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TMC Political Crisis: Amidst growing rebellion in TMC, Humayun Kabir's claim creates political earthquake in B
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TMC Political Crisis: TMC में बढ़ती बगावत के बीच हुमायूं कबीर के दावे से बंगाल में आया सियासी भूचाल!
वीडियो डेस्क अमर उजाला डॉट कॉम Published by: Bhaskar Tiwari Updated Thu, 04 Jun 2026 06:30 AM IST
पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर ने पार्टी की आंतरिक कार्यप्रणाली और नेतृत्व से जुड़े मुद्दों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी द्वारा कुछ विधायकों को महत्वपूर्ण बैठकों और निर्णय प्रक्रिया से दूर रखा गया, जिससे पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ा है। हुमायूं कबीर ने यह भी कहा कि शोभनदेव चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता चुने जाने की प्रक्रिया पारदर्शी नहीं थी और इसमें सभी संबंधित पक्षों की राय को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी स्वयं अपनी सीट से चुनाव हार गई थीं, लेकिन पार्टी के विधायकों द्वारा बहुमत हासिल किए जाने के बाद उन्हें विधायक दल का नेता चुना गया और बाद में वह मुख्यमंत्री बनीं। कबीर ने इस प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप सभी निर्णय व्यापक सहमति और स्पष्ट प्रक्रिया के आधार पर होने चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यदि किसी राजनीतिक प्रक्रिया में कथित तौर पर फर्जी हस्ताक्षरों या विवादित दस्तावेजों का उपयोग किया जाता है, तो उसे स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। अपने बयान में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी और विपक्षी राजनीति का भी उल्लेख करते हुए दावा किया कि राज्य की राजनीतिक परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं।
कबीर ने कहा कि टीएमसी के भीतर असंतोष लगातार बढ़ रहा है और कई विधायक पार्टी नेतृत्व के फैसलों पर सवाल उठा रहे हैं। उनके अनुसार, पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेता और विधायक खुलकर अपनी नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं, जिससे संगठन के भीतर मतभेदों की चर्चा तेज हो गई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि आने वाले दिनों में पश्चिम बंगाल की राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम देखने को मिल सकते हैं और टीएमसी को अपने संगठनात्मक ढांचे तथा नेतृत्व संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, इन दावों और आरोपों पर टीएमसी की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्य की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप और शक्ति संतुलन की यह लड़ाई आने वाले समय में और तेज हो सकती है। फिलहाल हुमायूं कबीर के इस बयान ने पश्चिम बंगाल के राजनीतिक माहौल को और अधिक गर्म कर दिया है तथा सभी दल आगामी घटनाक्रमों पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।
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