राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी विवाद के बीच आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शुक्रवार (26 जून) को अयोध्या पहुंचे. उन्होंने हनुमानगढ़ी में पूजा-अर्चना की. वहीं राम मंदिर चंदा चोरी मामले में AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के आरोपों पर तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने कहा, "आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम की पवित्र जन्मभूमि अयोध्या आए और राम लला की पूजा-अर्चना भी की। जैसा कि कहावत है, 'नकली फूलों के पीछे असलियत छिपाई नहीं जा सकती और न ही कागज़ के फूलों से खुशबू आ सकती है।' वे यहाँ गंदी राजनीति करने आए थे।"
राम मंदिर चंदा चोरी मामले में AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के आरोपों पर साकेत भवन मंदिर के महंत सीताराम दास ने कहा , "अरविंद केजरीवाल जो आरोप लगा रहे हैं, वे राजनीतिक मकसद से प्रेरित हैं। वे अपनी राजनीति को आगे बढ़ाने और अपनी राजनीतिक स्थिति मजबूत करने के लिए ऐसे हथकंडे अपना रहे हैं। इस तरह की राजनीतिक चालें बेहद निंदनीय हैं और मैं इसकी कड़ी निंदा करता हूं। इसे वही व्यक्ति सच में समझ सकता है जिसकी हमारे पूज्य देवता भगवान राम और सनातन धर्म में आस्था हो। न तो उनकी श्री राम लला के प्रति कोई आस्था या भक्ति है और न ही राम जन्मभूमि के प्रति कोई श्रद्धा है।"
राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी विवाद के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल शुक्रवार, 26 जून को अयोध्या पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले हनुमानगढ़ी में पूजा-अर्चना की और इसके बाद श्री राम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन कर भगवान राम का आशीर्वाद लिया। इस दौरान उनके साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह भी मौजूद रहे। अयोध्या दौरे के दौरान केजरीवाल ने राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और उससे जुड़े विवाद को लेकर भाजपा सरकार तथा जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में केवल छोटे लोगों पर कार्रवाई की जा रही है, जबकि कथित तौर पर बड़े और प्रभावशाली लोगों को बचाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि यदि किसी ने श्रद्धालुओं के चढ़ावे में गड़बड़ी की है तो उसके खिलाफ निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों को कठोर सजा मिलनी चाहिए। साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी अपील की कि इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए और किसी भी आरोपी को राजनीतिक संरक्षण न मिले।
दूसरी ओर, केजरीवाल के आरोपों और अयोध्या दौरे पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि अरविंद केजरीवाल भगवान श्रीराम की पावन जन्मभूमि पर दर्शन करने आए, लेकिन उनका वास्तविक उद्देश्य राजनीति करना था। उन्होंने कहा, “जैसा कि कहावत है, नकली फूलों के पीछे असलियत छिपाई नहीं जा सकती और न ही कागज़ के फूलों से खुशबू आ सकती है। वे यहां गंदी राजनीति करने आए थे।” परमहंस आचार्य ने आरोप लगाया कि धार्मिक आस्था से जुड़े विषयों का राजनीतिक लाभ के लिए उपयोग नहीं किया जाना चाहिए और अयोध्या की गरिमा को बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। इस बीच राम मंदिर के कथित चढ़ावा चोरी मामले में जांच जारी है। विभिन्न एजेंसियां और विशेष जांच दल (SIT) मामले की जांच कर रहे हैं तथा इस प्रकरण में कई लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज होने और कार्रवाई की खबरें भी सामने आई हैं। वहीं राजनीतिक दल इस मुद्दे पर लगातार एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। सरकार का कहना है कि जांच निष्पक्ष ढंग से चल रही है और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, जबकि विपक्ष लगातार जांच की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल उठा रहा है।