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Indian Students in Iran: ईरान में फंसे लोग- छात्र सुरक्षित पहुंचे भारत, हुआ जोरदार स्वागत, सुनाई आपबीती!
वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम Published by: भास्कर तिवारी Updated Sat, 17 Jan 2026 06:30 AM IST
ईरान में जारी अशांति और हालिया संघर्षों के बीच फंसे भारतीय नागरिकों, विशेषकर छात्रों की सुरक्षा को लेकर भारत सरकार पूरी तरह सक्रिय है। ताज़ा जानकारी के अनुसार, जनवरी 2026 में ईरान में बढ़ते तनाव और विरोध प्रदर्शनों के बाद भारत ने अपने नागरिकों को सुरक्षित लाने के लिए निकासी अभियान (Evacuation) की तैयारी पूरी कर ली है।
ईरान में आंतरिक अशांति और बढ़ती हिंसा के कारण भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने वहां फंसे नागरिकों के लिए विशेष उड़ानों का प्रबंध किया है। 16 जनवरी 2026 को तेहरान से दो प्रमुख विमानों के भारत पहुँचने की खबरें हैं। इनमें पहली उड़ान महन एयर (Mahan Air) और दूसरी अल-अरबिया (Al Arabiya) की बताई जा रही है।
सरकार की प्राथमिकता उन छात्रों को निकालने की है जो वहां मेडिकल या अन्य उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, विशेषकर वे जो तेहरान, कोम और इस्फहान जैसे शहरों में फंसे हैं। दिल्ली एयरपोर्ट (IGI) पर पहुंचने वाले छात्रों का परिजनों और अधिकारियों द्वारा जोरदार स्वागत किया गया। छात्र सुरक्षित घर वापसी पर भावुक दिखे और उन्होंने भारत सरकार का आभार व्यक्त किया।
आपको बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब सरकार ने ईरान से रेस्क्यू किया है। जून 2025 में भी जब ईरान और इजराइल के बीच युद्ध जैसी स्थिति बनी थी, तब भारत ने 'ऑपरेशन सिंधु' चलाया था। उस दौरान लगभग 3,597 भारतीयों को सुरक्षित भारत लाया गया था। उस समय कई छात्रों को सड़क मार्ग से पहले आर्मेनिया (Armenia) ले जाया गया और फिर वहां से विशेष विमानों द्वारा दिल्ली लाया गया था।
इनमें मुख्य रूप से जम्मू-कश्मीर के छात्र, तीर्थयात्री और मछुआरे शामिल थे। भारतीय दूतावास (तेहरान) ने छात्रों के लिए 24x7 इमरजेंसी हेल्पलाइन जारी की है। विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ईरानी विदेश मंत्री से लगातार संपर्क बनाए रखा है। चूंकि ईरान में कई जगहों पर इंटरनेट सेवाएं बंद हैं, इसलिए भारतीय दूतावास के अधिकारी व्यक्तिगत रूप से या अन्य साधनों से छात्रों के हॉस्टल तक पहुँचकर उनकी जानकारी जुटा रहे हैं।
वापस लौटे छात्रों ने बताया कि वहां स्थिति काफी तनावपूर्ण थी। इंटरनेट बंद होने से घर वालों से संपर्क करना मुश्किल हो गया था और जरूरी सामान की भी किल्लत होने लगी थी। दिल्ली पहुँचने पर छात्रों ने "भारत माता की जय" के नारे लगाए और कहा कि उन्हें अपनी सरकार पर पूरा भरोसा था।
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