। साथ ही पीड़ित परिवारों के लोग अभी तक सदमे से बाहर नहीं आ पाए हैं।
बीते शनिवार देर रात से जनपद मुख्यालय के बीचोंबीच स्थित सरकारी कॉलोनी में हुए भीषण अग्निकांड ने प्रभावित परिवारों की पूरे जीवन की जमा पूंजी छीन ली। सोमवार को परिवार और उनके रिश्तेदार राख में तब्दील हो चुके घरों में जले हुए सामान को खंगालते हुए नजर आए। प्रभावित गीता चौहान ने बताया कि उनके घर में पूरे जीवन भर जमा पूंजी रखी हुई थी लेकिन वह इस अग्निकांड में जलकर राख हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन
अब पूरे जीवन को दोबारा पटरी पर लाने के लिए शून्य से शुरू करना होगा। घटना में वह और उनके बच्चे बाल-बाल बचे। अगर पड़ोसी शोर नहीं करते तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी। पीड़ित परिवारों के सामने अब सबसे अधिक समस्या सिर ढकने के लिए छत की है। प्रभारी तहसीलदार जगेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट था। साथ ही पीड़ित परिवारों को हर संभव मदद देने के लिए प्रशासन की ओर से प्रक्रिया जारी है।