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Uttarkashi News: ग्रामीणों ने दूरस्थ खेतों में फसल की बुवाई ही छोड़ी
Sat, 25 Jul 2026 05:23 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sat, 25 Jul 2026 05:23 PM IST
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नौगांव (उत्तरकाशी)। क्षेत्र में लगातार बढ़ रही लावारिस पशुओं की संख्या अब किसानों के लिए बड़ी समस्या बन गई है। खेतों में खड़ी फसल और घास को नुकसान पहुंचने से कई ग्रामीणों ने गांव से दूर स्थित तोकों में खेती करना ही बंद कर दिया है।
पशुपालन विभाग पर भी सवाल उठ रहे हैं कि टैग लगे पशुओं की पहचान कर जिम्मेदार पशुपालकों के खिलाफ कभी प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई जिससे आवारा पशुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। कई गांवों में महिला मंगल दल अपने क्षेत्र की फसलों को बचाने के लिए पशुओं को खदेड़ रहे हैं, लेकिन वे दूसरे गांवों में पहुंचकर नुकसान पहुंचा रहे हैं। बजलाड़ी गांव के जयेंद्र सिंह राणा का कहना है कि आवारा पशुओं की बढ़ती संख्या गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने सरकार से पशुपालन विभाग की जवाबदेही तय करने, पशुपालकों की पहचान के लिए विशेष अभियान चलाने और पशु छोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। संवाद
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नौगांव (उत्तरकाशी)। क्षेत्र में लगातार बढ़ रही लावारिस पशुओं की संख्या अब किसानों के लिए बड़ी समस्या बन गई है। खेतों में खड़ी फसल और घास को नुकसान पहुंचने से कई ग्रामीणों ने गांव से दूर स्थित तोकों में खेती करना ही बंद कर दिया है।
पशुपालन विभाग पर भी सवाल उठ रहे हैं कि टैग लगे पशुओं की पहचान कर जिम्मेदार पशुपालकों के खिलाफ कभी प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई जिससे आवारा पशुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। कई गांवों में महिला मंगल दल अपने क्षेत्र की फसलों को बचाने के लिए पशुओं को खदेड़ रहे हैं, लेकिन वे दूसरे गांवों में पहुंचकर नुकसान पहुंचा रहे हैं। बजलाड़ी गांव के जयेंद्र सिंह राणा का कहना है कि आवारा पशुओं की बढ़ती संख्या गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने सरकार से पशुपालन विभाग की जवाबदेही तय करने, पशुपालकों की पहचान के लिए विशेष अभियान चलाने और पशु छोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। संवाद
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