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Uttarkashi News: एक-दूसरे का हाथ पकड़ कर उफनाई नदी पार करते हैं ग्रामीण
Sat, 25 Jul 2026 05:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sat, 25 Jul 2026 05:27 PM IST
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तीन साल से पुलिया नहीं होने से आए दिन बनी रहती है हादसे की आशंका
नौगांव (उत्तरकाशी)। आपदा के तीन साल बाद भी तलड़ा गांव को जोड़ने वाली कमल नदी की आरसीसी पुलिया का पुनर्निर्माण नहीं हो पाया है। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीण आज भी जान जोखिम में डालकर मानव शृंखला बनाकर उफनती नदी पार कर गांव पहुंचने को मजबूर हैं। बरसात में आए दिन हादसे की आशंका बनी रहती है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव तक पहुंचने का यही एकमात्र रास्ता है। हर वर्ष वे अपने स्तर पर अस्थायी पुलिया बनाते हैं लेकिन बरसात शुरू होते ही तेज बहाव में वह बह जाती है। इस साल भी अस्थायी पुलिया बह चुकी है जिसके बाद बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों तक को एक-दूसरे का हाथ पकड़कर मानव शृंखला बनाकर नदी पार करनी पड़ रही है।
पुलिया नहीं होने से टमाटर, फ्रेंचबीन और शिमला मिर्च जैसी नगदी फसलें भी समय पर मंडी नहीं पहुंच पा रही हैं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। एडवोकेट सचिन कुमार ने कहा कि ग्रामीण नई सड़क नहीं बल्कि आपदा में बह चुकी आरसीसी पुलिया का पुनर्निर्माण चाहते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो ग्रामीणों के साथ मिलकर पुरोला मोटर मार्ग पर धरना-प्रदर्शन और चक्का जाम किया जाएगा। साथ ही विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को इसका राजनीतिक जवाब देने की बात भी कही।
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नौगांव (उत्तरकाशी)। आपदा के तीन साल बाद भी तलड़ा गांव को जोड़ने वाली कमल नदी की आरसीसी पुलिया का पुनर्निर्माण नहीं हो पाया है। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीण आज भी जान जोखिम में डालकर मानव शृंखला बनाकर उफनती नदी पार कर गांव पहुंचने को मजबूर हैं। बरसात में आए दिन हादसे की आशंका बनी रहती है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव तक पहुंचने का यही एकमात्र रास्ता है। हर वर्ष वे अपने स्तर पर अस्थायी पुलिया बनाते हैं लेकिन बरसात शुरू होते ही तेज बहाव में वह बह जाती है। इस साल भी अस्थायी पुलिया बह चुकी है जिसके बाद बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों तक को एक-दूसरे का हाथ पकड़कर मानव शृंखला बनाकर नदी पार करनी पड़ रही है।
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पुलिया नहीं होने से टमाटर, फ्रेंचबीन और शिमला मिर्च जैसी नगदी फसलें भी समय पर मंडी नहीं पहुंच पा रही हैं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। एडवोकेट सचिन कुमार ने कहा कि ग्रामीण नई सड़क नहीं बल्कि आपदा में बह चुकी आरसीसी पुलिया का पुनर्निर्माण चाहते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ तो ग्रामीणों के साथ मिलकर पुरोला मोटर मार्ग पर धरना-प्रदर्शन और चक्का जाम किया जाएगा। साथ ही विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को इसका राजनीतिक जवाब देने की बात भी कही।
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