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प्रफुल्ल पटेल पर संजय राउत का बड़ा दावा
अमर उजाला डिजिटल डॉट कॉम Published by: आदर्श Updated Wed, 04 Feb 2026 09:27 PM IST
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महाराष्ट्र की सियासत में अजित पवार के निधन के बाद उठी हलचल अब तेज जुबानी जंग में बदलती दिख रही है। शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल पर सीधा हमला बोला है। राउत ने आरोप लगाया कि प्रफुल्ल पटेल अपनी पार्टी से ज्यादा भारतीय जनता पार्टी के करीब हैं और एनसीपी के भीतर उनकी भूमिका पर भी सवाल खड़े किए।
बुधवार को मीडिया से बातचीत में संजय राउत ने कहा कि एनसीपी की पहचान शरद पवार से जुड़ी है, न कि किसी और से। उन्होंने तीखे शब्दों में कहा, “एनसीपी पवारों की पार्टी है, पटेलों की नहीं।” राउत ने यह भी दावा किया कि एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे का झुकाव भी भाजपा की ओर है।
राउत यहीं नहीं रुके। उन्होंने प्रफुल्ल पटेल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का “बड़ा भक्त” होने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि पटेल को वही करना चाहिए, जो महाराष्ट्र और मराठी मानुष के हित में स्वीकार्य हो।
दरअसल, यह सियासी बयानबाजी प्रफुल्ल पटेल के एक दिन पहले दिए गए बयान के बाद तेज हुई। पटेल ने कहा था कि वह एनसीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की दौड़ में नहीं हैं। गौरतलब है कि यह पद दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार के पास था, जिनकी पिछले हफ्ते एक विमान हादसे में मौत हो गई थी।
पटेल ने यह भी कहा था कि अजित पवार के निधन के बाद पार्टी के अंदरूनी फैसलों पर ऐसे लोग टिप्पणी कर रहे हैं, जिनका एनसीपी से कोई लेना-देना नहीं है। उनके इस बयान को पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर बढ़ती खींचतान से जोड़कर देखा जा रहा है।
अजित पवार के अचानक निधन के बाद से ही विपक्षी दलों का आरोप है कि प्रफुल्ल पटेल एनसीपी की कमान अपने हाथ में लेना चाहते हैं। संजय राउत ने भी इसी संदर्भ में कहा कि महाराष्ट्र की राजनीति में जो भी टूट-फूट हुई है, उसके पीछे भाजपा की भूमिका रही है।
राउत ने दावा किया कि मूल एनसीपी और शिवसेना में हुई टूट के लिए भाजपा जिम्मेदार है। उन्होंने याद दिलाया कि एनसीपी की स्थापना शरद पवार ने और शिवसेना की स्थापना बाल ठाकरे ने की थी, लेकिन आज दोनों ही दलों को कमजोर करने की कोशिश की गई।
राज्य की स्थानीय राजनीति पर बात करते हुए संजय राउत ने चंद्रपुर नगर निगम के महापौर पद को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि 66 सीटों वाले चंद्रपुर नगर निगम में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। कांग्रेस को 27, भाजपा को 23 और शिवसेना (यूबीटी) को छह सीटें मिली हैं, जबकि बसपा और शिवसेना को एक-एक सीट हासिल हुई है।
राउत ने बताया कि शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने पार्टी के पार्षदों को साफ निर्देश दिए हैं कि भाजपा के साथ किसी भी तरह का गठबंधन नहीं किया जाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि आगे की रणनीति छोटे दलों और स्थानीय समीकरणों पर निर्भर करेगी।
अजित पवार के निधन के बाद एनसीपी के भीतर नेतृत्व को लेकर उठे सवाल और शिवसेना (यूबीटी) के तीखे हमले यह संकेत दे रहे हैं कि महाराष्ट्र की राजनीति में आने वाले दिनों में तनाव और बढ़ सकता है। प्रफुल्ल पटेल पर संजय राउत का हमला सिर्फ एक बयान नहीं, बल्कि बदलते सियासी समीकरणों की झलक माना जा रहा है।
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