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यमुनोत्री हाईवे : टूटी रेलिंग से बढ़ा हादसों का खतरा
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Thu, 21 May 2026 04:13 PM IST
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भंडेलीगाड़ वैकल्पिक पैदल मार्ग पर कराए गए कार्याें की गुणवत्ता पर उठे सवाल
बड़कोट। भंडेलीगाड़–यमुनोत्री वैकल्पिक पैदल मार्ग पर वन विभाग की ओर से कराए गए कार्यों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मार्ग पर कई स्थानों पर लगाई गई रेलिंग टूट चुकी है जिससे श्रद्धालु, घोड़ा-खच्चर संचालकों और स्थानीय लोगों की आवाजाही जोखिम भरी हो गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लाखों खर्च होने के बावजूद कार्य केवल लीपापोती तक सीमित रह गया है। बताया जा रहा है कि रेलिंग निर्माण में कई स्थानों पर मानकों की अनदेखी करते हुए लावारिस पड़ी पेयजल योजना के पाइपों का उपयोग किया गया है।
घोड़ा संचालक मोहन लाल, शैलेंद्र कुमार और अजय सहित अन्य लोगों ने बताया कि मार्ग के कई हिस्सों में स्थिति बेहद खतरनाक बनी है। उनका कहना है कि थोड़ी सी असावधानी किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। घोड़ा-खच्चर संचालकों का कहना है कि बीते दिनों इसी मार्ग पर एक खच्चर फिसलकर गिरने से बाल-बाल बच गया जिससे मार्ग की असुरक्षा को लेकर चिंताएं और बढ़ गई है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि वैकल्पिक पैदल मार्ग को सुरक्षित और सुव्यवस्थित तरीके से विकसित किया जाए।
यमुनोत्री धाम में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के बाद सुबह लगभग 10 से 11 बजे के बीच भंडेलीगाड़–यमुनोत्री वैकल्पिक पैदल मार्ग का उपयोग यात्रियों को धाम की ओर भेजने के लिए किया जाता है। करीब 2.5 किलोमीटर लंबे इस वैकल्पिक पैदल मार्ग के कार्यों के लिए वन विभाग को लगभग 15 लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई थी।
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अब कार्यों की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। इधर डीएफओ रविन्द्र पुंडीर ने कहा कि इसे दिखवाया जाएगा और अभी कुछ और रेलिंग फिटिंग होनी है। यात्रा के चलते नहीं लग पाई यात्रा कम होते ही रेलिंग फिटिंग करवा दी जाएगी।
बड़कोट। भंडेलीगाड़–यमुनोत्री वैकल्पिक पैदल मार्ग पर वन विभाग की ओर से कराए गए कार्यों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मार्ग पर कई स्थानों पर लगाई गई रेलिंग टूट चुकी है जिससे श्रद्धालु, घोड़ा-खच्चर संचालकों और स्थानीय लोगों की आवाजाही जोखिम भरी हो गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि लाखों खर्च होने के बावजूद कार्य केवल लीपापोती तक सीमित रह गया है। बताया जा रहा है कि रेलिंग निर्माण में कई स्थानों पर मानकों की अनदेखी करते हुए लावारिस पड़ी पेयजल योजना के पाइपों का उपयोग किया गया है।
घोड़ा संचालक मोहन लाल, शैलेंद्र कुमार और अजय सहित अन्य लोगों ने बताया कि मार्ग के कई हिस्सों में स्थिति बेहद खतरनाक बनी है। उनका कहना है कि थोड़ी सी असावधानी किसी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। घोड़ा-खच्चर संचालकों का कहना है कि बीते दिनों इसी मार्ग पर एक खच्चर फिसलकर गिरने से बाल-बाल बच गया जिससे मार्ग की असुरक्षा को लेकर चिंताएं और बढ़ गई है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि वैकल्पिक पैदल मार्ग को सुरक्षित और सुव्यवस्थित तरीके से विकसित किया जाए।
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यमुनोत्री धाम में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के बाद सुबह लगभग 10 से 11 बजे के बीच भंडेलीगाड़–यमुनोत्री वैकल्पिक पैदल मार्ग का उपयोग यात्रियों को धाम की ओर भेजने के लिए किया जाता है। करीब 2.5 किलोमीटर लंबे इस वैकल्पिक पैदल मार्ग के कार्यों के लिए वन विभाग को लगभग 15 लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध कराई गई थी।
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