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TMC Delegation Meets CEO West Bengal: TMC delegation again raises questions on voter problems!
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TMC Delegation Meets CEO West Bengal: वोटर की परेशानियों पर TMC प्रतिनिधिमंडल ने फिर दागे सवाल!
वीडियो डेस्क, अमर उजाला डॉट कॉम Published by: भास्कर तिवारी Updated Thu, 15 Jan 2026 03:00 AM IST
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पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री शशि पांजा ने कहा, "तृणमूल कांग्रेस की ओर से 5 सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल CO कार्यालय में आया। वोटर की परेशानियों को संज्ञान में लेकर आज हम फिर से CO कार्यालय में आए हैं। पहली बात यह कि तार्किक विसंगतियों के नाम पर अब तक किन लोगों को बुलाया जा रहा है और किस कारण से बुलाया जा रहा है, इसका डेटा उपलब्ध नहीं है। दूसरी बात यह कि कल बांकुड़ा में एक घटना घटी जहां एक गाड़ी में करीब 7 से 8 हजार फॉर्म 7 पाए गए... थोक मात्रा में जो फॉर्म 7 जमा किए जा रहे हैं। ये कैसे हो सकता है? हमने पूछा कि इसे लेकर चुनाव आयोग क्या कदम उठाएगा। CO पश्चिम बंगाल कार्यालय की तरफ से ECI कार्यालय में मेल भेजा गया है...बल्क सबमिशन वाली बात बहुत संदेहास्पद है.सुनवाई भी चल रही है... दस्तावेजों को हमारी तरफ से जमा किया गया है लेकिन उसका कोई प्रमाण हमारे पास नहीं है
जिन मतदाताओं के डेटा में सॉफ्टवेयर ने गड़बड़ी पकड़ी है, उन्हें व्यक्तिगत रूप से अधिकारियों के सामने पेश होकर अपनी नागरिकता और पते के दस्तावेज दिखाने को कहा गया है। हाल ही में नोबेल विजेता अमर्त्य सेन के नाम की स्पेलिंग में गलती को लेकर भी उन्हें नोटिस दिए जाने की खबरें आईं, जिस पर टीएमसी ने कड़ा विरोध जताया। हालांकि, बाद में आयोग ने स्पष्ट किया कि उन्हें पेश होने की आवश्यकता नहीं है। अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग "आक्रामक" रुख अपना रहा है और बंगाल को बदनाम करने की साजिश रची जा रही है।
आयोग द्वारा 'लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी' के नाम पर लाखों लोगों को नोटिस भेजे गए हैं (जैसे एक ही पिता के 6 से अधिक बच्चे होना या उम्र का अंतर कम होना)। टीएमसी ने इसे मतदाताओं को परेशान करने वाला बताया। टीएमसी ने आयोग से पूछा कि जिन लोगों के नाम हटाए गए हैं, उनमें से कितने 'घुसपैठिए' या 'रोहिंग्या' हैं, जैसा कि विपक्षी दल (बीजेपी) दावा कर रहे हैं।
हाल ही में नोबेल विजेता अमर्त्य सेन के नाम की स्पेलिंग में गलती को लेकर भी उन्हें नोटिस दिए जाने की खबरें आईं, जिस पर टीएमसी ने कड़ा विरोध जताया। हालांकि, बाद में आयोग ने स्पष्ट किया कि उन्हें पेश होने की आवश्यकता नहीं है। अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग "आक्रामक" रुख अपना रहा है और बंगाल को बदनाम करने की साजिश रची जा रही है।
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